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अमाल से दूर हो रहा है मुसलमान
Updated Mon, 16 Apr 2018 09:15 PM IST
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फलावदा।
कस्बे के मोहल्ला दरबार स्थित मदरसा इस्लामिया जमालूल उलूम दरबार में एक दिवसीय इजलास-ए-आम का आयोजन किया गया। इसमें मौलानाओं ने दीन के साथ दुनियावी तालीम को भी जरूरी बताते हुए आमाल ठीक करने की नसीहत दी।
मोहल्ला दरबार स्थित मदरसा इस्लामिया जमालूल उलूम दरबार में सालाना इजलास-ए-आम को खिताब फरमाते हुए मौलाना यामीन देवबंदी ने कहा कि दीनी तालीम के साथ दुनियावी तालीम भी जरूरी है। मुसलमान को अपने बच्चे डॉक्टर, वकील, इंजीनियर बनाने से पहले दीनदार बनाने चाहिए। जिससे मुसलमान के बच्चे बददीनी के कारण इस्लाम से दूर न हो पाएं। उन्होंने कहा कि मुसलमान मान दौलत के नशे में डूबकर आमाल से दूर होता जा रहा है। मुसलमान अपने दीन को आगे बढ़ाने के लिए जान और माल को खर्च करें। पैगंबर के तरीकों को छोड़कर जो इंसान जिंदगी गुजार रहा है। वह नुकसान के अतिरिक्त कुछ हासिल नहीं कर रहा है। इंसान को दुनिया में पैगंबर के तरीकों पर जिंदगी गुजारनी चाहिए। दरबार में पढे़ दो बच्चों के हाफिज बनने पर दस्तारबंदी की गई। इजलास-ए-आम के समापन पर मवाना शहर काजी मौलाना नफीस कासमी ने देश में अमनो अमान के लिए दुआ कराई। इजलास-ए-आम की निजामत हाफिज सलीम ने की। इस मौके पर मौलाना सलमान, मौलाना इंतजार, हाफिज महफूज माहिर, मिर्जा हसीमुद्दीन, अनवारूल हक शादां, सैयद ईसा, इरशाद कुरैशी आदि मौजूद रहे।
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कस्बे के मोहल्ला दरबार स्थित मदरसा इस्लामिया जमालूल उलूम दरबार में एक दिवसीय इजलास-ए-आम का आयोजन किया गया। इसमें मौलानाओं ने दीन के साथ दुनियावी तालीम को भी जरूरी बताते हुए आमाल ठीक करने की नसीहत दी।
मोहल्ला दरबार स्थित मदरसा इस्लामिया जमालूल उलूम दरबार में सालाना इजलास-ए-आम को खिताब फरमाते हुए मौलाना यामीन देवबंदी ने कहा कि दीनी तालीम के साथ दुनियावी तालीम भी जरूरी है। मुसलमान को अपने बच्चे डॉक्टर, वकील, इंजीनियर बनाने से पहले दीनदार बनाने चाहिए। जिससे मुसलमान के बच्चे बददीनी के कारण इस्लाम से दूर न हो पाएं। उन्होंने कहा कि मुसलमान मान दौलत के नशे में डूबकर आमाल से दूर होता जा रहा है। मुसलमान अपने दीन को आगे बढ़ाने के लिए जान और माल को खर्च करें। पैगंबर के तरीकों को छोड़कर जो इंसान जिंदगी गुजार रहा है। वह नुकसान के अतिरिक्त कुछ हासिल नहीं कर रहा है। इंसान को दुनिया में पैगंबर के तरीकों पर जिंदगी गुजारनी चाहिए। दरबार में पढे़ दो बच्चों के हाफिज बनने पर दस्तारबंदी की गई। इजलास-ए-आम के समापन पर मवाना शहर काजी मौलाना नफीस कासमी ने देश में अमनो अमान के लिए दुआ कराई। इजलास-ए-आम की निजामत हाफिज सलीम ने की। इस मौके पर मौलाना सलमान, मौलाना इंतजार, हाफिज महफूज माहिर, मिर्जा हसीमुद्दीन, अनवारूल हक शादां, सैयद ईसा, इरशाद कुरैशी आदि मौजूद रहे।
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