CBSE 12th Result: बहुत हुए बोर, अब कॉलेज में होगा शोर, डीयू बनी मेरठ के छात्र-छात्राओं की पहली पसंद
सीबीएसई के अधिकतर छात्र-छात्राओं ने बाहर से ही पढ़ने की बात कही। मेरठ में बहुत कम ही छात्र-छात्राएं एडमिशन लेना चाहते हैं।
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कोरोना की वजह से पेपर नहीं हुए तो पहले से ही सभी छात्र-छात्राओं को रिजल्ट मालूम था। हां, नंबरों की चिंता इसलिए थी कि अब आगे कॉलेज में जो एडमिशन लेना है। जो नीट और जेईई की तैयारी कर रहे हैं, वे कम नंबरों पर भी संतुष्ट दिखे। उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य दूूसरा है। जिनको डीयू में एडमिशन लेना है, वे नंबरों को लेकर ज्यादा उत्सुक दिखे। छात्र-छात्राओं ने बताया कि घर में इतने दिन से बोर हो गए हैं।
अब तो सबकुछ खुल जाए। एडमिशन लें और कॉलेज की शुरुआत हो। हर कोई ग्रेजुएशन और दूसरे कोर्सों में एडमिशन के लिए उत्साहित नजर आया। छात्र-छात्राओं का कहना था कि कोरोना के चलते पूरे साल स्कूल में नहीं आ सके। ऑनलाइन पढ़ाई ही करनी पड़ी। पेपर भी ऐसे ही गए। अब तो एडमिशन हों और कॉलेज में पढ़ाई करें।
जिनको इंजीनियरिंग और मेडिकल में एडमिशन लेना है, उनको छोड़ भी दें तो बाकी सभी छात्र-छात्राओं की पसंद भी बाहर के ही कॉलेज रहे। कोई डीयू में जाना चाहता है तो कोई बाहर की प्राइवेट यूनिवर्सिटी से पढ़ना चाहता है। सीबीएसई के अधिकतर छात्र-छात्राओं ने बाहर से ही पढ़ने की बात कही। मेरठ में बहुत कम ही छात्र-छात्राएं एडमिशन लेना चाहते हैं। जो सिविल सर्विसेज या दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं, उन्होंने भी यही कहा कि दिल्ली से बेहतर यहां नहीं है। ऐसे में वे वहीं एडमिशन लेंगे।
सीसीएसयू ने की रजिस्ट्रेशन की तैयारी
सीसीएसयू ने भी रिजल्ट को देखते हुए दो अगस्त को एडमिशन को लेकर बैठक बुला ली है। रजिस्ट्रेशन पोर्टल खोलने पर निर्णय लिया जाएगा, ताकि एडमिशन प्रक्रिया शुरू कराई जा सके।
डॉ. हरिओम पंवार की नातिन ने प्राप्त किए 99.8 प्रतिशत अंक
मेरठ। मशहूर वीर रस के कवि मेरठ निवासी डॉ. हरिओम पंवार की नातिन अक्षति ने ह्यूमेनिटीज में 99.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर परिवार का नाम रोशन किया है। अक्षति ने 500 में से 499 अंक प्राप्त किए हैं। अक्षति की माता सुचिता सिंह शिक्षिका हैं, जबकि पिता डॉ. भूपेंद्र सिंह बुलंदशहर के खुर्जा डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर हैं। नातिन के पढ़ाई में अच्छे अंक प्राप्त करने पर डा. हरिओम पंवार ने खुशी जताई।
उन्होंने बताया कि नातिन अक्षति ने डीपीएस बुलंदशहर से 12वीं की परीक्षा पास की है। आज ही दिल्ली विवि में लॉ में प्रवेश के लिए परीक्षा दी है। नातिन लॉ करना चाहती है, उन्होंने अक्षति को शुभकामनाएं दी। कवि सुमनेश सुमन सहित अन्य कवियों ने डॉ. हरिओम पंवार को बधाई दी।
के.एल इंटरनेशनल
कॉमर्स टॉपर - दिव्यांशी रस्तोगी, 97.8 प्रतिशत
