{"_id":"5984e57c4f1c1bf14a8b4681","slug":"181501881724-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंद्रग्रहण के सूतक में घिरा रंक्षा बंधन मुहूर्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंद्रग्रहण के सूतक में घिरा रंक्षा बंधन मुहूर्त
Updated Sat, 05 Aug 2017 02:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रक्षा बंधन पर 11.08 से 1.52 तक विशेष मुहूर्त
मेरठ। इस बार रक्षा बंधन का मुहूर्त पाताली भद्रा और चंद्र ग्रहण के सूतक में घिरा है। रक्षाबंधन का त्योहार सात अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन श्रावण पूर्णिमा श्रवण नक्षत्र सोमवार को भगवान शंकर के मस्तक पर विराजे चंद्रमा से अमृत बरसने के योग बताए गए हैं। ऐसे समय में भगवान शिव अमृते वर और पार्वती अमृते वरी हो जाती हैं।
सात अगस्त को सुबह 11.08 बजे से दोपहर 1.52 बजे तक राखी बंधन का शुभ श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा। इसके बीच में दोपहर 12.12 बजे से 12.24 तक अति विशेष मुहूर्त है। भद्रा पाताल में रहेगी। भद्रा काल मुहूर्त सुबह 5.49 बजे से 7.19 बजे तक अमृत योग, 8. 49 बजे से 10.19 बजे तक शुभ योग रहेगा। आचार्य कौशल वत्स के अनुसार बहनों को शुभ मुहूर्त में ही भाइयों को रक्षा सूत्र बांधना चाहिए। वहीं, पंडित चंडी प्रसाद और पंडित संजय त्रिपाठी के अनुसार शुभ मुहूर्त सुबह 11:08 मिनट से दोपहर 1:52 मिनट तक का है। वहीं, भारत ज्ञान भूषण के अनुसार जो बहनें किसी कारण वश दोपहर तक अपने भाइयों की कलाई पर राखी नहीं बांध पाती हैं तो वह दोपहर बाद 2.49 बजे से 4.19 बजे तक चंद्र ग्रहण सूतक काल मुहूर्त में भी राखी बांध सकती हैं।
विज्ञापन
मेरठ। इस बार रक्षा बंधन का मुहूर्त पाताली भद्रा और चंद्र ग्रहण के सूतक में घिरा है। रक्षाबंधन का त्योहार सात अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन श्रावण पूर्णिमा श्रवण नक्षत्र सोमवार को भगवान शंकर के मस्तक पर विराजे चंद्रमा से अमृत बरसने के योग बताए गए हैं। ऐसे समय में भगवान शिव अमृते वर और पार्वती अमृते वरी हो जाती हैं।
सात अगस्त को सुबह 11.08 बजे से दोपहर 1.52 बजे तक राखी बंधन का शुभ श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा। इसके बीच में दोपहर 12.12 बजे से 12.24 तक अति विशेष मुहूर्त है। भद्रा पाताल में रहेगी। भद्रा काल मुहूर्त सुबह 5.49 बजे से 7.19 बजे तक अमृत योग, 8. 49 बजे से 10.19 बजे तक शुभ योग रहेगा। आचार्य कौशल वत्स के अनुसार बहनों को शुभ मुहूर्त में ही भाइयों को रक्षा सूत्र बांधना चाहिए। वहीं, पंडित चंडी प्रसाद और पंडित संजय त्रिपाठी के अनुसार शुभ मुहूर्त सुबह 11:08 मिनट से दोपहर 1:52 मिनट तक का है। वहीं, भारत ज्ञान भूषण के अनुसार जो बहनें किसी कारण वश दोपहर तक अपने भाइयों की कलाई पर राखी नहीं बांध पाती हैं तो वह दोपहर बाद 2.49 बजे से 4.19 बजे तक चंद्र ग्रहण सूतक काल मुहूर्त में भी राखी बांध सकती हैं।
विज्ञापन