{"_id":"5f00ce778ebc3e43106cee49","slug":"baghpat-pulse-of-the-newborn-revived-before-burial-died-again-after-two-hours","type":"story","status":"publish","title_hn":"बागपत: दफनाने से पहले फिर चल गई नवजात की नब्ज, दो घंटे बाद फिर मौत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बागपत: दफनाने से पहले फिर चल गई नवजात की नब्ज, दो घंटे बाद फिर मौत
Sun, 05 Jul 2020 12:16 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sun, 05 Jul 2020 12:16 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के बागपत में चांदीनगर थानाक्षेत्र में तीन दिन के नवजात की मौत के बाद गमजदा परिजन उसे दफनाने के लिए जंगल में ले गए। गड्ढा खोद लिया गया। जैसे ही मासूम को गड्ढे में रखा तो उसके शरीर में हरकत दिखाई दी। कफन हटाया गया तो मासूम जिंदा था। परिवार के लोग बच्चे को घर लेकर पहुंचे। डॉक्टर से उपचार कराया, लेकिन दो घंटे बाद फिर उसकी फिर मौत हो गई।
खट्टा गांव निवासी सोनू पुत्र धर्मपाल की पत्नी भारती ने बृहस्पतिवार को मेरठ में बच्चे को जन्म दिया था। जन्म के बाद प्रसूता और नवजात को परिजन घर लेकर आ गए। शनिवार सुबह गांव में बच्चे की तबीयत खराब हुई और उसके शरीर में हरकत बेहद कम थी। गांव से ही एक डॉक्टर को बुलाकर दिखाया गया। डॉक्टर ने बच्चे को मृत बता दिया।
इसके बाद परिवार के लोग गमजदा हो गए। घर में मातम का माहौल बन गया। ग्रामीण और परिजन मासूम को कफन में लपेटकर जंगल में दफनाने पहुंच गए। गड्ढा भी खोद लिया गया। मगर, इसी बीच मासूम के शरीर में हरकत दिखी।
विज्ञापन
लोग वापस गांव पहुंचे। घर में बच्चे के वापस जिंदा लौट आने पर खुशी का माहौल बन गया। दोबारा से डॉक्टर बुलाकर इलाज कराया गया। मगर, दो घंटे बाद बच्चे की फिर मौत हो गई। खुशी का माहौल गम में बदल गया।
सीएचसी अधीक्षक डॉ विभाष राजपूत का कहना है कि प्रकरण की उन्हें जानकारी नहीं है। बीमार होने की स्थिति नब्ज धीमी चलने के कारण हो सकता है ऐसा हो गया हो। इसमें चमत्कार जैसी कोई बात नहीं है।
विज्ञापन
खट्टा गांव निवासी सोनू पुत्र धर्मपाल की पत्नी भारती ने बृहस्पतिवार को मेरठ में बच्चे को जन्म दिया था। जन्म के बाद प्रसूता और नवजात को परिजन घर लेकर आ गए। शनिवार सुबह गांव में बच्चे की तबीयत खराब हुई और उसके शरीर में हरकत बेहद कम थी। गांव से ही एक डॉक्टर को बुलाकर दिखाया गया। डॉक्टर ने बच्चे को मृत बता दिया।
विज्ञापन
इसके बाद परिवार के लोग गमजदा हो गए। घर में मातम का माहौल बन गया। ग्रामीण और परिजन मासूम को कफन में लपेटकर जंगल में दफनाने पहुंच गए। गड्ढा भी खोद लिया गया। मगर, इसी बीच मासूम के शरीर में हरकत दिखी।
विज्ञापन
लोग वापस गांव पहुंचे। घर में बच्चे के वापस जिंदा लौट आने पर खुशी का माहौल बन गया। दोबारा से डॉक्टर बुलाकर इलाज कराया गया। मगर, दो घंटे बाद बच्चे की फिर मौत हो गई। खुशी का माहौल गम में बदल गया।
सीएचसी अधीक्षक डॉ विभाष राजपूत का कहना है कि प्रकरण की उन्हें जानकारी नहीं है। बीमार होने की स्थिति नब्ज धीमी चलने के कारण हो सकता है ऐसा हो गया हो। इसमें चमत्कार जैसी कोई बात नहीं है।