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सामाजिक,आर्थिक व शैक्षिक अधिकारों की मांग
Updated Tue, 26 Jun 2018 02:04 AM IST
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संघर्ष समिति ने किया कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन
मेरठ। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर पर धरना प्रदर्शन किया गया। जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र गौतम ने कहा कि आरक्षण कानून बनाने व इसे संविधान की नौवीं अनुसूची में रखने की मांग से केंद्र सरकार सहमत तो दिखी लेकिन उसके बाद सरकार ने आगे कुछ नहीं किया। एससी-एसटी एक्ट पर विधेयक लाने और पार्लियामेंट से सख्त कानून बनाने की केंद्र सरकार के मंत्रियों ने चर्चा तो की लेकिन एक्ट वापस मूल रूप में अब तक नहीं लाया गया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि इसके अलावा अन्य 15 सूत्रीय मांगों को भी सरकार पिछले चार सालों से नजरअंदाज किए हुए है, उन्होंने संकेत दिया कि दलित, पिछड़ों एवं आदिवासियों के आर्थिक, सामाजिक व शैक्षिक अधिकारों की अनदेखी बहुत भारी पड़ने वाली है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि 02 अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुई हिंसा के नाम पर निर्दोष दलितों के खिलाफ दर्ज झूठे मुकदमे वापस लिए जाए। जेल में बंद बेगुनाह लोगों को तत्काल रिहा किया जाए। इन सभी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। यशपाल सिंह, कृष्णपाल, ओमप्रकाश, टीकम सिंह, किशोर बाल्मीकि, विपिन मनोठिया, बिजेंद्र कुमार, अश्वनी जाटव, प्रेमनाथ आदि मौजूद रहे।
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मेरठ। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर पर धरना प्रदर्शन किया गया। जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र गौतम ने कहा कि आरक्षण कानून बनाने व इसे संविधान की नौवीं अनुसूची में रखने की मांग से केंद्र सरकार सहमत तो दिखी लेकिन उसके बाद सरकार ने आगे कुछ नहीं किया। एससी-एसटी एक्ट पर विधेयक लाने और पार्लियामेंट से सख्त कानून बनाने की केंद्र सरकार के मंत्रियों ने चर्चा तो की लेकिन एक्ट वापस मूल रूप में अब तक नहीं लाया गया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि इसके अलावा अन्य 15 सूत्रीय मांगों को भी सरकार पिछले चार सालों से नजरअंदाज किए हुए है, उन्होंने संकेत दिया कि दलित, पिछड़ों एवं आदिवासियों के आर्थिक, सामाजिक व शैक्षिक अधिकारों की अनदेखी बहुत भारी पड़ने वाली है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि 02 अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुई हिंसा के नाम पर निर्दोष दलितों के खिलाफ दर्ज झूठे मुकदमे वापस लिए जाए। जेल में बंद बेगुनाह लोगों को तत्काल रिहा किया जाए। इन सभी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। यशपाल सिंह, कृष्णपाल, ओमप्रकाश, टीकम सिंह, किशोर बाल्मीकि, विपिन मनोठिया, बिजेंद्र कुमार, अश्वनी जाटव, प्रेमनाथ आदि मौजूद रहे।