एससी-एसटी एक्ट में संशोधन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ: शेरसिंह राणा
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सांसद फूलन देवी की हत्या के आरोपी शेर सिंह राणा ने एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ रविवार को सिद्धपीठ शाकंभरी देवी दरबार से आगरा तक ‘राष्ट्रवादी समान अधिकार पदयात्रा’ शुरू कर दी। कहा, केंद्र सरकार का संशोधन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के विपरीत है। यात्रा का मकसद सभी को समान अधिकार दिलाना है। बिना जांच गिरफ्तारी वाले अध्यादेश को हटाया जाए और पदोन्नति में आरक्षण खत्म किया जाए।
उन्होंने कहा कि वह दलितों के खिलाफ नहीं हैं, दलित हमारे भाई हैं। हमारी लड़ाई कानून के खिलाफ है। इससे पहले शनिवार को प्रशासन ने राणा को पदयात्रा की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन वह अड़े रहे और टकराव की स्थिति बन गई थी। शनिवार देर रात आयोजको ने डीएम से वार्ता कर जिले में इसकी अवधि 15 दिन से तीन दिन और वाहनों की संख्या पांच करने पर सहमति दी। यात्रा जसमौर-फतेहपुर कलां चौक से पांच गाड़ियों के काफिले के साथ रवाना हुई।
बकौल राणा, पदयात्रा शांतिपूर्ण तरीके से निकाली जाएगी। तीन दिन के बाद यात्रा सहारनपुर से विभिन्न जिलों में होते हुए तीन माह बाद आगरा पहुंचेगी। इसके जरिए पांच लाख युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य है। काफिला एक गांव से दूसरे गांव तक गाड़ियों से पहुंचेगा और गांव में पैदल घूमकर अध्यादेश के प्रति लोगों को जागरूक करेगा। यात्रा समाप्ति के बाद अगली रणनीति बनाई जाएगी। पदयात्रा में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान से विभिन्न संगठनों से जुड़े युवा पहुंचे थे। यात्रा की अगुवाई कर रहे युवाओं की भगवाधारी भीड़ पुलिस प्रशासन की टेंशन का कारण बनी रही।
राणा का चर्चित इतिहास
25 जुलाई 2001 को सांसद फूलन देवी की दिल्ली में हत्या करने और देहरादून में मीडिया के माध्यम से सरेंडर कर चर्चाओं में आने वाले शेर सिंह राणा को अगस्त 2014 में दिल्ली की कोर्ट ने उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। 17 फरवरी 2004 को तिहाड़ जेल दिल्ली से फरार होने के बाद 17 मई 2006 को कोलकाता में गिरफ्तार किया गया था। तब राणा ने दावा किया था कि वह अफगानिस्तान से शासक पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां लेकर आया है।
2012 में जेवर (बुलंदशहर) से निर्दलीय चुनाव लड़कर हारे राणा पर बनी ‘एंड ऑफ बैंडिट क्वीन’ फिल्म में इनका किरदार नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने निभाया था। अपनी मां के सहयोग से मैनपुरी में पृथ्वीराज चौहान का मंदिर भी बनवा चुके हैं और अक्टूबर 2016 से दिल्ली हाईकोर्ट से पैरोल जमानत पर हैं।
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