{"_id":"5c3ba40abdec22734776475e","slug":"151547412490-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन दिन बाद भी नहीं दिखाई दिया तेंदुआ, टीम लगातार रही तलाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन दिन बाद भी नहीं दिखाई दिया तेंदुआ, टीम लगातार रही तलाश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
मवाना। सांधन गांव में तेंदुए की दहशत लगातार बनी हुई है। हालांकि तीन दिन बाद भी तेंदुआ दिखाई नहीं दिया। उसे पकड़ने के लिए दिन-रात वन विभाग की टीम कांबिंग कर रही है। इसके बावजूद सफलता नहीं मिली है।
मवाना क्षेत्र के ढिकौली गांव में सबसे पहले रमेश के खेत में तेंदुआ दिखाई दिया था। इसके बाद सांधन व फिटकरी में तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों व किसानों में दहशत फैल गई। वर्तमान में गन्ना पेराई का सीजन है। किसान अपने खेतों में मजूदरों के साथ गन्ने की छिलाई कर रहे हैं। बीते तीन सप्ताह से क्षेत्र में तेंदुए ने दहशत फैला रखी है। जिस कारण किसान खेतों में काम करने नहीं जा रहे हैं। यदि कोई किसान खेत पर जाता है तो वह अपने साथ लाठी-डंडे व अन्य किसानों को लेकर जाता है। सांधन गांव में तेंदुए को मोबाइल में कैद करने के बाद वन विभाग की टीम ने यहां पिंजरा लगाया था, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी तेंदुआ दोबारा दिखाई नहीं दिया। रात के समय में पिछले तीन दिन से वन दरोगा विनोद कुमार टीम के साथ जंगल में तेंदुए को पकड़ने के लिए कांबिंग कर रहे है, परंतु अभी तक सफलता नहीं मिली है। प्रधान हर्षवर्धन का कहना है कि उस दिन के बाद से तेंदुआ दिखाई नहीं दिया। टीम ने ग्रामीणों को पिंजरे के पास जाने से मना कर रखा है। टीम स्वयं ही पिंजरे के पास जाकर देखती है और रात के समय में लगातार कांबिंग कर रही है। वहीं, वन दरोगा विनोद कुमार का कहना है कि पिंजरा लगाने के बावजूद सफलता नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि तेंदुआ एक रात में काफी दूरी तय करता है। संभवत: वह दूर निकल चुका है।
मुख्य बातें
तीन दिन बीत जाने के बावजूद तेंदुए का सुराग नहीं, दहशत बरकरार
वन अधिकारी जता रहे दूर निकल जाने की संभावना
विज्ञापन
मवाना। सांधन गांव में तेंदुए की दहशत लगातार बनी हुई है। हालांकि तीन दिन बाद भी तेंदुआ दिखाई नहीं दिया। उसे पकड़ने के लिए दिन-रात वन विभाग की टीम कांबिंग कर रही है। इसके बावजूद सफलता नहीं मिली है।
मवाना क्षेत्र के ढिकौली गांव में सबसे पहले रमेश के खेत में तेंदुआ दिखाई दिया था। इसके बाद सांधन व फिटकरी में तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों व किसानों में दहशत फैल गई। वर्तमान में गन्ना पेराई का सीजन है। किसान अपने खेतों में मजूदरों के साथ गन्ने की छिलाई कर रहे हैं। बीते तीन सप्ताह से क्षेत्र में तेंदुए ने दहशत फैला रखी है। जिस कारण किसान खेतों में काम करने नहीं जा रहे हैं। यदि कोई किसान खेत पर जाता है तो वह अपने साथ लाठी-डंडे व अन्य किसानों को लेकर जाता है। सांधन गांव में तेंदुए को मोबाइल में कैद करने के बाद वन विभाग की टीम ने यहां पिंजरा लगाया था, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी तेंदुआ दोबारा दिखाई नहीं दिया। रात के समय में पिछले तीन दिन से वन दरोगा विनोद कुमार टीम के साथ जंगल में तेंदुए को पकड़ने के लिए कांबिंग कर रहे है, परंतु अभी तक सफलता नहीं मिली है। प्रधान हर्षवर्धन का कहना है कि उस दिन के बाद से तेंदुआ दिखाई नहीं दिया। टीम ने ग्रामीणों को पिंजरे के पास जाने से मना कर रखा है। टीम स्वयं ही पिंजरे के पास जाकर देखती है और रात के समय में लगातार कांबिंग कर रही है। वहीं, वन दरोगा विनोद कुमार का कहना है कि पिंजरा लगाने के बावजूद सफलता नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि तेंदुआ एक रात में काफी दूरी तय करता है। संभवत: वह दूर निकल चुका है।
विज्ञापन
मुख्य बातें
तीन दिन बीत जाने के बावजूद तेंदुए का सुराग नहीं, दहशत बरकरार
वन अधिकारी जता रहे दूर निकल जाने की संभावना