{"_id":"57d5b9354f1c1bbc6131905c","slug":"cantt-will-be-the-road-to-the-party-smart","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क से लेकर पार्क तक कैंट हो जाएगा स्मार्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क से लेकर पार्क तक कैंट हो जाएगा स्मार्ट
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Mon, 12 Sep 2016 02:26 AM IST
विज्ञापन
मेरठ कैंट बोर्ड की फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक साल के अंदर कैंट और सुंदर हो जाएगा। कैंट बोर्ड ने स्मार्ट कैंट का प्लान तैयार कर उस पर अमल शुरू कर दिया है। कैंट को स्मार्ट बनाने के अभियान में सड़क से लेकर पार्क तक और खूबसूरत नजर आएंगे। रोड साइड चमक उठेंगी। गांधी बाग का नजारा कुछ अलग होगा। शिकायतें और काम ऑनलाइन निपटेंगे। मुख्य सड़कों के लिए बोर्ड प्लानिंग कर रहा है। सफाई और पेयजल व्यवस्था में सुधार होगा।
ऑनलाइन होंगे काम
कैंट को स्मार्ट बनाने के लिए सबसे पहले उसकी वर्किंग को स्मार्ट करने की तैयारी है। इस पर काम चल रहा है। कैंट बोर्ड से जुड़े सभी काम ऑनलाइन होंगे। शिकायत करने से लेकर टैक्स जमा करने तक के काम घर बैठे हो सकेंगे। बात नक्शे की हो या फिर घर के बाहर जमा कूड़ा हटवाने की, इसके लिए कैंट बोर्ड ऑफिस आने की जरूरत नहीं होगी। शिकायत के लिए बोर्ड अपने पोर्टल को अपग्रेड कर रहा है। लैंड के रिकॉर्ड को डिजिटल स्कैन कराया गया है। एक क्लिक पर संपत्ति किसके नाम है और उस पर कब-कब क्या हुआ है, यह पता चल सकेगा। देनदारी और नोटिस की सूचना भी होगी।
हॉस्टल और ओल्ड ऐज बनेगा
इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो कैंट बोर्ड दो इंफ्रास्ट्रक्चर खड़े करने जा रहा है। शहर में वर्किंग वुमन के लिए हॉस्टल बनाया जाएगा। यह शहर का पहला हॉस्टल होगा। इसकी जगह चिह्नित कर ली गई है। पिछले दिनों मध्य कमान से आईं प्रिंसिपल डायरेक्टर दीपा बाजवा ने जगह देखी थी। हॉस्टल 50 से 100 महिलाओं के ठहरने के हिसाब से तैयार किया जाएगा। इसके लिए बोर्ड को सब्सिडी भी मिलेगी। हॉस्टल के अपने रूल होंगे। महिला मेरठ में वर्किंग होनी चाहिए। एक ओल्ड ऐज होम भी तैयार किया जाएगा। इसके लिए बोर्ड ने तीन जगह चिह्नित की है। उनमें से एक को फाइनल किया जाएगा।
विज्ञापन
सड़क, पानी, बिजली पर काम
कैंट की सड़कों को सुंदर बनाया जाएगा। कैंट इलाके की मुख्य सड़क चिह्नित कर ली गई हैं। इन सड़कों की साइड में सौंदर्यीकरण किया जाएगा। मुख्य रोड साइड के लिए बोर्ड ने योजना बनाई है। खराब हो चुकी सड़क दोबारा बनाई जाएंगी। पानी के लेकर बोर्ड ने हाल में सवा दो करोड़ का बजट पास किया है। इस पैसे से पाइपलाइन की मरम्मत का काम किया जा रहा है। वॉटर एटीएम लगाए जाएंगे। जिसमें शुद्ध पानी एक रुपये लीटर दिया जाएगा। सोलर एनर्जी का इस्तेमाल कर बिजली की खपत कम की जाएगी। बोर्ड ऑफिस में सोलर पैनल लग गए हैं। होर्डिंग सोलर एनर्जी पर जलेंगे। फुटपाथ पर एलईडी लगाई जाएंगी।
