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धरातल पर उतरते ही खुल गया सीवर जेटिंग मशीनों का भ्रष्टाचार, अमर उजाला ने पहले ही किया था खुलासा

Tue, 04 Jun 2019 03:04 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Tue, 04 Jun 2019 03:04 AM IST
सार

  • धरातल पर उतरते ही खुल गया सीवर जेटिंग मशीनों का भ्रष्टाचार
  • पंपों ने दिया जवाब, नहीं चल पाईं नई मशीनेें, 1.80 करोड़ में खरीदी गई थीं
  • डेढ़ साल तक तो सहारनपुर में खड़ी रही थीं चेसिस, फ्री सर्विस भी हो गई खत्म

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धरातल पर उतरते ही खुल गया सीवर जेटिंग मशीनों का भ्रष्टाचार

विस्तार

पौने दो करोड़ रुपये में खरीदी गईं छह सीवर जेटिंग मशीन धरातल पर उतरते ही फेल हो गईं। मशीनों के पंप ने काम करना बंद कर दिया। हालांकि सीवर जेटिंग मशीन खरीद पहले से ही भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी थी। लेकिन जलकल विभाग के अधिकारी बार-बार उस पर पर्दा डाल रहे थे।

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नगर निगम ने मार्च 2018 में छह सीवर जेटिंग मशीनें खरीदी थीं। गाड़ी के चेसिस खरीदने के बाद जलकल विभाग के तत्कालीन अधिशासी अभियंता सुनील सिंहल ने चेसिस पर टैंकर लगाने के लिए सहारनपुर भेज दिया था। गाड़ी इंजन की फ्री सर्विस सहारनपुर में ही खत्म हो गई।

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आरोप तो यह भी रहे कि जलकल विभाग ने पुराने मॉडल की गाड़ी के चेसिस खरीदे, जिनको छुपाने के लिए सहारनपुर भेज दिया। छह गाड़ियों के ऊपर सीवर टैंक बनाने में एक साल से अधिक समय लगाया गया। अनेक बार नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान ने जलकल विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था।


उसका परिणाम यह हुआ कि सुनील सिंहल सेवानिवृत्ति से एक माह पहले ही सहारनपुर से सीवर जेटिंग मशीन की आपूर्ति करा पाए। मशीन के मेरठ पहुंचने पर टेस्टिंग के दौरान भी उनकी गुणवत्ता पर उंगली उठी थी। लेकिन अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसका परिणाम अब सामने आ रहा है। सीवर जेटिंग मशीन की गुणवत्ता खराब है। नगर निगम को चूना लगाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी गई।


जलकल विभाग ने दो दिन पहले नौचंदी क्षेत्र में सीवर साफ करने के लिए छह में से दो मशीनें भेजीं, जो मौके पर काम ही नहीं कर पाईं। क्षेत्रीय पार्षद गफ्फार अहमद का कहना है कि चालक ने मशीन चलाने का काफी प्रयास किया, लेकिन पंप ने काम नहीं किया। दोनों ही नई मशीनें खराब निकलीं। आगामी बोर्ड बैठक में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। खराब मशीनों पर खर्च किए गए धन की रिकवरी जलकल विभाग के अधिकारियों से की जानी चाहिए।


यह बात सही है कि सीवर जेटिंग मशीनें ठीक से नहीं चल पा रही हैं। हमने कंपनी वालों को बुलाया है। अगर सभी मशीनें ठीक से नहीं चलेंगी, तो हम पेमेंट की संस्तुति नहीं करेंगे। मशीनों का कई बार ट्रायल हो चुका है। लेकिन सफलता नहीं मिल रही है। - सुनील कुमार, सहायक अभियंता

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