सीसीएसयू कैंपस और कॉलेजों से एमफिल, एलएलएम में एंट्रेंस फॉर्म भरने की तिथि बढ़ाई, 15 तक मौका
सीसीएययू कैंपस और कॉलेजों में एमएड, एमफिल, एलएलएम, बीपीएड, एमपीएड, बीपीईएस, एमपीईएस, बीएससी नर्सिंग, बीएससी फिजिकल एजुकेशन, हेल्थ एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स में एडमिशन एंट्रेंस टेस्ट के जरिए किए जाएंगे। ऑनलाइन एंट्रेंस एग्जाम केलिए फार्म 20 अप्रैल से सीसीएसयू की वेबसाइट पर भरे जा रहे हैं। पहले इसकी अंतिम तिथि 10 मई थी लेकिन छात्रों की मांग पर अंतिम तिथि अब बढ़ाकर 15 की गई है।
पीएचडी नियमावली में अपने सीसीएसयू से एमफिल डिग्री धारकों को पीएचडी प्रवेश परीक्षा से छूट प्रदान की गई है। यानी इसके अतिरिक्त एमफिल डिग्री धारकों को प्री-पीएचडी कोर्स वर्क से भी छूट प्रदान की गई है। वह सीधे आरडीसी में हिस्सा ले सकते हैं। साथ ही कोर्स वर्क में दिया जाने वाले 25 हजार रुपये भी उनको नहीं देने होंगे।
गर्वंमेंट एडेड में : एजुकेशन, जेनेटिक्स एंड प्लंट ब्रीडिंग, हॉर्टीकल्चर, अंग्रेजी, इकोनॉमिक्स, इतिहास, राजनीति शास्त्र, साइकोलॉजी, सोशोलॉजी, उर्दू, बॉटनी, केमेस्ट्री, मैथ, फिजिक्स, स्टेटिक्स, जूलॉजी, हिंदी, माइक्रोबायलॉजी।
सेल्फ फाइनेंस में: संस्कृत, जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन एजुकेशन, फिजिकल एजुकेशन शामिल हैं।
आरडीसी के मुद्दे पर शिक्षकों को किया जा रहा भ्रमित
पंजीकृत मूटा अध्यक्ष ने जहां मूटा द्वारा 13 मई को धरने के ऐलान को गलत बताया है वहीं, मूटा अध्यक्ष ने कहा है कि आरडीसी व बोर्ड ऑफ स्ट्डीज के मुद्दे पर अगर संतराम कुलपति से वार्ता करने गए थे। तो ऐसे में उनको भी 13 मई को हमारे साथ धरने पर बैठना चाहिए। चौधरी चरण सिंह शिक्षक संघ पंजीकृत-मूटा की शुक्रवार को बैठक अध्यक्ष डॉ. संतराम और सचिव डॉ. शिव कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में शिक्षकों को परीक्षा संबंधी पारिश्रमिक व दैनिक भत्तों का भुगतान बढ़ी दरों से करने, नकल कराने वाले केंद्रों को डिबार करने पर कुलपति प्रो. एनके तनेजा का आभार व्यक्त किया।
पीएचडी प्रवेश परीक्षा व कॉलेज शिक्षकों को शोध कार्य हेतु शोध परीक्षा से मुक्त करने के निर्णय की भी सराहना की गई। इसके साथ ही कहा गया कि सदस्य पिछले सप्ताह कुलपति से मिले थे और उन्होंने आरडीसी व बोर्ड ऑफ स्ट्डीज के मुद्दे पर वार्ता की थी। जिस पर कुलपति ने विचार करने का आश्वासन दिया था। बैठक में कहा गया कि डॉ. जय कुमार सरोहा पिछली मूटा में पांच साल तक उपाध्यक्ष रहे। वर्तमान में वह मूटा के दो साल से महामंत्री है। दो वर्ष का कार्यकाल पूरा हो गया है। अब वह आरडीसी और बोर्ड ऑफ स्ट्डीज के मुद्दे को उठाकर शिक्षकों को गुमराह कर रहे हैं।
शिक्षकों को उकसाकर 13 मई को धरने के लिए बुला रहे हैं। जो कि गलत है। बैठक में डॉ. शिव कुमार, डॉ. योगेंद्र, डॉ. एसपी त्यागी, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. अनिल गुप्ता, डॉ. अजय चौधरी, डॉ. एनके पूर्थी, डॉ. दुबे, डॉ. संजय सिंह, डॉ. राजेंद्र पंवार और डॉ. रविंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। वहीं, इस मामले में मूटा की अध्यक्ष निवेदिता मलिक का कहना है कि जैसा कि संतराम ने कहा है कि आरडीसी व बोर्ड ऑफ स्ट्डीज के मुद्दे पर उन्होंने भी कुलपति से बात की थी तो हम इस मामले में उनका स्वागत करते हैं। ऐसे में वह भी हमारे साथ 13 मई को धरने पर बैठें। आरडीसी में कॉलेजों के शिक्षकों का प्रतिनिधित्व खत्म कर दिया है। यह गलत है। इस निर्णय पर वह हमारा साथ दें।