अपराजिता 100 मिलियन स्माइल: दृढ़ इच्छाशक्ति से इतिहास बदल सकती हैं बेटियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन एवं पुलिस के बालिका सुरक्षा जागरुकता और अमर उजाला फाउंडेशन की अनूठी पहल अपराजिता 100 मिलियन स्माइल अभियान के तहत छात्राओं को जागरूक किया गया। छात्राओं को आत्मरक्षा करने के लिए विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।
गांधी इंटर कॉलेज के हाल में बालिका सुरक्षा जागरुकता अभियान में वक्ताओं ने छात्राओं से कहा कि वह किसी भी उत्पीड़न का मुकाबला करते वक्त हिचकें नहीं, बल्कि हौसले के साथ मुकाबला करें। सरकार ने महिलाओं को सशक्त करने के लिए अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित की है।
किसी भी महिला के प्रति अपराध के अलग- अलग दंड का प्रावधान है। प्रधानाचार्य डॉक्टर मनोज गुप्ता ने बेटियों को आत्मरक्षा के टिप्स दिए, ताकि वह विपरीत परिस्थितियों में आत्मरक्षा कर सकें। अंजना चौहान ने महिला पुलिस सहायता 1090, डायल 100, महिला हेल्पलाइन के बारे में जानकारी दी। कहा कि किसी भी उत्पीड़न की शिकायत 1090 पर कर सकती हैं, उनका नाम गोपनीय रखा जाता है।
एंटी रोमियो की टीम और उप निरीक्षक सुनील कसाना ने छात्राओं को बेझिझक होकर जीने की कला बताई। कहा कि छात्राएं मनचलों द्वारा सरेराह अथवा एकांत में किए जाने वाली हरकत का तुरंत सबक सिखाए। गीता और कविता ने भी महिलाओं की सुरक्षा के लिए अवगत कराया। छात्राओं ने भाषण प्रस्तुत कर आत्मनिर्भर बनने की सीख दी।
इस दौरान छात्राओं ने अपराजिता कार्यक्रम के तहत संकल्प पत्र भरें। इस मौके पर अंजना चौहान, कांस्टेबल शिवानी, अमरीश सिंघल, वरिष्ठ लिपिक स्वतंत्रमणि, मीरा मौर्या, शैंकी गर्ग, मेघराज प्रजापति मौजूद रहे।
किसने क्या कहा...
-सरकार ने समाज में लड़कियों को आगे बढ़ने का मौका दिया है। बदलते दौर में बेटियां दृढ़ इच्छा शक्ति से इतिहास बदल सकती है।
- मनोज गुप्ता प्रधानाचार्य
-पुलिस महिलाओं पर किसी अपराध के लिए सक्रिय है। छात्राएं नि:संकोच होकर समाज में परेशान करने वाले तत्वों की जानकारी पुलिस को दें। डायल 100 पुलिस ने सूचना के तत्काल बाद कई मामलों में बेटियों को उत्पीड़न से बचाया है।
- सुनील कसाना, उप निरीक्षक
- महिलाएं केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा नारी सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उठाएं।
-मीरा मौर्या, शिक्षिका
-महिला हेल्पलाइन का प्रयोग कर ग्रामीण अंचल की लड़कियां शोहदों को सबक सिखा सकती हैं। स्कूल कॉलेज में आती जाती छात्राओं को छेड़छाड़ या फब्तियां कसने वालों को सबक सिखाने में पीछे नहीं हटें और उन्हें मुंहतोड़ जवाब दे।
-अंजना चौहान - समाज सेविका
छात्राएं बोलीं...
-ग्रामीण अंचल में बेटियों की शिक्षा से ही राष्ट्र, समाज और परिवार की तरक्की होगी। बेटियां अब किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं।
-सोफिया त्यागी
-लड़कियां किसी भी अत्याचार और उत्पीड़न से डटकर मुकाबला करें, हिचकें नहीं, बल्कि हौसला रखकर मुसीबत का मुकाबला करें।
-फलक
-संघर्ष के साथ महिलाएं अपनी आवाज बुलंद करें। दहेज की मांग, भ्रूण हत्या और बेटियों के खिलाफ शोषण को कतई बर्दाश्त नहीं करें।
-सना
-लड़कियां किसी भी जुल्म या उत्पीड़न को चुप रहकर बर्दाश्त नहीं करें। इससे अपराधियों के हौसले बुलंद होते है। चुप नहीं खुलकर अत्याचार के खिलाफ मुखर हो।
- फरहीन
-माता-पिता घर में बेटियों को बेटों के बराबर सम्मान दें, तभी देश, समाज और परिवार में खुशहाली आएगी।
-शिवानी रानी
-महिलाएं अपनी क्षमता कभी भी कम आंकने की गलती नहीं करें। यह कहावत बिल्कुल सही है कि जहां नारी का निवास होता है, वहां देवता वास करते हैं।
-महक
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/