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एएआई को हैंडओवर हवाई पट्टी पर ‘पंख’ की उड़ान
ब्यूरो/अमर उजाला मेरठ
Updated Thu, 18 Feb 2016 02:41 AM IST
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डॉ. भीमराव अंबेडकर हवाई पट्टी पर छोटे विमानों की उड़ान में खुद प्रदेश सरकार ने ही अड़ंगा लगा दिया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) को हवाई पट्टी हस्तांतरित करने के बावजूद उसे शासन ने पंख एविएशन (प्राइवेट कंपनी) को उड़ान प्रशिक्षण के लिए दे दिया है।
इसको लेकर गतिरोध पैदा हो गया है। एएआई इसका प्रस्ताव लेकर केंद्रीय नागरिक उड्डयन विभाग पहुंच चुकी है। जबकि प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग ने पंख के पक्ष के डीएम मेरठ को पत्र भी भेज दिया है। बड़ा सवाल यही कि अब यहां से कौन और कब छोटे विमान उड़ाएगा।
यह हुआ था समझौता
परतापुर स्थित हवाई पट्टी पर फरवरी 2014 में प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग और एएआई के बीच एमओयू साइन हुए थे। इस समझौते के तहत हवाई पट्टी एएआई को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया अगस्त 2014 में पूरी हो गई थी। जिसके बाद से हवाई पट्टी का पूर्ण स्वामित्व एएआई का हो गया था।
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तब से नोडल अधिकारी संतकुमार की देखरेख में हवाई पट्टी का संचालन हो रहा था। लेकिन यह बात अलग है कि करीब 19 माह से इस हवाई पट्टी पर कोई भी सरकारी या गैरसरकारी विमान नहीं उतरा।
पहले ये थी स्थिति
जिस समय एमओयू हस्ताक्षर हुए, उससे पहले यह हवाई पट्टी प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग के अधीन थी। जिस पर सरकारी छोटे विमान उतरा करते थे।
इसके साथ ही उड्डयन विभाग ने हवाई पट्टी एक प्राइवेट कंपनी पंख एविएशन को हवाई उड़ान प्रशिक्षण के लिए किराये पर दी थी। जहां समय-समय पर हवाई उड़ान का प्रशिक्षण होता था।
अब ये है स्थिति
अभी भी हवाई पट्टी परिसर में मौजूद शेड में पंख एविएशन के छोटे विमान खड़े हैं। जिसे लेकर कई बार एएआई जिला प्रशासन से इसे खाली कराने को कह चुका है।
लेकिन पंख एविएशन से ये शेड खाली तो क्या कराए जाते, उल्टे बीती 29 जनवरी को पंख एविऐशन की तरफ से हवाई पट्टी पर प्रशिक्षण की व्यवस्था के लिए जिलाधिकारी को पत्र दे दिया गया। जिसमें पंख एवियेशन द्वारा कहा गया है कि उसे 12 मार्च 2014 को उड़ान प्रशिक्षण की अनुमति दी गयी थी, जो अभी जारी है।
इसी मामले में नागरिक उड्डयन विभाग उत्तर प्रदेश के वित्त नियंत्रक बीआर प्रसाद ने भी जिलाधिकारी को उड़ान प्रशिक्षण की अनुमति देते हुए कार्रवाई के लिए लिखा है।
ये फंसेगा पेंच
एएआई की टीम पिछले दिनों हवाई पट्टी से छोटे विमानों की उड़ान का प्रस्ताव लेकर केंद्रीय नागरिक उड्डयन विभाग गयी है। ऐसे में पंख एविएशन का उड़ान प्रशिक्षण का दावा करना और शेड खाली न करना इसमें अड़ंगा लगा सकता है। उड़ान के लिए हवाई पट्टी खुलने से पहले ही एक बार फिर घमासान शुरू हो गया है।
कोट
पत्र अभी मुझे नहीं मिला है। इसलिए किस नियम से हवाई पट्टी पंख को दी गयी है, कहा नहीं जा सकता। लेकिन तकनीकी और व्यावहारिक तौर पर यह गलत है। क्योंकि हवाई पट्टी एएआई को हैंडओवर हो चुकी है। ऐसे में अब प्रदेश के नागरिक उड्डयन या जिला प्रशासन को इस पर कोई निर्णय लेने का अधिकार नहीं है।
-संत कुमार, नोडल अधिकारी परतापुर हवाई पट्टी
