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कैंपस एंट्रेंस...
Updated Tue, 20 Jun 2017 09:11 PM IST
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मेरठ। सत्र 2017-18 के लिए मंगलवार को सीसीएसयू का कैंपस एंट्रेंस हुआ। अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ने की जगह कम होती जा रही है। यह चिंता का विषय है। एमफिल कोर्स के लिए एंट्रेंस देने वालों का प्रतिशत जरूर अच्छा रहा। 76 प्रतिशत ने परीक्षा दी। दोनों पालियों में देखा जाए तो गैर हाजिर रहने वालों का आंकड़ा 65 फीसदी रहा। एमड और एमफिल एजूकेशन में एडमिशन के लिए आवेदन तो अच्छी संख्या में हुए, लेकिन परीक्षा देने कम अभ्यर्थी पहुंचे। बुधवार को एलएलएम के लिए प्रवेश परीक्षा होगी।
एंट्रेंस दो पालियों में हुआ। पहली पाली सुबह 10 से 12 बजे तक एमफिल हार्टीकल्चर, अंग्रेजी, उर्दू, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, वनस्पति विज्ञान, गणित, भौतिकी, सांख्यिकी और जंतु विज्ञान कैंपस के लिए परीक्षा हुई। इसके अलावा कॉलेजों में एमफिल फिजिकल एजूकेशन के लिए परीक्षा हुई। दोपहर की पाली में दो से चार बजे तक एमफिल एजूकेशन और एमफिल जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग के लिए परीक्षा हुई। दो से तीन बजे तक एमएड के लिए परीक्षा हुई। सुबह की पाली में 768 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। परीक्षा 615 ने दी। 153 गैर हाजिर रहे। दूसरी पाली में 976 पंजीकृत थे। परीक्षा 588 ने दी। 388 ने छोड़ दी। कुल 1744 पंजीकृत थे। इनमें 1203 ने पेपर दिया और 541 ने परीक्षा छोड़ दी।
एमफिल में दिखा उत्साह
एमफिल में एडमिशन के लिए अभ्यर्थियों में उत्साह दिखा। मेरठ और सहारनपुर मंडल तक के अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। एमफिल कोर्स में मैथ, अंग्रेजी, जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग, एजूकेशन, जंतु विज्ञान, बॉटनी, फिजिक्स में एडमिशन टफ है। अधिकांश विषयों में एमफिल की 10-10 सीट हैं। उर्दू में पांच सीट हैं। हिंदी में इस बार प्रोफेसर बाहर होने की वजह से एडमिशन नहीं होगा। उर्दू और हार्टीकल्चर सबसे कम आवेदन आए हैं। विवि मुख्यालय में एडमिशन के लिए फाइट कड़ी होनी चाहिए, जबकि अभ्यर्थी की संख्या घट रही है। एमफिल कोर्स की उपयोगिता की बात करें तो यूजीसी के नियम मुताबिक पीएचडी करने के लिए कोर्स वर्क से छूट है। कोर्स वर्क छह महीने का है। एमफिल एक साल की है।
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आज एलएलएम एंट्रेंस
विवि कैंपस में सर छोटूराम इंस्टीट्यूट में दोपहर 12 से दो बजे तक एलएलएम एंट्रेंस होगा। विवि कैंपस, मेरठ कॉलेज और एनएएस कॉलेज में एडमिशन के लिए कैंपस एंट्रेंस होना है।
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एंट्रेंस दो पालियों में हुआ। पहली पाली सुबह 10 से 12 बजे तक एमफिल हार्टीकल्चर, अंग्रेजी, उर्दू, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, वनस्पति विज्ञान, गणित, भौतिकी, सांख्यिकी और जंतु विज्ञान कैंपस के लिए परीक्षा हुई। इसके अलावा कॉलेजों में एमफिल फिजिकल एजूकेशन के लिए परीक्षा हुई। दोपहर की पाली में दो से चार बजे तक एमफिल एजूकेशन और एमफिल जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग के लिए परीक्षा हुई। दो से तीन बजे तक एमएड के लिए परीक्षा हुई। सुबह की पाली में 768 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। परीक्षा 615 ने दी। 153 गैर हाजिर रहे। दूसरी पाली में 976 पंजीकृत थे। परीक्षा 588 ने दी। 388 ने छोड़ दी। कुल 1744 पंजीकृत थे। इनमें 1203 ने पेपर दिया और 541 ने परीक्षा छोड़ दी।
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एमफिल में दिखा उत्साह
एमफिल में एडमिशन के लिए अभ्यर्थियों में उत्साह दिखा। मेरठ और सहारनपुर मंडल तक के अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। एमफिल कोर्स में मैथ, अंग्रेजी, जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग, एजूकेशन, जंतु विज्ञान, बॉटनी, फिजिक्स में एडमिशन टफ है। अधिकांश विषयों में एमफिल की 10-10 सीट हैं। उर्दू में पांच सीट हैं। हिंदी में इस बार प्रोफेसर बाहर होने की वजह से एडमिशन नहीं होगा। उर्दू और हार्टीकल्चर सबसे कम आवेदन आए हैं। विवि मुख्यालय में एडमिशन के लिए फाइट कड़ी होनी चाहिए, जबकि अभ्यर्थी की संख्या घट रही है। एमफिल कोर्स की उपयोगिता की बात करें तो यूजीसी के नियम मुताबिक पीएचडी करने के लिए कोर्स वर्क से छूट है। कोर्स वर्क छह महीने का है। एमफिल एक साल की है।
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आज एलएलएम एंट्रेंस
विवि कैंपस में सर छोटूराम इंस्टीट्यूट में दोपहर 12 से दो बजे तक एलएलएम एंट्रेंस होगा। विवि कैंपस, मेरठ कॉलेज और एनएएस कॉलेज में एडमिशन के लिए कैंपस एंट्रेंस होना है।