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निगम स्वास्थ्य विभाग लगा रहा निगम को चूना
Updated Wed, 10 Jan 2018 02:14 AM IST
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निगम को हुआ आठ लाख का नुकसान, अफसर अंजान
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
निगम की आय को विभाग के अधिकारी ही चूना लगा रहा हैं। 2017-18 वित्तीय वर्ष खत्म होने वाला है, लेकिन अभी तक मुर्दा मवेशी को उठाने का ठेका ही नहीं दिया गया। निगम स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों की मिलीभगत से प्राइवेट लोग प्रत्येक मृत पशु को उठाने के नाम पर लोगों से पांच से सात हजार रुपये वसूल रहे हैं। इससे जहां जनता से ठगी हो रही है वहीं निगम खजाने को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
निगम सीमा में मृत पशुओं को उठाने का ठेका निगम प्रशासन प्रति वर्ष छोड़ता है। जिससे निगम को पूर्व में छह से आठ लाख रुपये वार्षिक आय होती रही है। वहीं ठेकेदार मृत पशुओं की खाल, हड्डी आदि अवशेषों को बेचकर पैसा कमाता है। 2017-18 में नगर निगम स्वास्थ्य विभाग ने मुर्दा मवेशी का ठेका ही नहीं छोड़ा है। जिससे निगम को सीधे सीधे आठ से दस लाख रुपये का नुकसान हुआ है। निगम के आला अधिकारियों ने भी इस पर संज्ञान नहीं लिया। अब मामले को लेकर शासन को शिकायत भेजी गई है।
मामला संज्ञान में नहीं है। निगम सीमा में मुर्दा मवेशी उठाने के नाम पर वसूली करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। अगर इसमें निगम के अधिकारी व कर्मचारी की मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मुर्दा मवेशी का ठेका छोड़ा जाएगा। मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त।
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खास बात
अभी तक नहीं छोड़ा गया मुर्दा मवेशी को उठाने का ठेका
निजी लोग पांच से सात हजार रुपये लेकर उठा रहे पशु
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
निगम की आय को विभाग के अधिकारी ही चूना लगा रहा हैं। 2017-18 वित्तीय वर्ष खत्म होने वाला है, लेकिन अभी तक मुर्दा मवेशी को उठाने का ठेका ही नहीं दिया गया। निगम स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों की मिलीभगत से प्राइवेट लोग प्रत्येक मृत पशु को उठाने के नाम पर लोगों से पांच से सात हजार रुपये वसूल रहे हैं। इससे जहां जनता से ठगी हो रही है वहीं निगम खजाने को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
निगम सीमा में मृत पशुओं को उठाने का ठेका निगम प्रशासन प्रति वर्ष छोड़ता है। जिससे निगम को पूर्व में छह से आठ लाख रुपये वार्षिक आय होती रही है। वहीं ठेकेदार मृत पशुओं की खाल, हड्डी आदि अवशेषों को बेचकर पैसा कमाता है। 2017-18 में नगर निगम स्वास्थ्य विभाग ने मुर्दा मवेशी का ठेका ही नहीं छोड़ा है। जिससे निगम को सीधे सीधे आठ से दस लाख रुपये का नुकसान हुआ है। निगम के आला अधिकारियों ने भी इस पर संज्ञान नहीं लिया। अब मामले को लेकर शासन को शिकायत भेजी गई है।
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मामला संज्ञान में नहीं है। निगम सीमा में मुर्दा मवेशी उठाने के नाम पर वसूली करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। अगर इसमें निगम के अधिकारी व कर्मचारी की मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मुर्दा मवेशी का ठेका छोड़ा जाएगा। मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त।
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खास बात
अभी तक नहीं छोड़ा गया मुर्दा मवेशी को उठाने का ठेका
निजी लोग पांच से सात हजार रुपये लेकर उठा रहे पशु