नागरिक उड्डयन विभाग उत्तर प्रदेश के वित्त नियंत्रक का पत्र मिला है। हमारे अधिकार क्षेत्र में क्या है, इसकी जानकारी ली जा रही है। इसके बाद ही कुछ निर्णय हो पाएगा। -पंकज यादव, डीएम
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इसको लेकर गतिरोध पैदा हो गया है। एएआई इसका प्रस्ताव लेकर केंद्रीय नागरिक उड्डयन विभाग पहुंच चुकी है। जबकि प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग ने पंख के पक्ष के डीएम मेरठ को पत्र भी भेज दिया है। बड़ा सवाल यही कि अब यहां से कौन और कब छोटे विमान उड़ाएगा।
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यह हुआ था समझौता
परतापुर स्थित हवाई पट्टी पर फरवरी 2014 में प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग और एएआई के बीच एमओयू साइन हुए थे। इस समझौते के तहत हवाई पट्टी एएआई को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया अगस्त 2014 में पूरी हो गई थी। जिसके बाद से हवाई पट्टी का पूर्ण स्वामित्व एएआई का हो गया था।
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तब से नोडल अधिकारी संतकुमार की देखरेख में हवाई पट्टी का संचालन हो रहा था। लेकिन यह बात अलग है कि करीब 19 माह से इस हवाई पट्टी पर कोई भी सरकारी या गैरसरकारी विमान नहीं उतरा।
पहले ये थी स्थिति
जिस समय एमओयू हस्ताक्षर हुए, उससे पहले यह हवाई पट्टी प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग के अधीन थी। जिस पर सरकारी छोटे विमान उतरा करते थे।
इसके साथ ही उड्डयन विभाग ने हवाई पट्टी एक प्राइवेट कंपनी पंख एविएशन को हवाई उड़ान प्रशिक्षण के लिए किराये पर दी थी। जहां समय-समय पर हवाई उड़ान का प्रशिक्षण होता था।
अब ये है स्थिति
अभी भी हवाई पट्टी परिसर में मौजूद शेड में पंख एविएशन के छोटे विमान खड़े हैं। जिसे लेकर कई बार एएआई जिला प्रशासन से इसे खाली कराने को कह चुका है।
लेकिन पंख एविएशन से ये शेड खाली तो क्या कराए जाते, उल्टे बीती 29 जनवरी को पंख एविऐशन की तरफ से हवाई पट्टी पर प्रशिक्षण की व्यवस्था के लिए जिलाधिकारी को पत्र दे दिया गया। जिसमें पंख एवियेशन द्वारा कहा गया है कि उसे 12 मार्च 2014 को उड़ान प्रशिक्षण की अनुमति दी गयी थी, जो अभी जारी है।
इसी मामले में नागरिक उड्डयन विभाग उत्तर प्रदेश के वित्त नियंत्रक बीआर प्रसाद ने भी जिलाधिकारी को उड़ान प्रशिक्षण की अनुमति देते हुए कार्रवाई के लिए लिखा है।
ये फंसेगा पेंच
एएआई की टीम पिछले दिनों हवाई पट्टी से छोटे विमानों की उड़ान का प्रस्ताव लेकर केंद्रीय नागरिक उड्डयन विभाग गयी है। ऐसे में पंख एविएशन का उड़ान प्रशिक्षण का दावा करना और शेड खाली न करना इसमें अड़ंगा लगा सकता है। उड़ान के लिए हवाई पट्टी खुलने से पहले ही एक बार फिर घमासान शुरू हो गया है।
कोट
पत्र अभी मुझे नहीं मिला है। इसलिए किस नियम से हवाई पट्टी पंख को दी गयी है, कहा नहीं जा सकता। लेकिन तकनीकी और व्यावहारिक तौर पर यह गलत है। क्योंकि हवाई पट्टी एएआई को हैंडओवर हो चुकी है। ऐसे में अब प्रदेश के नागरिक उड्डयन या जिला प्रशासन को इस पर कोई निर्णय लेने का अधिकार नहीं है।
-संत कुमार, नोडल अधिकारी परतापुर हवाई पट्टी
नागरिक उड्डयन विभाग उत्तर प्रदेश के वित्त नियंत्रक का पत्र मिला है। हमारे अधिकार क्षेत्र में क्या है, इसकी जानकारी ली जा रही है। इसके बाद ही कुछ निर्णय हो पाएगा। -पंकज यादव, डीएम