रालोद नेता ने कोर्ट में किया सरेंडर, 2012 में हुआ था मुकदमा दर्ज
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बागपत के बड़ौत में छह साल पहले बकाया गन्ना भुगतान और नलकूप की बढ़ाई गई हॉर्स पॉवर के विरोध में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे जाम करने के मामले में रालोद सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कर्नल ब्रहमपाल सिंह तोमर ने सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। हालांकि उन्हें बाद में जमानत मिल गई।
बड़ौत तहसील में वर्ष 2012 में किसानों ने बकाया गन्ना भुगतान और नलकूप की बढ़ाई गई हॉर्स पॉवर के विरोध में 18 दिनों तक धरना दिया था। समाधान न होने पर किसानों ने तहसील गेट के सामने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर जाम लगा दिया था। पुलिस ने 37 किसानों को नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। छह साल बाद नामजद किसानों के कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी कर दिए गए।
गन्ना विकास समिति मलकपुर के चेयरमैन धूम सिंह समेत 17 किसानों ने पहले ही कोर्ट में समर्पण कर दिया था। तीन किसानों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार को रालोद सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कर्नल ब्रहमपाल सिंह तोमर निवासी बिजरौल ने सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। हालांकि बाद में उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई।
वहीं तोमर ने बताया कि किसान अपने हकों की लड़ाई भी नहीं लड़ सका। सरकार बकाया गन्ना भुगतान नहीं दिला रही है। किसान परेशान है। बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी कर दी है। किसान विरोध करता है तो उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करा दिए जाते हैं। इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। रालोद किसानों की लड़ाई लड़ता रहेगा। झूठे मुकदमों से डरने वाले नहीं है।
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