अब आगे सीए की तैयारी करूंगी। इससे पहले दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम ऑनर्स में दाखिला लूंगी। पहले हमें बीमारी से बचना जरुरी था। दसवीं में 96.2 प्रतिशत नंबर थे। घर में पिता शिशिर रस्तोगी बिजनेसमैन, माता मोनिका रस्तोगी गृहणी और भाई चैतन्य दसवीं कक्षा में है।
विज्ञान वर्ग टॉपर - ईवा घनशानी, 98.8 प्रतिशत
अब जेईई मेंस की तैयारी करूंगी। इसके लिए शुरुआत कर दी है। दसवीं में 98 प्रतिशत नंबर थे। पिता आत्माराम बिजनेसमैन, माता किरण गृहणी और भाई आदित्य सातवीं कक्षा में है।
ह्यूमेनिटीज टॉपर दिव्या चौहान, 98.6 प्रतिशत
अब विदेश से साइकोलॉजी की पढ़ाई करूंगी। कोरोना की दूसरी लहर में माता कविता चौहान को खो दिया। हालांकि, जिस तरह से कोरोना के दौरान चिंता सहित अन्य बातों ने हावी होने दिया। उससे साफ है कि हमें साइकोलॉजी की तरफ ध्यान देना होगा। इसके लिए मैं आईलेट्स कोर्स करूंगी। मेरा छोटा भाई पृथ्वीराज चौहान भी केएल इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ता है।
मेरठ पब्लिक गर्ल्स स्कूल, शास्त्रीनगर
ह्यूमेनिटीज टॉपर - अमिषा गोयल, 97.8 प्रतिशत
सरकारी नौकरी के लिए तैयारी करूंगी। अगर परीक्षा होती तो नंबर और अधिक आते। दसवीं में 95 प्रतिशत नंबर आए थे। पिता अमित कुमार गोयल केएल इंटरनेशनल स्कूल में जॉब और माता तनु कुमार गोयल गृहणी हैं। भाई कृष गोयल बारहवीं कक्षा में है।
विज्ञान वर्ग टॉपर अंजलि गुप्ता, 97.4 प्रतिशत
मैं इंजीनियरिंग करूंगी। परीक्षा नहीं हुई लेकिन सुरक्षा पहले थीं। दसवीं में 98.6 प्रतिशत अंक थे। पिता अविनाश गुप्ता नौकरी करते हैं और माता सीमा गुप्ता गृहणी हैं। भाई शौर्य गुप्ता कक्षा दो में पढ़ाई कर रहा है। मेरी दादी कुसुम गुप्ता के आशीर्वाद से मुझे सफलता मिली है।
कॉमर्स टॉपर - मालविका शर्मा, 97.4 प्रतिशत
दिल्ली विवि से बैचलर ऑफ मैनेजमेंट करूंगी। सोशल मीडिया से हमेशा दूरी बनाई। अगर हम परीक्षा देते तो अंकों की खुुशी ज्यादा होती। दसवीं में 97.6 प्रतिशत अंक थे। मेरे पिता सुकेश शर्मा बिजनेसमैन, माता मधुलिका गृहणी और भाई अपूर्व भी बिजनेसमैन हैं।
शांति निकेतन विद्यापीठ
कॉमर्स टॉपर - प्रियांशी शर्मा, 97.2 प्रतिशत
मैं बैकिंग क्षेत्र में करियर बनाऊंगी। महिलाओं को आगे ले जाने के लिए कार्य करूंगी। मेरे पिता देवेंद्र कुमार शर्मा जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापक पद पर हैं। वहीं, माता मीनाक्षी शर्मा गृहणी हैं। मैं सफलता का श्रेय स्कूल प्रधानाचार्य, शिक्षकों और माता-पिता को देती हूं।
पूर्वी सिंह ने प्राप्त किए 96 प्रतिशत : केएल स्कूल की छात्रा पूर्वी सिंह ने 96 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल का नाम रोशन किया है। पूर्वी सिंह के पिता विरेंद्र सिंह सिरोही कचहरी में अधिवक्ता है। पूर्वी सिंह ने बताया कि वह कानून के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं।