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अमित हत्याकांड: यमराज से पति के प्राण छीन लाई थी सावित्री, और ये बन गई भक्षक; पढ़ने लायक है कोर्ट की टिप्पणी
Sat, 17 Oct 2026 07:31 AM IST
Mohd Mustakim
अरिश रिजवी, मेरठ
अरिश रिजवी, मेरठ
Published by: Mohd Mustakim
Updated Sat, 17 Oct 2026 07:31 AM IST
सार
Meerut News: मेरठ के बहसूमा क्षेत्र के गांव अकबरपुर सादात में पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप ने अमित कश्यप की गला घोंटकर हत्या कर दी। सर्पदंश दर्शाने के लिए बिस्तर पर सांप रख दिया, जिसने 10 बार डसा। कोर्ट ने शुक्रवार को रविता और अमरदीप को फांसी की सजा दी है।
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न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर (एडीजे-12) और फैसला आने के बाद अमित की मां।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोर्ट ने दी पत्नी और उसके प्रेमी को फांसी: अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप हत्याकांड में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए बेहद तल्ख और गंभीर टिप्पणियां की हैं। न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर (एडीजे-12) ने भारतीय समाज और संस्कृति के मूल्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या का नहीं है, बल्कि भारतीय वैवाहिक संस्था और पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते पर गहरा प्रहार है।
अदालत ने कहा कि दोषियों ने न केवल सोते हुए असहाय व्यक्ति की हत्या की, बल्कि उसकी चीख दबाने के लिए मुंह और गला घोंटकर उसकी गर्दन की हड्डियां (हायोइड बोन व थायराइड कार्टिलेज) तोड़ दीं। इसके बाद पूरी वारदात को सांप के काटने का रूप देने के लिए एक शातिर फिल्मी साजिश रची।
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अदालत ने कहा कि दोषियों ने न केवल सोते हुए असहाय व्यक्ति की हत्या की, बल्कि उसकी चीख दबाने के लिए मुंह और गला घोंटकर उसकी गर्दन की हड्डियां (हायोइड बोन व थायराइड कार्टिलेज) तोड़ दीं। इसके बाद पूरी वारदात को सांप के काटने का रूप देने के लिए एक शातिर फिल्मी साजिश रची।
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रविता, उसका प्रेमी अमरदीप। पति अमित की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
न्यायालय ने माना कि ऐसी जघन्य घटनाओं से समाज की न्यायिक अंतरात्मा और नैतिक ताना-बाना छिन्न-भिन्न हो जाता है। इसी वारदात से प्रेरित होकर मेरठ और आसपास के इलाकों में अपराध की एक बेहद खतरनाक प्रवृत्ति पनपी, जिसके तहत हस्तिनापुर की चर्चित दामिनी घटना जैसी अन्य वारदातें सामने आईं।
जेल प्रशासन और जिला प्रोबेशन अधिकारी की रिपोर्ट सहित अभियुक्तों के आचरण का अध्ययन करने के बाद कोर्ट इस नतीजे पर पहुंचा कि दोनों दोषियों में अपराध-बोध का पूर्ण अभाव है। इसे देखते हुए अदालत ने माना कि अपराधियों में सुधार की अब कोई गुंजाइश नहीं बची है।
जेल प्रशासन और जिला प्रोबेशन अधिकारी की रिपोर्ट सहित अभियुक्तों के आचरण का अध्ययन करने के बाद कोर्ट इस नतीजे पर पहुंचा कि दोनों दोषियों में अपराध-बोध का पूर्ण अभाव है। इसे देखते हुए अदालत ने माना कि अपराधियों में सुधार की अब कोई गुंजाइश नहीं बची है।
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अमित की मां और भाई।
- फोटो : अमर उजाला
अदालत ने अपने 44 पन्नों के फैसले में बेहद गंभीर बातें कहीं
सनातन आदर्शों का हवाला
कोर्ट ने कहा कि हिन्दू धर्मशास्त्रों में पत्नी को अर्धांगिनी और धर्मपत्नी का दर्जा दिया गया है। हमारे देश में माता सावित्री का आदर्श है, जिन्होंने अपने पति के प्राण यमराज से भी वापस छीन लिए थे। लेकिन इस कलयुगी घटना ने उस पवित्र विश्वास को पूरी तरह तार-तार कर दिया है।
सनातन आदर्शों का हवाला
कोर्ट ने कहा कि हिन्दू धर्मशास्त्रों में पत्नी को अर्धांगिनी और धर्मपत्नी का दर्जा दिया गया है। हमारे देश में माता सावित्री का आदर्श है, जिन्होंने अपने पति के प्राण यमराज से भी वापस छीन लिए थे। लेकिन इस कलयुगी घटना ने उस पवित्र विश्वास को पूरी तरह तार-तार कर दिया है।
संस्कारों पर चोट
न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि जिस पत्नी पर पति ने अपनी जिंदगी और विश्वास की डोर सौंपी थी, उसी ने प्रेमी के मोह में आकर अपने ही सोते हुए पति की सांसें छीन लीं। अगर घर की रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो समाज में विवाह जैसे पवित्र संस्कार से लोगों का विश्वास उठ जाएगा और अनैतिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा।
शास्त्रों के श्लोकों का उदाहरण
समाज में धर्म, नीति और न्याय व्यवस्था को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए न्यायाधीश ने अपने फैसले में मनुस्मृति, आत्रेय संहिता और महाभारत के श्लोकों का उदाहरण दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे जघन्य अपराधियों को कानून के तहत कड़ा से कड़ा दंड देना समाज की स्थिरता के लिए अनिवार्य है।
बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निर्देश
अदालत ने कहा कि दोषियों से वसूला जाने वाला पूरा अर्थदंड अपील की अवधि बीतने के बाद मृतक अमित कश्यप के माता-पिता को दिया जाएगा, जो रविता के तीनों मासूम बच्चों की परवरिश कर रहे हैं। लोक कल्याणकारी राज्य की भावना के तहत जिलाधिकारी को आदेश दिए गए हैं कि वे इन तीनों बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, स्वास्थ्य, अच्छे स्कूलों में दाखिले और सभी सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराएं।
न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि जिस पत्नी पर पति ने अपनी जिंदगी और विश्वास की डोर सौंपी थी, उसी ने प्रेमी के मोह में आकर अपने ही सोते हुए पति की सांसें छीन लीं। अगर घर की रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो समाज में विवाह जैसे पवित्र संस्कार से लोगों का विश्वास उठ जाएगा और अनैतिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा।
शास्त्रों के श्लोकों का उदाहरण
समाज में धर्म, नीति और न्याय व्यवस्था को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए न्यायाधीश ने अपने फैसले में मनुस्मृति, आत्रेय संहिता और महाभारत के श्लोकों का उदाहरण दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे जघन्य अपराधियों को कानून के तहत कड़ा से कड़ा दंड देना समाज की स्थिरता के लिए अनिवार्य है।
बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निर्देश
अदालत ने कहा कि दोषियों से वसूला जाने वाला पूरा अर्थदंड अपील की अवधि बीतने के बाद मृतक अमित कश्यप के माता-पिता को दिया जाएगा, जो रविता के तीनों मासूम बच्चों की परवरिश कर रहे हैं। लोक कल्याणकारी राज्य की भावना के तहत जिलाधिकारी को आदेश दिए गए हैं कि वे इन तीनों बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, स्वास्थ्य, अच्छे स्कूलों में दाखिले और सभी सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराएं।
फैसले में लिखे प्रमुख श्लोक और उनके अर्थ
मनुस्मृति (अध्याय-7, राजधर्म, श्लोक 22)
सर्वो दण्डजितो लोको दुर्लभो हि शुचिर्नरः।
दण्डस्य हि भयात् सर्वं जगद् भोगाय कल्पते॥
अर्थ: संसार में पूरी तरह पवित्र आचरण रखने वाला व्यक्ति अत्यंत दुर्लभ है; यह संपूर्ण जगत दण्ड के भय से ही नियंत्रण और मर्यादा में रहता है। यदि कड़ा दण्ड न हो, तो दुष्ट व्यक्ति सज्जनों का अस्तित्व ही समाप्त कर देंगे।
मनुस्मृति (अध्याय-7, राजधर्म, श्लोक 22)
सर्वो दण्डजितो लोको दुर्लभो हि शुचिर्नरः।
दण्डस्य हि भयात् सर्वं जगद् भोगाय कल्पते॥
अर्थ: संसार में पूरी तरह पवित्र आचरण रखने वाला व्यक्ति अत्यंत दुर्लभ है; यह संपूर्ण जगत दण्ड के भय से ही नियंत्रण और मर्यादा में रहता है। यदि कड़ा दण्ड न हो, तो दुष्ट व्यक्ति सज्जनों का अस्तित्व ही समाप्त कर देंगे।
2. आत्रेय संहिता (श्लोक 26)
दुष्टस्य दण्डः सुजनस्य पूजा न्यायेन कोशस्य च सम्परवृद्धिः।
अपक्षपातोऽर्थिषु राष्ट्ररक्षा पञ्चैव यज्ञाः कथिता नृपाणाम्॥
अर्थ: दुष्टों को दण्डित करना, सज्जनों का सम्मान करना, न्यायपूर्वक नीति से राज्य की गरिमा व संपदा में वृद्धि करना, न्याय की गुहार लगाने वालों के साथ बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष व्यवहार करना और राष्ट्र की रक्षा करना—न्याय व्यवस्था व राजधर्म के यही पांच मुख्य यज्ञ (मूल गुण) माने गए हैं।
