{"_id":"6116ddfc8ebc3ee08b73727d","slug":"check-issued-of-closed-check-meerut-news-mrt551791041","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: पंजाब के व्यापारी ने मेरठ से खरीदा 23 लाख का इलेक्ट्रॉनिक सामान, रुपये के बदले थमा दिए बंद हो चुके बैंक अकाउंट के चेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: पंजाब के व्यापारी ने मेरठ से खरीदा 23 लाख का इलेक्ट्रॉनिक सामान, रुपये के बदले थमा दिए बंद हो चुके बैंक अकाउंट के चेक
Mon, 16 Aug 2021 03:25 PM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 16 Aug 2021 03:25 PM IST
सार
पंजाब के व्यापारी ने मेरठ से 23 लाख रुपये से ज्यादा का इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदा। वहीं रुपये के बदले में व्यापारी ने बंद हो चुके बैंक अकाउंट के चेक थमा दिए।
विज्ञापन
मेरठ पुलिस
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब की फर्म ने 23.60 लाख का इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदकर दुकानदार को बंद बैंक खाते के चेक थमा दिए। महीनों चक्कर काटने के बाद जब रुपये नहीं मिले तो पीड़ित ने एसएसपी मेरठ से शिकायत की। लालकुर्ती थाने में फर्म संचालक व उसके पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
मूल रूप से मुरादाबाद निवासी अंकेश गुप्ता की लालकुर्ती थाना क्षेत्र के छीपी टैंक स्थित निर्भय आर्किड में मैसर्स एनगेट टैकोविजन प्राइवेट लिमिटेड नाम से फर्म है। वह इलेक्ट्रॉनिक सामान के डीलर हैं। अंकेश के अनुसार करीब एक वर्ष पूर्व उनके ऑफिस पर जीरकपुर पंजाब निवासी राहुल जैन अपने पिता अशोक कुमार जैन के साथ पहुंचे थे।
विज्ञापन
पिता-पुत्र ने सामान खरीदने के लिए डील की, जिसमें उनके यहां से पांच अक्तूबर, 2019 को 3.45 लाख, आठ अक्तूबर, 2019 को 3.45 लाख, 11 अक्तूबर को 4.90 लाख और 22 अक्तूबर को 11.80 लाख रुपये का सामान सहित कुल 23.60 लाख का माल खरीदा गया। सामान की एवज में समय-समय पर उनके द्वारा ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स चंडीगढ़ के कुछ चेक दिए गए।
विज्ञापन
उन्होंने चेक अपने बैंक अकाउंट में लगाए तो वह वापस आने शुरू हो गए। जानकारी करने पर पता लगा कि जिस अकाउंट से यह चेक जारी किए गए हैं, वह काफी पहले ही बंद हो चुका है। आरोपियों ने पूरे भुगतान का आश्वासन दिया। कुछ दिन बाद भुगतान करने से इनकार कर दिया। इंस्पेक्टर अतर सिंह ने बताया कि मुकदमा पंजीकृत कर तफ्तीश शुरू कर दी गई है।