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कॉलेजों की लापरवाही हजारों छात्रों पर भारी
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Mon, 31 Aug 2015 12:58 AM IST
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सीसीएसयू के कॉलेजों की लापरवाही के कारण हजारों छात्रों का रिजल्ट रुक गया है। 80 कॉलेजों ने विवि को एमए वायवा के नंबर अभी तक नहीं भेजे हैं। रिजल्ट तैयार करते समय जब यह पता चला तो अब विवि के अधिकारी कॉलेजों के प्रिंसिपल को फोन कर रहे हैं। कॉलेज ही नहीं विवि के कई विभाग इस मामले में फिसड्डी हैं। कैंपस के चार विभागों ने भी प्रैक्टिकल के नंबर नहीं दिए हैं।
विवि का रिजल्ट लेट होने पर हाय तौबा मची है। छात्र प्रदर्शन और अधिकारियों का घेराव कर रहे हैं। विवि अब यह मानकर चल रहा था कि प्रैक्टिकल और वायवा के सभी कॉलेजों के नंबर आ गए हैं। लेकिन 100 से अधिक कॉलेज के अभी तक प्रैक्टिकल और वायवा के नंबर नहीं आए हैं। इस वजह से रिजल्ट अटका है।
एमए फाइनल ईयर का रिजल्ट घोषित करने में इसलिए देरी हो रही है करीब 80 कॉलेजों ने वायवा के नंबर विवि नहीं पहुंचाए। अब रजिस्ट्रार की ओर से कॉलेजों के प्रिंसिपलों को फोन किया जा रहा है। यही हाल एमएससी के रिजल्ट का भी है। एमएससी में 29 कॉलेजों ने प्रैक्टिकल के नंबर नहीं भेजे हैं। अहम बात यह है कि विवि कैंपस के चार विभागों ने भी अभी तक गोपनीय विभाग प्रैक्टिकल के नंबर नहीं भेजे। इस वजह से रिजल्ट घोषित नहीं किया जा रहा। पीजी फाइनल ईयर का रिजल्ट जल्द घोषित होने की उम्मीद है, लेकिन जिन कॉलेजों की ओर से नंबर नहीं आए, उनका रिजल्ट रोका जा सकता है।
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ऑनलाइन से भी लाभ नहीं
विवि ने इंटरनल के नंबर ऑनलाइन भेजने की व्यवस्था की थी, लेकिन इसका लाभ नहीं हुआ। कॉलेजों ने नंबर भेजने में लापरवाही दिखाई है। कुछ ने तो ऑनलाइन नंबर भेजे ही नहीं, हार्डकॉपी विवि भेजी। कुछ ने ऑनलाइन भेज दिए थे हार्डकॉपी नहीं भेजी। अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
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विवि का रिजल्ट लेट होने पर हाय तौबा मची है। छात्र प्रदर्शन और अधिकारियों का घेराव कर रहे हैं। विवि अब यह मानकर चल रहा था कि प्रैक्टिकल और वायवा के सभी कॉलेजों के नंबर आ गए हैं। लेकिन 100 से अधिक कॉलेज के अभी तक प्रैक्टिकल और वायवा के नंबर नहीं आए हैं। इस वजह से रिजल्ट अटका है।
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एमए फाइनल ईयर का रिजल्ट घोषित करने में इसलिए देरी हो रही है करीब 80 कॉलेजों ने वायवा के नंबर विवि नहीं पहुंचाए। अब रजिस्ट्रार की ओर से कॉलेजों के प्रिंसिपलों को फोन किया जा रहा है। यही हाल एमएससी के रिजल्ट का भी है। एमएससी में 29 कॉलेजों ने प्रैक्टिकल के नंबर नहीं भेजे हैं। अहम बात यह है कि विवि कैंपस के चार विभागों ने भी अभी तक गोपनीय विभाग प्रैक्टिकल के नंबर नहीं भेजे। इस वजह से रिजल्ट घोषित नहीं किया जा रहा। पीजी फाइनल ईयर का रिजल्ट जल्द घोषित होने की उम्मीद है, लेकिन जिन कॉलेजों की ओर से नंबर नहीं आए, उनका रिजल्ट रोका जा सकता है।
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ऑनलाइन से भी लाभ नहीं
विवि ने इंटरनल के नंबर ऑनलाइन भेजने की व्यवस्था की थी, लेकिन इसका लाभ नहीं हुआ। कॉलेजों ने नंबर भेजने में लापरवाही दिखाई है। कुछ ने तो ऑनलाइन नंबर भेजे ही नहीं, हार्डकॉपी विवि भेजी। कुछ ने ऑनलाइन भेज दिए थे हार्डकॉपी नहीं भेजी। अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।