दुष्टस्य दण्डः सुजनस्य पूजा न्यायेन कोशस्य च सम्परवृद्धिः।
अपक्षपातोऽर्थिषु राष्ट्ररक्षा पञ्चैव यज्ञाः कथिता नृपाणाम्॥
अर्थ: दुष्टों को दण्डित करना, सज्जनों का सम्मान करना, न्यायपूर्वक नीति से राज्य की गरिमा व संपदा में वृद्धि करना, न्याय की गुहार लगाने वालों के साथ बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष व्यवहार करना और राष्ट्र की रक्षा करना—न्याय व्यवस्था व राजधर्म के यही पांच मुख्य यज्ञ (मूल गुण) माने गए हैं।
3. महाभारत (शांति पर्व 15/3)
दण्डनीतिर्यदा सम्यक् राजा दण्डं प्रयच्छति।
अचमेतदा सर्वे धर्मा वर्धन्ते तदा धर्मो न हीयते॥
अर्थ: जब राजा या न्याय व्यवस्था दण्डनीति के अनुसार उचित और सम्यक रूप से अपराधियों को दण्ड देती है, तभी समाज में सभी धर्मों (कर्तव्यों और नैतिक मूल्यों) की वृद्धि होती है और धर्म की हानि रुकती है।
दण्डनीतिर्यदा सम्यक् राजा दण्डं प्रयच्छति।
अचमेतदा सर्वे धर्मा वर्धन्ते तदा धर्मो न हीयते॥
अर्थ: जब राजा या न्याय व्यवस्था दण्डनीति के अनुसार उचित और सम्यक रूप से अपराधियों को दण्ड देती है, तभी समाज में सभी धर्मों (कर्तव्यों और नैतिक मूल्यों) की वृद्धि होती है और धर्म की हानि रुकती है।
अदालत ने इन आपराधिक घटनाओं का भी किया उल्लेख
हस्तिनापुर का दामिनी कांड (मेरठ)
फैसले में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि इसी मामले (अमरदीप-रविता द्वारा रची गई सर्पदंश की साजिश) से प्रेरित होकर मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र में यह सनसनीखेज वारदात हुई थी। अपराधियों ने इस केस से सीख लेकर सामान्य सांप के बजाय अत्यधिक जहरीले कॉमन करैत सांप का इस्तेमाल कर हत्या को अंजाम दिया था, ताकि वे कानून की पकड़ से बच सकें।
हस्तिनापुर का दामिनी कांड (मेरठ)
फैसले में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि इसी मामले (अमरदीप-रविता द्वारा रची गई सर्पदंश की साजिश) से प्रेरित होकर मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र में यह सनसनीखेज वारदात हुई थी। अपराधियों ने इस केस से सीख लेकर सामान्य सांप के बजाय अत्यधिक जहरीले कॉमन करैत सांप का इस्तेमाल कर हत्या को अंजाम दिया था, ताकि वे कानून की पकड़ से बच सकें।
लोहियानगर का तालिब हत्याकांड (मेरठ)
मेरठ के थाना लोहियानगर क्षेत्र की इस घटना का हवाला देते हुए कोर्ट ने बताया कि कैसे मृतक तालिब की पत्नी इलमा ने अपने प्रेमी अमन और अन्य दोस्तों के साथ मिलकर बेहद सुनियोजित तरीके से अपने ही पति की हत्या करवा दी थी।
मेरठ के थाना लोहियानगर क्षेत्र की इस घटना का हवाला देते हुए कोर्ट ने बताया कि कैसे मृतक तालिब की पत्नी इलमा ने अपने प्रेमी अमन और अन्य दोस्तों के साथ मिलकर बेहद सुनियोजित तरीके से अपने ही पति की हत्या करवा दी थी।
राजा और सोनम रघुवंशी हत्याकांड (इन्दौर, मध्य प्रदेश)
अंतरराज्यीय अपराधों का संदर्भ देते हुए इस चर्चित मामले का जिक्र किया गया, जिसमें सोनम रघुवंशी नामक महिला ने अपने अवैध संबंधों के चलते अपने पति राजा रघुवंशी को पहाड़ से नीचे धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया था।
सिया और केतन हत्याकांड (पुणे, महाराष्ट्र)
महाराष्ट्र के पुणे की इस घटना का संदर्भ देते हुए अदालत ने रेखांकित किया कि सिया नामक महिला ने अपने प्रेमी चेतन के साथ मिलकर अपने मंगेतर केतन को लोहागढ़ किले से नीचे धक्का देकर उसकी हत्या कर दी थी।
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कोमल हत्याकांड: बहन की हत्या करके थाने पहुंचा आशीष, बोला- गांव के लड़के से था चक्कर, इसलिए गला दबाकर मार दिया
अंतरराज्यीय अपराधों का संदर्भ देते हुए इस चर्चित मामले का जिक्र किया गया, जिसमें सोनम रघुवंशी नामक महिला ने अपने अवैध संबंधों के चलते अपने पति राजा रघुवंशी को पहाड़ से नीचे धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया था।
सिया और केतन हत्याकांड (पुणे, महाराष्ट्र)
महाराष्ट्र के पुणे की इस घटना का संदर्भ देते हुए अदालत ने रेखांकित किया कि सिया नामक महिला ने अपने प्रेमी चेतन के साथ मिलकर अपने मंगेतर केतन को लोहागढ़ किले से नीचे धक्का देकर उसकी हत्या कर दी थी।
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