गांधी बाग सोलर एनर्जी से जगमग होगा
गांधी बाग पर कैंट बोर्ड का फोकस अधिक है। पार्क में जलने वाली सभी लाइटों को सोलर लाइटों में बदला जाएगा। लाइटों के ऊपर सोलर प्लेट लगाई जाएंगी। बाग में 35 फीट का वॉटर फॉल बनाया जाएगा। यह भी सोलर एनर्जी से चलाने की योजना है। शहर का पहला वॉटर फॉल होगा जो सोलर एनर्जी से चलेगा।
पौधारोपण होगा
वैसे तो कैंट हराभरा है ही, लेकिन बोर्ड नजारे को और निखारने के लिए पौधरोपण करेगा। सड़क किनारे करीब पांच हजार पौधे लगाए जाएंगे। पौधे बड़े न होकर छोटे आकार के रहेंगे। यह रंग बिरंगे होंगे। रोड की एक साइड कलर के होंगे तो दूसरी साइड दूसरे कलर के।
मोबाइल नेटवर्क सुधरेगा
कैंट में मोबाइल के सिग्नल की समस्या रहती है। इसके लिए मूवेबल टॉवर लगाने की इजाजत बोर्ड दे चुका है। दो-तीन कंपनियों ने प्रपोजल भी भेजा है। मूवेबल टॉवर लगने से नेटवर्क में सुधार होगा।
स्मार्ट कैंट बनाने की बोर्ड ने प्लानिंग कर ली है। इस पर काम भी शुरू हो गया है। तकनीक के अलावा सुविधाए बेहतरी होगी। आम और खास लोगों का सहयोग और सुझाव लिए जाएंगे। बोर्ड जो निर्णय करेगा, उसका पालन किया जाएगा। स्मार्ट कैंट में न केवल कैंट और खूबसूरत होगा बल्कि वर्किंग में भी स्मार्ट होगा। राजीव श्रीवास्तव, सीईओ
स्मार्ट कैंट के लिए बोर्ड ने काफी मेहनत की है। सभी लोगों को साथ लेकर चलना है। बिना सिविल सपोर्ट के कैंट स्मार्ट नहीं होगा। सब लोगों का साथ लिया जाएगा। कैंट में बिग बाजार शुरू करने का प्रस्ताव जल्द बोर्ड में रखूंगी। हमारे पास जगह भी है। भैसाली मैदान में सप्ताह में एक दिन बिग बाजार नाम से बाजार लगाया जा सकता है। बीना वाधवा, उपाध्यक्ष, कैंट बोर्ड
विज्ञापन
ऑनलाइन होंगे काम
कैंट को स्मार्ट बनाने के लिए सबसे पहले उसकी वर्किंग को स्मार्ट करने की तैयारी है। इस पर काम चल रहा है। कैंट बोर्ड से जुड़े सभी काम ऑनलाइन होंगे। शिकायत करने से लेकर टैक्स जमा करने तक के काम घर बैठे हो सकेंगे। बात नक्शे की हो या फिर घर के बाहर जमा कूड़ा हटवाने की, इसके लिए कैंट बोर्ड ऑफिस आने की जरूरत नहीं होगी। शिकायत के लिए बोर्ड अपने पोर्टल को अपग्रेड कर रहा है। लैंड के रिकॉर्ड को डिजिटल स्कैन कराया गया है। एक क्लिक पर संपत्ति किसके नाम है और उस पर कब-कब क्या हुआ है, यह पता चल सकेगा। देनदारी और नोटिस की सूचना भी होगी।
विज्ञापन
हॉस्टल और ओल्ड ऐज बनेगा
इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो कैंट बोर्ड दो इंफ्रास्ट्रक्चर खड़े करने जा रहा है। शहर में वर्किंग वुमन के लिए हॉस्टल बनाया जाएगा। यह शहर का पहला हॉस्टल होगा। इसकी जगह चिह्नित कर ली गई है। पिछले दिनों मध्य कमान से आईं प्रिंसिपल डायरेक्टर दीपा बाजवा ने जगह देखी थी। हॉस्टल 50 से 100 महिलाओं के ठहरने के हिसाब से तैयार किया जाएगा। इसके लिए बोर्ड को सब्सिडी भी मिलेगी। हॉस्टल के अपने रूल होंगे। महिला मेरठ में वर्किंग होनी चाहिए। एक ओल्ड ऐज होम भी तैयार किया जाएगा। इसके लिए बोर्ड ने तीन जगह चिह्नित की है। उनमें से एक को फाइनल किया जाएगा।
विज्ञापन
सड़क, पानी, बिजली पर काम
कैंट की सड़कों को सुंदर बनाया जाएगा। कैंट इलाके की मुख्य सड़क चिह्नित कर ली गई हैं। इन सड़कों की साइड में सौंदर्यीकरण किया जाएगा। मुख्य रोड साइड के लिए बोर्ड ने योजना बनाई है। खराब हो चुकी सड़क दोबारा बनाई जाएंगी। पानी के लेकर बोर्ड ने हाल में सवा दो करोड़ का बजट पास किया है। इस पैसे से पाइपलाइन की मरम्मत का काम किया जा रहा है। वॉटर एटीएम लगाए जाएंगे। जिसमें शुद्ध पानी एक रुपये लीटर दिया जाएगा। सोलर एनर्जी का इस्तेमाल कर बिजली की खपत कम की जाएगी। बोर्ड ऑफिस में सोलर पैनल लग गए हैं। होर्डिंग सोलर एनर्जी पर जलेंगे। फुटपाथ पर एलईडी लगाई जाएंगी।
गांधी बाग सोलर एनर्जी से जगमग होगा
गांधी बाग पर कैंट बोर्ड का फोकस अधिक है। पार्क में जलने वाली सभी लाइटों को सोलर लाइटों में बदला जाएगा। लाइटों के ऊपर सोलर प्लेट लगाई जाएंगी। बाग में 35 फीट का वॉटर फॉल बनाया जाएगा। यह भी सोलर एनर्जी से चलाने की योजना है। शहर का पहला वॉटर फॉल होगा जो सोलर एनर्जी से चलेगा।
पौधारोपण होगा
वैसे तो कैंट हराभरा है ही, लेकिन बोर्ड नजारे को और निखारने के लिए पौधरोपण करेगा। सड़क किनारे करीब पांच हजार पौधे लगाए जाएंगे। पौधे बड़े न होकर छोटे आकार के रहेंगे। यह रंग बिरंगे होंगे। रोड की एक साइड कलर के होंगे तो दूसरी साइड दूसरे कलर के।
मोबाइल नेटवर्क सुधरेगा
कैंट में मोबाइल के सिग्नल की समस्या रहती है। इसके लिए मूवेबल टॉवर लगाने की इजाजत बोर्ड दे चुका है। दो-तीन कंपनियों ने प्रपोजल भी भेजा है। मूवेबल टॉवर लगने से नेटवर्क में सुधार होगा।
स्मार्ट कैंट बनाने की बोर्ड ने प्लानिंग कर ली है। इस पर काम भी शुरू हो गया है। तकनीक के अलावा सुविधाए बेहतरी होगी। आम और खास लोगों का सहयोग और सुझाव लिए जाएंगे। बोर्ड जो निर्णय करेगा, उसका पालन किया जाएगा। स्मार्ट कैंट में न केवल कैंट और खूबसूरत होगा बल्कि वर्किंग में भी स्मार्ट होगा। राजीव श्रीवास्तव, सीईओ
स्मार्ट कैंट के लिए बोर्ड ने काफी मेहनत की है। सभी लोगों को साथ लेकर चलना है। बिना सिविल सपोर्ट के कैंट स्मार्ट नहीं होगा। सब लोगों का साथ लिया जाएगा। कैंट में बिग बाजार शुरू करने का प्रस्ताव जल्द बोर्ड में रखूंगी। हमारे पास जगह भी है। भैसाली मैदान में सप्ताह में एक दिन बिग बाजार नाम से बाजार लगाया जा सकता है। बीना वाधवा, उपाध्यक्ष, कैंट बोर्ड