{"_id":"52-75690","slug":"Meerut-75690-52","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेढ़ माह पहले प्रमुख सचिव को लिखा था पत्र ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेढ़ माह पहले प्रमुख सचिव को लिखा था पत्र
Meerut
Updated Sun, 24 Aug 2014 05:30 AM IST
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मेरठ। संप्रेक्षण गृह में आए दिन बवाल और तोड़फोड़ से पुलिस प्रशासन ही नहीं, शासन भी अनजान बना हुआ है। जिला प्रोबेशन अधिकारी (डीपीओ) यतींद्र कुमार का कहना है कि कई बार जिलाधिकारी और शासन को पत्र लिखकर अवगत कराया कि उम्र के आधार पर कुछ किशोरों को जिला जेल के बाल सदन में शिफ्ट कर दिया जाए। दो माह पूर्व जिलाधिकारी से पत्र रिमार्क कराकर प्रमुख सचिव को भेजा गया था। इसके बावजूद मसले को संज्ञान में नहीं लिया गया। डीपीओ का कहना है कि मेरठ के अलावा गाजियाबाद, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़, गौतमबुद्धनगर के प्रधान मजिस्ट्रेटों को भी लिखा गया है कि वे बच्चों को शिफ्ट करा दें। यहां से किशोरों को जब पेशी के दौरान अन्य जिलों में ले जाया जाता है तो वह पुलिस के साथ अभद्रता करते हुए धमकी देते हैं। एक माह पहले मुरादनगर नहर पर किशोरों ने जबरन गाड़ी रुकवाने की कोशिश की थी। विरोध करने पर दरोगा को अंजाम भुगतने की भी धमकी दी थी। अधिक उम्र के किशोर छोटे बच्चों को उकसा कर आगे कर देते हैं।
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