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बेकाबू हो गया चिकनगुनिया
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sat, 01 Oct 2016 12:20 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की लापरवाही के चलते चिकनगुनिया बेकाबू हो गया है। शुक्रवार को एक ही दिन में रिकॉर्ड 43 नये मामले सामने आने से दहशत फैल गई। चिकनगुनिया से पीड़ित मरीजों की संख्या 554 तक पहुुंच गई है। विभाग के सभी दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया है कि शुक्रवार को जिन मरीजों में चिकनगुनिया की पुष्टि हुई है उनमें से अकेले 21 से अधिक जागृति विहार और मेडिकल कॉलेज कैंपस एरिया से संबंधित हैं। करीब दो महीने से जागृति विहार और मेडिकल क्षेत्र में बीमारी से हाहाकार मचा है, लेकिन मच्छरों से जनता को निजात दिलाने के लिए महज रस्म अदायगी के लिए फॉगिंग व कंटेनर सर्वे किया जा रहा है। अधिकांश घरों के अंदर लोग बीमारी की चपेट में हैं, लेकिन किसी को उनका दर्द समझ में नहीं आता है। नगर निगम ने फॉगिंग के लिए नयी मशीनें खरीदीं, लेकिन कहां पर चल रही हैं, इसका किसी को पता नहीं है।
आंकड़े बया कर रहे दर्द
नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की नजर में भले ही यह कोई बीमारी न हो, लेकिन आंकड़े जनता का दर्द बताने के लिए काफी हैं। अब तक अकेले मेरठ जिले से चिकनगुनिया के 554 मरीज आ चुके हैं जिसमें से 60 फीसदी से अधिक मरीज जागृति विहार व मेडिकल कालेज क्षेत्र से हैं। अधिकांश घरों में आपको ऐसे लोग मिल जाएंगे, जो ठीक से चल भी नहीं पा रहे हैं। चिकनगुनिया ही नहीं डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। शुक्रवार को 2 नए मामले आए। डेंगू के मरीजों की संख्या भी 142 पहुंच गई है।
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देहात में बुखार से दो छात्रों की मौत
देहात क्षेत्र में बुखार से दो छात्रों की मौत हो गई। परिवारों में कोहराम मच गया। मवाना में मुबारिकपुर रोड निवासी एएस इंटर कॉलेज का छात्र अभिषेक (14) पुत्र राजेंद्र 15 दिन से बुखार से पीड़ित था। इसका इलाज प्राइवेट चिकित्सक के यहां चल रहा था।
शुक्रवार को हालत अधिक खराब हो जाने पर परिजन उसे इलाज के लिए मेरठ ले गए। वहां उसकी मौत हो गई। वहीं बहसूमा में भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष व जिला कार्य समिति के मंत्री अमित गोयल ने बताया कि उसका बेटा आर्यन गोयल (14) कस्बे में स्थित डीपीएम स्कूल में कक्षा सात का छात्र था। उन्होंने बताया कि उसका बेटा बीते दो दिन से बुखार से पीड़ित था। प्राइवेट चिकित्सक के यहां उसका इलाज चल रहा था। अमित गोयल ने बताया कि शुक्रवार सुबह उनके पुत्र के घुटने में दर्द हुआ। कंपाउंडर ने उसे दर्द निवारक इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के बाद उसकी की मौत हो गई। आर्यन की मौत के बाद पूरा परिवार शोक में डूब गया।
बुखार से सोफीपुर में आठवीं मौत
सोफीपुर गांव में चिकनगुनिया के प्रकोप से लगातार हो रही मौतों से लोगोें में आक्रोश है। शुक्रवार को एक दिव्यांग की बुखार से मौत हो गई। गांव निवासी देवकरण (23) पुत्र हरवंश पिछले पांच दिनों से चिकनगुनिया से पीड़ित था। उसने पहले तो सरकारी अस्पताल से दवाई ली, लेकिन जब आराम नहीं लगा तो प्राइवेट चिकित्सकों से अपना इलाज कराया। शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। देवकरण सिलाई का काम करता था। उसके दो बच्चे हैं।
उसकी मौत पर पत्नी ममता का भी रो रो कर बुरा हाल था। वहीं देवकरण की मौत के बाद सोफीपुर गांव में डीएम बी. चंद्रकला और सीएमओ के आने की सूचना थी, लेकिन एडीएम सिटी मुकेश चंद्र गांव पहुंचे। एडीएम सिटी को देख ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों ने गंदगी का मामला उठाया। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से वायरल और चिकनगुनिया की भयंकर बीमारी फैल गई है। जिससे मौतों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। गांव में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। इस दौरान नसीम पासा, नरेश सैनी, योगेंद्र जाटव, रघुवंशी, अनूप, राजेश, रघु मौजूद रहे।
