यूपी के मेरठ में बीच चौराहे पर पति के साथ मारपीट और खुद के साथ हुई अभद्रता के बाद स्वर्गीय दरोगा की पुत्रवधू फफक-फफक कर रोती रही। थाने पहुंची तो दूसरे पक्ष के लोग वहां जमा हो गए। मामला जब तूल पकड़ने लगा तो भाजपा नेता खुद को बसपा नेता बताने लगा। भाजपा नेता के मुहं से ऐसा सुनकर वहां मौजूद भीड़ हैरान रह गई।
दंपती से अभद्रता पर बिगड़ी बात तो भाजपा नेता खुद को बताने लगा बसपा का, ये था पूरा मामला
बीच सड़क दंपती से अभद्रता की गई, महिला के कपड़े फाड़ दिए गए लेकिन महिला नहीं डरी और डटकर उसका मुकाबला किया। उसने कहा कि चाहे जितने लोग इकट्ठे कर लो। वह बिना मुकदमा दर्ज कराए यहां से नहीं हटेगी। इसके बाद पुलिस ने उस महिला को उसके पति के साथ डॉक्टरी जांच के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया।
जागृति विहार की अनुसूचित जाति की महिला सिस्टम से खासा खफा दिखी। जब भी कोई उससे घटना के बारे में पूछता, वह बिलख पड़ती। इस दौरान उसने सरकार की नीति पर भी सवाल खड़े किए। महिला का कहना था कि सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का केवल ढोंग करती है। बीच चौराहे पर एक महिला के कपड़े फाड़ दिए जाते हैं और पुलिस सत्ता के दबाव में चुपचाप बैठी रहती है। इस बीच महिला की वहां मौजूद लोगों से काफी नोकझोंक भी हुई। मौके की नजाकत को समझते हुए पुलिस ने तत्काल आरोपी युवक, उसके पिता को हिरासत में ले लिया।
थाने में करीब पांच घंटे तक दोनों पक्षों के लोग जमे रहे। एक तरफ जहां भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ वहां एकत्र थी तो वहीं पीड़ित महिला की तरफ से उसके पति, सास और देवर और अन्य लोग मौजूद थे। कई बार उन पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। लेकिन उन्होंने सभी को नजर अंदाज कर दिया। इस दौरान खूब हंगामा होता रहा।
जब भाजपा नेता ने खुद को बताया बसपाई
मेघदूत चौराहे पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा अभद्रता की शिकायत मिलते ही थाने में मीडिया का जमावड़ा लग गया। उस समय भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ थाने में थी। भाजपा आईटी सेल के जिला संयोजक दिग्विजय सिंह और उनके पिता दिगम्बर सिंह चौहान को भी पुलिस थाने ले आई।