2019-20 स्पेशल बैक परीक्षा : एक सितंबर से भरे जाएंगे फॉर्म, प्रयोगात्मक परीक्षा की जगह मिलेंगे छात्रों को 15 अंक
एक साल कालबाधित वाले छात्रों को पांच हजार और दो साल कालबाधित वाले छात्रों को 10 हजार रुपये शुल्क जमा करके परीक्षा फॉर्म भरने की छूट दी गई। सभी पाठ्यक्रमों के सभी प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक ऑनलाइन मोड में ही स्वीकार किए जाएंगे।
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एक और दो साल कालबाधित वाले छात्र-छात्राओं को भी अतिरिक्त शुल्क देकर परीक्षा में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही पहले फॉर्मूले पर छात्र-छात्राओं का प्रोन्नति रिजल्ट जल्द जारी किया जाएगा। गुरुवार को परीक्षा समिति की बैठक में यह निर्णय लिए गए हैं।
कैंपस में परीक्षा समिति की बैठक कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार तनेजा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिन कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के आंतरिक अंक अपलोड करने के लिए रह गए थे उन्हें अनुमति दी गई है।
एक साल कालबाधित वाले छात्रों को पांच हजार और दो साल कालबाधित वाले छात्रों को 10 हजार रुपये शुल्क जमा करके परीक्षा फॉर्म भरने की छूट दी गई। सभी पाठ्यक्रमों के सभी प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक ऑनलाइन मोड में ही स्वीकार किए जाएंगे। इसमें चिकित्सा के भी शामिल हैं। मूल्यांकन केंद्रों पर प्रतिदिन 100 की जगह परीक्षकों को 150 कॉपी दिए जाने का निर्णय लिया गया।
रामा मेडिकल कॉलेज पिलखुआ हापुड़ के एमबीबीएस थर्ड पार्ट वन अवार्ड लिस्ट में ओवर राइटिंग होने के कारण आठ छात्रों का रिजल्ट रोकते हुए शेष छात्रों का परीक्षा परिणाम घोषित करने का निर्णय लिया गया। रोके गए आठ छात्रों के रिजल्ट के लिए कमेटी का गठन किया गया है।
प्रयोगात्मक परीक्षा नहीं होने के कारण छात्रों को औसत अंक में 15 अंक जोड़ते हुए प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक दिए जाएंगे। बैठक में प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला, कुलसचिव धीरेंद्र कुमार वर्मा, सहायक कुलसचिव कमल कृष्णा, प्रो. नवीन चंद्र लोहानी, प्रो. मृदुल गुप्ता, प्रो. हरे कृष्णा, प्रो. बीरपाल सिंह, प्रो. एसएस गौरव, डॉ. अंजली मित्तल, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. अंजू सिंह, डॉ. मीना कुमारी, मितेंद्र कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।
बीएससी गणित में मिलेंगे अधिक कोड वाले नंबर
बीएससी तृतीय गणित के छात्रों ने दो कोड के पेपर दिए थे। एक कोड-326 कोरोना से पहले और दूसरा कोड-327-328 कोरोना के बाद। दूसरे कोड की परीक्षा में छात्रों को कहा गया था कि वे तीनों कोड में से सिर्फ एक की ही परीक्षा दे सकते हैं। छात्रों ने कोड-328 को कठिन बताया था। इस मामले में निर्णय लिया गया कि जिस कोड में छात्र के सर्वाधिक नंबर होंगे, वो ही दिए जाएंगे।