यूपी: युवक ने पुलिस लाइन में फांसी लगाकर दी जान, माता-पिता की पहले ही हो चुकी मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर में पुलिस लाइन के एक क्वार्टर में 18 वर्षीय युवक संसार सिंह मलिक ने फांसी लगाकर जान दे दी। यह युवक पुलिस कर्मचारी का बेटा था। पिता की मौत के बाद मृतक आश्रित कोटे से उसकी पुलिस में नौकरी की तैयारी चल रही थी। युवक मूल रूप से शामली के गांव कुड़ाना का रहने वाला था। युवक की मां की भी मौत हो चुकी है। पुलिस माता-पिता की मौत के बाद से तनाव और परिजनों से कहासुनी को आत्महत्या का कारण मान रही है।
शव के पोस्टमार्टम से पहले अस्पताल पहुंचे पुलिस लाइन के कुछ कर्मचारियों और परिवार के लोगों ने बताया कि संसार सिंह मलिक उर्फ सतनाम पुलिस लाइन के क्वार्टर में दादी सुमित्रा के साथ रह रहा था। बताया जाता है कि रात साढ़े ग्यारह बजे वह बाहर से मकान पर आया था। यहां पहले वह काफी देर तक रोया। इसके बाद उसकी दादी के साथ कुछ कहासुनी हुई। वह खुद की जान देने की बात करने लगा। उसने पंखे पर फंदा लगाने की कोशिश की तो दादी ने बचाने का प्रयास किया। मगर वह नहीं माना और बाद में अपनी जान दे दी। बताया जा रहा है संसार सिंह के पिता रामबीर सिंह भी पुलिस में थे। उनकी मौत के बाद ही संसार सिंह को पुलिस में नौकरी दिलाने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी। मगर इससे पहले ही उसने यह कदम उठा लिया।
पोता ही था दादी का सहारा, जान बचाने की करती रही कोशिश
संसार सिंह ही दादी का सहारा था। वह उसके साथ ही लंबे समय से यहां रह रही थी। अस्पताल में पुलिस लाइन से पहुंचे आकाश तोमर, सतीश आदि ने बताया कि दादी ने पोते को बचाने की कोशिश की। उसने संसार सिंह के हाथों से चुन्नी छीन ली थी। मगर इसके बाद उसने शॉल से फंदा लगाकर जान दे दी। संसार सिंह के नाक और अंगूठे पर नीलेपन के साथ कुछ निशान भी देखे गए।
काश... ऐसा कदम न उठाता
पुलिस लाइन में क्यू ब्लाक के क्वार्टर में यह घटना हुई। आसपास रहने वाली कुछ महिलाओं ने कहा कि काश संसार सिंह ऐसा कदम न उठाता। उसके पिता और मां की मौत पहले ही हो चुकी है। दादी को पोते का ही सहारा था। अब पुलिस में उसे नौकरी भी मिल जाती। लेकिन इससे पहले ही वह भी दुनिया छोड़कर चला गया।
सुसाइड नोट नहीं मिला : एसएसपी
इस घटना के बारे में एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि सिपाही के बेटे की आत्महत्या के मामले में स्पष्ट कारण तो सामने नहीं आया है। लेकिन घरेलू विवाद या अन्य वजह हो सकती है। उसके पास से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। वह बाहर से आया तो कुछ देर तक रोया। इसके बाद यह कदम उठा लिया।
एक सप्ताह में हुई दो घटनाएं
पुलिस लाइन में एक सप्ताह के अंदर ही आत्महत्या करने का यह दूसरा मामला है। इस युवक की खुदकुशी से पहले पुलिस लाइन के ही एक क्वार्टर में एक सिपाही की पत्नी ने फंदे पर लटककर अपनी जान दी थी। पुलिस लाइन में ऐसी घटनाओं से आसपास के लोग स्तब्ध हैं।
दादा ने ही निभाई पिता की जिम्मेदारी
पुलिस के अनुसार वैसे तो रामबीर सिंह, युवक संसार सिंह के दादा थे। लेकिन उसके पिता की मौत के बाद से रामबीर सिंह ने संसार सिंह को गोद लेते हुए आगे सारी जिम्मेदारियां निभाई। इस नाते के साथ ही अब संसार, रामबीर की पुलिस सेवा के आधार पर आगे पुलिस में नौकरी की तैयारी कर रहा था।
काफी जिद्दी, गुस्सैल भी था युवक
पुलिस लाइन में रहने वाले कुछ परिवारों के लोगों ने बताया कि यह युवक काफी जिद्दी और गुस्सैल भी था। गुस्से में मोबाइल फेंकने जैसी घटनाएं होना भी बताया जा रहा है।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/