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शिक्षकों ने बीएलओ की डयूटी करने से किया इंकार
Updated Sat, 13 Oct 2018 02:09 AM IST
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बीएलओ ड्यूटी नहीं करेंगे शिक्षक
सरधना। क्षेत्र में पोलिंग बूथों पर मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम में जो शिक्षक बीएलओ की ड्यूटी पर तैनात हैं। उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बीएलओ की ड्यूटी देने से इनकार कर दिया हैं। शिक्षकों का कहना है कि कोर्ट ने भी शिक्षकों के पक्ष में ही फैसला सुनाया है। शिक्षक बीएलओ की ड्यूटी नहीं करेंगे। शिक्षकों से इस फैसले से मतदाता पुनरीक्षण अभियान प्रभावित होना तय हैं। शिक्षक एबीआरसी शरद चौहान ने बताया कि जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा शिक्षकों का शिक्षण कार्य करते हुए बीएलओ की ड्यूटी करने के आदेश पारित किए थे। इस आदेश के खिलाफ शिक्षकों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। जिसमें सरधना, मवाना, मेरठ, माछरा, किला ब्लॉक के 45 शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अब शिक्षकों का कहना है कि हाईकोर्ट ने पांच अक्तूबर को उनके हक में आदेश किया है। न्यायालय ने आदेश पारित करते हुए शिक्षकों से शिक्षण के समय अथवा शिक्षण कार्य दिवस पर किसी भी प्रकार की अन्य कार्य नहीं कराया जा सकता है। जिसमें बीएलओ भी शामिल हैं। उनका कहना है कि हाईकोर्ट ने शिक्षण कार्य के समय बीएलओ की ड्यूटी पर रोक लगा दी है। जिसके बाद अब शिक्षकों ने बीएलओ की ड्यूटी करने से साफ इनकार कर दिया है।
सरधना। क्षेत्र में पोलिंग बूथों पर मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम में जो शिक्षक बीएलओ की ड्यूटी पर तैनात हैं। उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बीएलओ की ड्यूटी देने से इनकार कर दिया हैं। शिक्षकों का कहना है कि कोर्ट ने भी शिक्षकों के पक्ष में ही फैसला सुनाया है। शिक्षक बीएलओ की ड्यूटी नहीं करेंगे। शिक्षकों से इस फैसले से मतदाता पुनरीक्षण अभियान प्रभावित होना तय हैं। शिक्षक एबीआरसी शरद चौहान ने बताया कि जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा शिक्षकों का शिक्षण कार्य करते हुए बीएलओ की ड्यूटी करने के आदेश पारित किए थे। इस आदेश के खिलाफ शिक्षकों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। जिसमें सरधना, मवाना, मेरठ, माछरा, किला ब्लॉक के 45 शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अब शिक्षकों का कहना है कि हाईकोर्ट ने पांच अक्तूबर को उनके हक में आदेश किया है। न्यायालय ने आदेश पारित करते हुए शिक्षकों से शिक्षण के समय अथवा शिक्षण कार्य दिवस पर किसी भी प्रकार की अन्य कार्य नहीं कराया जा सकता है। जिसमें बीएलओ भी शामिल हैं। उनका कहना है कि हाईकोर्ट ने शिक्षण कार्य के समय बीएलओ की ड्यूटी पर रोक लगा दी है। जिसके बाद अब शिक्षकों ने बीएलओ की ड्यूटी करने से साफ इनकार कर दिया है।