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जिला अस्पताल में बच्चों के डाक्टरों पर वायरल मरीजों की जिम्मेदारी

Sat, 05 Aug 2017 02:52 AM IST
Updated Sat, 05 Aug 2017 02:52 AM IST
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जिला अस्पताल में बच्चों के डाक्टरों पर वायरल मरीजों की जिम्मेदारी
ओपीडी से गायब रहे मुख्य चिकित्सक, मरीज परेशान
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जिला अस्पताल में वायरल के मरीजों की बढ़ रही संख्या
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
जिला अस्पताल में शुक्रवार को ओपीडी में वायरल और डायरिया के मरीजों की भरमार रही। इसके बाद भी ओपीडी से मुख्य चिकित्सक गायब रहे। उनकी जगह बच्चा वार्ड के डाक्टर उनकी जिम्मेदारी संभालते दिखे। मरीजों का हाल जानने के लिए यहां एक फार्मासिस्ट सहित दो डाक्टर मौजूद थे।
शुक्रवार को दंपति वीरपाल चौधरी व संतोषी देवी अपने बेटे के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। उनका बेटा एक सप्ताह से वायरल की चपेट में है। हर्रा निवासी ईरम दो महीने से वायरल व डायरिया से परेशान मिलीं। डाक्टरों ने ईरम को भर्ती करने से इंकार कर दिया। परिजनों के हंगामे के बाद उसे भर्ती किया। सदर निवासी सुनीता, शाहपीरगेट निवासी खुर्शीदा, रूबीना, काशाी निवासी अनवर को वायरल की दवा लेने अस्पताल पहुंचे। इतने मरीजों के बाद भी विभाग के मुख्य चिकित्सक डॉ. आर्यन गुप्ता कुर्सी पर नही थे। यहां बच्चा वार्ड के डॉ. राजीव गुप्ता मरीजों को दवा लिख रहे थे। इसके कारण मरीज परेशान नजर आये।
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बच्चा वार्ड की ओपीडी 250 पार
बच्चा वार्ड की ओपीडी के डॉ. पीके जैन ने बताया कि वायरल, डायरिया और बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ गई है। वह रोज 250 से ज्यादा बच्चों को देख रहे हैं। ओपीडी के दौरान डाक्टर परिजनों को घर में साफ-सफाई और मच्छरों से बचने के इंतजाम की सलाह दे रहे हैं। केसरगंज निवासी दंपति ने एक हफ्ते में दूसरे बच्चे अमर उजेफ को भर्ती कराया। उनका कहना है कि चार दिन पहले वो बेटी फबी की छुट्टी कराकर ले गये थे। बच्चा वार्ड इचंार्ज रविंद्र कौर ने बताया कि भर्ती के लिए दो हाल में 18 बेड अस्पताल में है। अगर ज्यादा बच्चे भर्ती होते हैं तो सर्जिकल वार्ड में शिफ्ट किया जाता है।
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माता-पिता बीमार बेटी को स्ट्रेचर पर ले गये इमरजेंसी वार्ड में
फाजलपुर निवासी दंपति मोबीन और फिरदौस अपनी बीमार बेटी आसमां को स्ट्रेचर पर इमरजेंसी वार्ड ले गये। उनकी बेटी कई महीनों से बीमार है। डाक्टरों ने भर्ती कराने से मना किया तो माता-पिता ने हंगामा कर दिया। हंगामे के बाद डाक्टरों ने आसमां को भर्ती किया। लेकिन कोई कर्मचारी उनकी मदद को आगे नहीं आया। माता-पिता ने खुद उसे भर्ती कराया।



सोशल साइट्स पर बताए जाएंगे डेंगू से बचाव के टिप्स
मेरठ। मॉल्स में फिल्म के दौरान डेंगू से बचाव की फिल्म दिखाए जाने केसाथ-साथ मलेरिया विभाग सोशल साइट्स के जरिए भी लोगों को जागरूक करेगा। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि व्हाट्स एप पर ग्रुप बनाकर स्कूलों में बनाए गए स्वास्थ्य शिक्षकों को जोड़ा जाएगा। उन्हें व्हाट्स एप पर वीडियो और ऑडियो भेजी जाएंगी। जिनमें डेंगू से बचाव केटिप्स बताए गए होंगे। स्वास्थ्य शिक्षक एसेंबली केदौरान या क्लास में बच्चों को इससे जागरूक कर सकेंगे। इसके अलावा फेसबुक पर एक पेज बनाने की भी तैयारी है। मेरठ जिला मलेरिया विभाग के नाम से पेज बनाया जाएगा। इसमें मेरठ के लोगों को जोड़ा जाएगा। इस पेज पर भी डेंगू से बचाव के तरीके बताए जाएंगे।


जिला अस्पताल में मच्छरदानी वार्ड तैयार
मेरठ। डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों के लिए जिला अस्पताल में मच्छरदानी वार्ड तैयार किया गया है। अस्पताल कर्मचरियों ने वार्ड के सभी बेड पर मच्छरदानी लगाई है। जिससेे मच्छरों से बचाव किया जा सके। डाक्टरों ने बताया कि डेंगू और चिकनुगनिया की पुष्टि के बगैर भी मरीज को भर्ती किया जायेगा। लक्षण नजर आये तो मरीज को तुरंत उपचार दिया जायेगा। मरीजों के लिए वार्ड में विशेषज्ञों की टीम भी मौजूद रहेगी। हालांकि वार्ड में दोपहर तक कोई मरीज भर्ती नही हुआ।
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