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मेरठ मेट्रो को मिलेगी रफ्तार, यूएमआरसी का होगा गठन
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- लखनऊ में हुई कैबिनेट बैठक में मेरठ मेट्रो प्रोजेक्ट प्राथमिकता में हुआ शामिल
- एमडीए में पहले से ही चल रहा है मेट्रो सेल
- आवास और शहरी विकास विभाग के प्रस्ताव को हरी झंडी
मेरठ। शहर में परिवहन प्रोजेक्ट को रफ्तार देने के उद्देश्य से सरकार तेजी से प्रयास कर रही है। दिल्ली से मेरठ का सफर सुहावना बनाने के लिए रैपिड रेल कॉरिडोर के पहले चरण का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। अब दूसरी ओर शहर में शहरवासियों को मेट्रो की सवारी का इंतजाम भी किया जा रहा है। मंगलवार को लखनऊ में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लग गई। इसमें सबसे अहम फैसला शहरों में चलाई जाने वाली मेट्रो रेल सेवा परियोजनाओं को रफ्तार से चलाने का था।
कैबिनेट बैठक में सरकार ने अलग से ‘यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन’ नाम से एकल विशेष प्रयोजन साधन (सिंगल स्पेशल परपज व्हीकल-एसपीवी) का गठन करने का फैसला लिया है। इस प्रस्ताव को भी कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। सरकार का कहना है कि कानपुर और आगरा के प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजना की डीपीआर को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। वहीं, मेरठ, वाराणसी और गोरखपुर में मेट्रो रेल चलाने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाए जाने के संकेत दिए हैं।
एसपीवी से मिलेगी रफ्तार, मेट्रो सेल पहले से मौजूद
वर्ष-2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले योगी सरकार प्रमुख शहरों में परिवहन सेवाओं को बेहतर करने का प्रयास कर रही है। इसके लिए मेरठ में मेट्रो को रफ्तार देने के लिए स्पेशल परपज व्हीकल का गठन करने का फैसला लिया गया है। जिससे प्रोजेक्ट को रफ्तार दी जा सके। वहीं, इसके अलावा मेरठ में चल रहे ‘मेट्रो सेल’ से भी प्रोजेक्ट को रफ्तार मिलनी तय है। एमडीए परिसर के द्वितीय तल पर चल रहे इस सेल में पहले से ही अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत है। इस मेट्रो सेल का जिम्मा सहायक नगर नियोजक गोर्की, लिपिक राकेश डागर, पुष्पा राघव शामिल हैं।
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चार साल पहले बना मेट्रो सेल
मेरठ में मेट्रो को दौड़ाने के लिए वर्ष-2016 में मेट्रो सेल का लोकार्पण किया गया था। उस समय प्रदेश में सपा की सरकार थी। उसी समय लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के एमडी ने मेरठ रूट का निरीक्षण किया था। लेकिन यह कार्य अभी परवान नहीं चढ़ सका है। अब एक बार फिर मेट्रो सेल को एक बार उम्मीद जगी हैं।
यह है मेरठ मेट्रो का रूट
मेरठ में मेट्रो रूट को शहर के लगभग सभी इलाकों से निकाले जाने पर विचार किया था। इस का नक्शा भी तय कर लिया गया था।
पहला रूट
जाग्रति विहार एक्सटेंशन से श्रद्घापुरी तक। इस रूट में 13 स्टेशन शामिल थे। जिसमें से 10 स्टेशन एलीवेटेड और तीन अंडरग्राउंड तय हैं।
दूसरा रूट
परतापुर से मोदीपुरम तक। हालांकि, इस रूट में रैपिड को शामिल कर लिया गया है। बता दें, रैपिड के ट्रैक पर ही परतापुर से मोदीपुरम तक मेट्रो दौड़ेगी।
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- लखनऊ में हुई कैबिनेट बैठक में मेरठ मेट्रो प्रोजेक्ट प्राथमिकता में हुआ शामिल
- एमडीए में पहले से ही चल रहा है मेट्रो सेल
- आवास और शहरी विकास विभाग के प्रस्ताव को हरी झंडी
मेरठ। शहर में परिवहन प्रोजेक्ट को रफ्तार देने के उद्देश्य से सरकार तेजी से प्रयास कर रही है। दिल्ली से मेरठ का सफर सुहावना बनाने के लिए रैपिड रेल कॉरिडोर के पहले चरण का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। अब दूसरी ओर शहर में शहरवासियों को मेट्रो की सवारी का इंतजाम भी किया जा रहा है। मंगलवार को लखनऊ में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लग गई। इसमें सबसे अहम फैसला शहरों में चलाई जाने वाली मेट्रो रेल सेवा परियोजनाओं को रफ्तार से चलाने का था।
कैबिनेट बैठक में सरकार ने अलग से ‘यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन’ नाम से एकल विशेष प्रयोजन साधन (सिंगल स्पेशल परपज व्हीकल-एसपीवी) का गठन करने का फैसला लिया है। इस प्रस्ताव को भी कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। सरकार का कहना है कि कानपुर और आगरा के प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजना की डीपीआर को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। वहीं, मेरठ, वाराणसी और गोरखपुर में मेट्रो रेल चलाने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाए जाने के संकेत दिए हैं।
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एसपीवी से मिलेगी रफ्तार, मेट्रो सेल पहले से मौजूद
वर्ष-2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले योगी सरकार प्रमुख शहरों में परिवहन सेवाओं को बेहतर करने का प्रयास कर रही है। इसके लिए मेरठ में मेट्रो को रफ्तार देने के लिए स्पेशल परपज व्हीकल का गठन करने का फैसला लिया गया है। जिससे प्रोजेक्ट को रफ्तार दी जा सके। वहीं, इसके अलावा मेरठ में चल रहे ‘मेट्रो सेल’ से भी प्रोजेक्ट को रफ्तार मिलनी तय है। एमडीए परिसर के द्वितीय तल पर चल रहे इस सेल में पहले से ही अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत है। इस मेट्रो सेल का जिम्मा सहायक नगर नियोजक गोर्की, लिपिक राकेश डागर, पुष्पा राघव शामिल हैं।
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चार साल पहले बना मेट्रो सेल
मेरठ में मेट्रो को दौड़ाने के लिए वर्ष-2016 में मेट्रो सेल का लोकार्पण किया गया था। उस समय प्रदेश में सपा की सरकार थी। उसी समय लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के एमडी ने मेरठ रूट का निरीक्षण किया था। लेकिन यह कार्य अभी परवान नहीं चढ़ सका है। अब एक बार फिर मेट्रो सेल को एक बार उम्मीद जगी हैं।
यह है मेरठ मेट्रो का रूट
मेरठ में मेट्रो रूट को शहर के लगभग सभी इलाकों से निकाले जाने पर विचार किया था। इस का नक्शा भी तय कर लिया गया था।
पहला रूट
जाग्रति विहार एक्सटेंशन से श्रद्घापुरी तक। इस रूट में 13 स्टेशन शामिल थे। जिसमें से 10 स्टेशन एलीवेटेड और तीन अंडरग्राउंड तय हैं।
दूसरा रूट
परतापुर से मोदीपुरम तक। हालांकि, इस रूट में रैपिड को शामिल कर लिया गया है। बता दें, रैपिड के ट्रैक पर ही परतापुर से मोदीपुरम तक मेट्रो दौड़ेगी।