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जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया है कि शुक्रवार को जिन मरीजों में चिकनगुनिया की पुष्टि हुई है उनमें से अकेले 21 से अधिक जागृति विहार और मेडिकल कॉलेज कैंपस एरिया से संबंधित हैं। करीब दो महीने से जागृति विहार और मेडिकल क्षेत्र में बीमारी से हाहाकार मचा है, लेकिन मच्छरों से जनता को निजात दिलाने के लिए महज रस्म अदायगी के लिए फॉगिंग व कंटेनर सर्वे किया जा रहा है। अधिकांश घरों के अंदर लोग बीमारी की चपेट में हैं, लेकिन किसी को उनका दर्द समझ में नहीं आता है। नगर निगम ने फॉगिंग के लिए नयी मशीनें खरीदीं, लेकिन कहां पर चल रही हैं, इसका किसी को पता नहीं है।
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आंकड़े बया कर रहे दर्द
नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की नजर में भले ही यह कोई बीमारी न हो, लेकिन आंकड़े जनता का दर्द बताने के लिए काफी हैं। अब तक अकेले मेरठ जिले से चिकनगुनिया के 554 मरीज आ चुके हैं जिसमें से 60 फीसदी से अधिक मरीज जागृति विहार व मेडिकल कालेज क्षेत्र से हैं। अधिकांश घरों में आपको ऐसे लोग मिल जाएंगे, जो ठीक से चल भी नहीं पा रहे हैं। चिकनगुनिया ही नहीं डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। शुक्रवार को 2 नए मामले आए। डेंगू के मरीजों की संख्या भी 142 पहुंच गई है।
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देहात में बुखार से दो छात्रों की मौत
देहात क्षेत्र में बुखार से दो छात्रों की मौत हो गई। परिवारों में कोहराम मच गया। मवाना में मुबारिकपुर रोड निवासी एएस इंटर कॉलेज का छात्र अभिषेक (14) पुत्र राजेंद्र 15 दिन से बुखार से पीड़ित था। इसका इलाज प्राइवेट चिकित्सक के यहां चल रहा था।
शुक्रवार को हालत अधिक खराब हो जाने पर परिजन उसे इलाज के लिए मेरठ ले गए। वहां उसकी मौत हो गई। वहीं बहसूमा में भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष व जिला कार्य समिति के मंत्री अमित गोयल ने बताया कि उसका बेटा आर्यन गोयल (14) कस्बे में स्थित डीपीएम स्कूल में कक्षा सात का छात्र था। उन्होंने बताया कि उसका बेटा बीते दो दिन से बुखार से पीड़ित था। प्राइवेट चिकित्सक के यहां उसका इलाज चल रहा था। अमित गोयल ने बताया कि शुक्रवार सुबह उनके पुत्र के घुटने में दर्द हुआ। कंपाउंडर ने उसे दर्द निवारक इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के बाद उसकी की मौत हो गई। आर्यन की मौत के बाद पूरा परिवार शोक में डूब गया।
बुखार से सोफीपुर में आठवीं मौत
सोफीपुर गांव में चिकनगुनिया के प्रकोप से लगातार हो रही मौतों से लोगोें में आक्रोश है। शुक्रवार को एक दिव्यांग की बुखार से मौत हो गई। गांव निवासी देवकरण (23) पुत्र हरवंश पिछले पांच दिनों से चिकनगुनिया से पीड़ित था। उसने पहले तो सरकारी अस्पताल से दवाई ली, लेकिन जब आराम नहीं लगा तो प्राइवेट चिकित्सकों से अपना इलाज कराया। शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। देवकरण सिलाई का काम करता था। उसके दो बच्चे हैं।
उसकी मौत पर पत्नी ममता का भी रो रो कर बुरा हाल था। वहीं देवकरण की मौत के बाद सोफीपुर गांव में डीएम बी. चंद्रकला और सीएमओ के आने की सूचना थी, लेकिन एडीएम सिटी मुकेश चंद्र गांव पहुंचे। एडीएम सिटी को देख ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों ने गंदगी का मामला उठाया। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से वायरल और चिकनगुनिया की भयंकर बीमारी फैल गई है। जिससे मौतों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। गांव में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। इस दौरान नसीम पासा, नरेश सैनी, योगेंद्र जाटव, रघुवंशी, अनूप, राजेश, रघु मौजूद रहे।