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डीएसओ कार्यालय में भाजपाइयों का हंगामा
Updated Tue, 20 Feb 2018 02:32 AM IST
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मेरठ। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से राशन की कालाबाजारी, कार्ड धारकों को आधार से न जोड़ने और फर्जी कार्डों पर राशन वितरण दिखाने के मामले में पूर्व विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने सोमवार को कार्यकर्ताओं के साथ जिलापूर्ति कार्यालय पहुंचकर हंगामा कर दिया।
डॉ. वाजपेयी ने डीएसओ विकास गौतम से कहा कि इन मामलों में एसआईटी की जांच का परिणाम समय से आएगा। सरकार के आदेशानुसार राशन कार्डों का सत्यापन और मुखिया का आधार लिंक किया जाना था। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने सत्यापन करने के बहाने फर्जी राशन कार्डों को भी वैध दिखाने का प्रयास किया है। उन्होंने डीएसओ से चारों क्षेत्रों से कार्ड धारकों की सूची उपलब्ध कराने को कहा, ताकि अपने स्तर से कार्ड धारक का आधार और मोबाइल नंबर चेक किया जा सके।
उन्होंने कहा कि दुकानों की जांच की जाए। निरस्त दुकानों को दूरदराज की दुकानों से अटैच करने का मतलब सीधे कालाबाजारी को जन्म देना है। क्योंकि निरस्त दुकानों से जुड़े कार्ड धारक दूरदराज की दुकानों से राशन लेने पहुंचते ही नहीं हैं और उनके नाम राशन वितरित हो जाता है। आरोप लगाया कि राशन वितरकों से अधिकारी अवैध उगाही कर रहे हैं। पूर्व विधायक ने चेतावनी दी कि अगर फर्जी राशन कार्ड को निरस्त नहीं किया गया और गरीबों के राशन की कालाबाजारी की गयी तो अधिकारियों का शासन के सामने चिट्ठा खोला जाएगा। इस दौरान राजीव रस्तोगी, प्रवीण शर्मा, वेद पांडेय, नरेंद्र उपाध्याय, विवेक वाजपेयी, पार्षद विपिन जिंदल, संदीप रेवडी, सतीश चांदी, शनि, चिराग, राजू, जीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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डॉ. वाजपेयी ने डीएसओ विकास गौतम से कहा कि इन मामलों में एसआईटी की जांच का परिणाम समय से आएगा। सरकार के आदेशानुसार राशन कार्डों का सत्यापन और मुखिया का आधार लिंक किया जाना था। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने सत्यापन करने के बहाने फर्जी राशन कार्डों को भी वैध दिखाने का प्रयास किया है। उन्होंने डीएसओ से चारों क्षेत्रों से कार्ड धारकों की सूची उपलब्ध कराने को कहा, ताकि अपने स्तर से कार्ड धारक का आधार और मोबाइल नंबर चेक किया जा सके।
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उन्होंने कहा कि दुकानों की जांच की जाए। निरस्त दुकानों को दूरदराज की दुकानों से अटैच करने का मतलब सीधे कालाबाजारी को जन्म देना है। क्योंकि निरस्त दुकानों से जुड़े कार्ड धारक दूरदराज की दुकानों से राशन लेने पहुंचते ही नहीं हैं और उनके नाम राशन वितरित हो जाता है। आरोप लगाया कि राशन वितरकों से अधिकारी अवैध उगाही कर रहे हैं। पूर्व विधायक ने चेतावनी दी कि अगर फर्जी राशन कार्ड को निरस्त नहीं किया गया और गरीबों के राशन की कालाबाजारी की गयी तो अधिकारियों का शासन के सामने चिट्ठा खोला जाएगा। इस दौरान राजीव रस्तोगी, प्रवीण शर्मा, वेद पांडेय, नरेंद्र उपाध्याय, विवेक वाजपेयी, पार्षद विपिन जिंदल, संदीप रेवडी, सतीश चांदी, शनि, चिराग, राजू, जीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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