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मुसीबत में साथी बनेगा स्मार्ट एप्स
Meerut
Updated Tue, 12 Aug 2014 05:30 AM IST
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मेरठ। महिला सुरक्षा के लिए तैयार स्पेशल मोबाइल एप्स (24 गुणा 7 साफ्टवेयर) सोमवार को लांच किया गया। इसकी खासियत यह होगी कि विशेष परिस्थितियों में तुरंत पुलिस की मदद मिल जाएगी।
पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में आईजी जोन आलोक शर्मा, डीआईजी रेंज के. सत्यनारायणा और एसएसपी ओंकार सिंह ने साफ्टवेयर जारी किया। उन्होंने बताया कि महिलाओं को यदि कहीं परेशानी सामने आती है तो वह इस तकनीक का प्रयोग करें। इस तकनीक को डाउनलोड करने के बाद मोबाइल फोन स्क्रीन पर लाल रंग का पैनिक बटन बन जाएगा। जिसे दबाने के बाद उसकी लोकेशन, सामने खड़े व्यक्ति का फोटो और उसकी आवाज अपने आप पुलिस कंट्रोल रूम पहुंच जाएगी। इसके बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच जाएगी। आईजी ने बताया कि सॉफ्टवेयर में एक मिनट की वॉयस रिकॉर्डिंग भी होगी। इस सॉफ्टवेयर से पुलिस के अलावा फायर ब्रिगेड़ और एंबुलेंस को भी जानकारी मिलेगी।
यह होगा फायदा
मनचलों और छात्राओं पर फब्तिया कसने वालों को पुलिस इस सॉफ्टवेयर के जरिए गिरफ्तार करेगी। अपहरण के मामले में पुलिस की मदद मिलेगी। आईजी ने छात्राओं को अपने फोन में यह एप्स डाउनलोड कराने की सलाह दी है। कंपनी के अधिकारी सीपी सिंह और सुनील काचरू ने बताया कि इस एप्स में नाम-पता और ब्लड ग्रुप के अलावा दो रिश्तेदारों के नाम भी दर्ज करने होंगे। ताकि मुसीबत में उनसे भी मदद ली जा सके। इस दौरान एसपी सिटी ओपी सिंह, सीओ कैंट मनीष मिश्र, आरआई श्रीभगवान यादव आदि मौजूद रहे।
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पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में आईजी जोन आलोक शर्मा, डीआईजी रेंज के. सत्यनारायणा और एसएसपी ओंकार सिंह ने साफ्टवेयर जारी किया। उन्होंने बताया कि महिलाओं को यदि कहीं परेशानी सामने आती है तो वह इस तकनीक का प्रयोग करें। इस तकनीक को डाउनलोड करने के बाद मोबाइल फोन स्क्रीन पर लाल रंग का पैनिक बटन बन जाएगा। जिसे दबाने के बाद उसकी लोकेशन, सामने खड़े व्यक्ति का फोटो और उसकी आवाज अपने आप पुलिस कंट्रोल रूम पहुंच जाएगी। इसके बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच जाएगी। आईजी ने बताया कि सॉफ्टवेयर में एक मिनट की वॉयस रिकॉर्डिंग भी होगी। इस सॉफ्टवेयर से पुलिस के अलावा फायर ब्रिगेड़ और एंबुलेंस को भी जानकारी मिलेगी।
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यह होगा फायदा
मनचलों और छात्राओं पर फब्तिया कसने वालों को पुलिस इस सॉफ्टवेयर के जरिए गिरफ्तार करेगी। अपहरण के मामले में पुलिस की मदद मिलेगी। आईजी ने छात्राओं को अपने फोन में यह एप्स डाउनलोड कराने की सलाह दी है। कंपनी के अधिकारी सीपी सिंह और सुनील काचरू ने बताया कि इस एप्स में नाम-पता और ब्लड ग्रुप के अलावा दो रिश्तेदारों के नाम भी दर्ज करने होंगे। ताकि मुसीबत में उनसे भी मदद ली जा सके। इस दौरान एसपी सिटी ओपी सिंह, सीओ कैंट मनीष मिश्र, आरआई श्रीभगवान यादव आदि मौजूद रहे।
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