मायावती के बयान के बाद बिगड़ी चंद्रशेखर 'रावण' की तबीयत, चक्कर आने के बाद हुए बेहोश
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कुछ देर के लिए चक्कर आने के कारण वे बेहोश भी हुए। इसके बाद समर्थक उन्हें आराम कराने के लिए उनके घर ले गए जिसके बाद शाम तक चंद्रशेखर ने किसी से मुलाकात नहीं की। परिजन रिहाई के बाद से लगातार मिलने आने वाले लोगों को देर रात तक समय देने के कारण हुई थकान को इसकी वजह मान रहे हैं। भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर रविवार की दोपहर एक बजे सहारनपुर से यहां पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने श्मिलने आने वाले लोगों के साथ मुलाकात की। समर्थकों के साथ सेल्फी भी खिंचवाई। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने और महागठबंधन को समर्थन की बात दुहराई।
उन्होंने कहा कि इस चुनाव में दलित विरोधी मोदी के 56 इंच के सीने को भी देख लिया जाएगा। समर्थकों के साथ बात करने के दौरान ही करीब दो बजे सतीश रावत के घेर में अचानक चंद्रशेखर को चक्कर आ गया और वह गिरने को हुए तो दो समर्थकों ने उन्हे चारपाई पर लिटा दिया।
हल्की बेहोशी के बाद सामान्य होने पर उन्हें घर पर ले जाया गया। इसके बाद शाम तक किसी को भी उन्हें नहीं मिलने दिया गया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन ने चन्द्रशेखर की तबीयत खराब होने की पुष्टि की है। विनय रतन सिंह ने बताया कि खानपान के शैडयूल में डिस्टर्ब होने और थकान के कारण चन्द्रशेखर को एसिडिटी की शिकायत हो गई है। कुछ आराम के बाद उनकी तबीयत ठीक हो जाएगी।
16 सितंबर को भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर से मिलने के लिए रविवार को भी दिन भर यहां समर्थक और राजनीतिक लोग पहुंचते रहे। सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इण्डिया के प्रदेश अध्यक्ष मौ0 कामिल ने दुपहर के वक्त यहां पहुंच कर करीब तीन घंटे का समय चंद्रशेखर के साथ बिताया।
रविवार की सुबह साढे सात बजे चंद्रशेखर कुछ साथियों के साथ सहारनपुर के लिए रवाना हो गया था। इसके बाद वह करीब साढे 12 बजे वहां से वापिस हरिजन कालोनी स्थित अपने आवास पहुंचा। इसी दौरान मौहम्मद कामिल की अपने साथियों के साथ चंद्रशेखर से मिलने पहुंचे। यहां उन्होंने जुटे लोगों से कहा कि बीते पांच हजार साल से दलितो का उत्पीडन किया जा रहा है। मोदी सरकार में दलितों एवं मुसलमानों को गौरक्षा के नाम पर सताया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब भी इस्लाम से प्रभावित थे और बाबा साहेब को लगता था कि दलितों के हितों की रक्षा इस्लाम की शिक्षाओं से ही की जा सकती है। इससे पूर्व सपा सरकार में राज्य मंत्री रहे पूर्व एमएलसी आशु मलिक एवं मजाहिर हसन मुखिया ने भी घंटा भर तक चंद्रशेखर से अकेले में बात की। बसपा से विधान सभा का चुनाव लड़ चुके हाजी अहसान कुरैशी भी चंद्रशेखर से मिलने पहुंचे।