{"_id":"59b5a9374f1c1be37f8b5d2a","slug":"111505077559-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण मामले में व्यापारी लखनऊ रवाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण मामले में व्यापारी लखनऊ रवाना
Updated Mon, 11 Sep 2017 02:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण मामले में व्यापारी लखनऊ रवाना
- सुप्रीम कोर्ट के पेपर के साथ व्यापारियों की आवास आयुक्त के साथ बैठक
- पिछली बार की तरह व्यापारियों को सुप्रीम कोर्ट से आस
- दो दुकानों पर स्टे के बाद पूरी मार्केट का हो गया था बचाव
- ध्वस्तीकरण प्रकरण में असमंजस में हैं सभी व्यापारी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण प्रकरण में सेंट्रल बाजार के व्यापारी रविवार को लखनऊ के लिए रवाना हो गये। नोटिस वाले सभी व्यापारियों को आवास आयुक्त धीरज साहू ने बैठक के लिए मंगलवार को लखनऊ बुलाया है।
व्यापारी सुप्रीमकोर्ट से कागजों की कापी लेकर लखनऊ आवास आयुक्त की बैठक में शामिल होंगे। हालाकि पूरे मामले में व्यापारी असमंजस की स्थिति में नजर आ रहे हैं। व्यापारियों ने शनिवार को अधीक्षण अभियंता एसपीएन सिंह से भवन संख्या 661 की सभी दुकानों पर सुप्रीमकोर्ट से स्टे होने की बात कही थी। अधीक्षण अभियंता ने मामले में कहा कि व्यापारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए सुप्रीम कोर्ट के पेपर में स्टे आदेश में असमंजस है। जिसके चलते आवास आयुक्त धीरज साहू ने सुप्रीमकोर्ट के आदेशों की कापी को स्पष्ट करने का कहा है। मंगलवार को दोपहर 3 बजे सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण मामले में सब कुछ स्पष्ट हो जायेगा। याची और व्यापारियों को सुनने के बाद आवास आयुक्त के निर्देशों के बाद आवास विकास परिषद अगला कदम उठायेगा। मार्केट के पांच व्यापारी किशोर वाधवा, विनोद अरोड़ा, रजत गोयल, राजीव गुप्ता, राजीव राजवंशी लखनऊ के लिए रवाना हुए हो गये हैं। ये व्यापारी सेंट्रल मार्केट के सभी दुकानदारों की आवास आयुक्त की बैठक में पैरवी करेंगे।
21 दुकानों के बहाने पांच सौ को बचाने की आस
2013 में उच्च न्यायालय के आदेश के बाद शुरू हुई सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट द्वारा दो दुकानों पर स्टे मिलने के बाद स्थगित कर दी गई। दो दुकानों पर स्टे के बाद आवास एवं आवास परिषद के अधिकारियों ने सभी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई से मुंह मोड़ लिया। यही वजह रही दूसरे याची राहुल राणा ने दोबारा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इस बार व्यापारी दोराहे पर खड़े नजर आ रहे हैं। इस बार भी उन्हे सुप्रीमकोर्ट के स्टे से राहत मिलने की आस है। सेंट्रल मार्केट व्यापार संघ के अध्यक्ष किशोर वाधवा ने बताया कि 2013 में भवन संख्या 661 की सभी 21 दुकानों पर स्टे मिला था। पिछली बार दो दुकानों ने पूरी मार्केट को ध्वस्तीकरण से बचाया था। व्यापारियों को कितनी राहत मिलेगी ये 12 सितंबर के बाद साफ हो जायेगा। आवास विकास का व्यापारियों को दिया 15 दिनों का समय भी 17 सितंबर को पूरा होने जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
- सुप्रीम कोर्ट के पेपर के साथ व्यापारियों की आवास आयुक्त के साथ बैठक
- पिछली बार की तरह व्यापारियों को सुप्रीम कोर्ट से आस
- दो दुकानों पर स्टे के बाद पूरी मार्केट का हो गया था बचाव
- ध्वस्तीकरण प्रकरण में असमंजस में हैं सभी व्यापारी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण प्रकरण में सेंट्रल बाजार के व्यापारी रविवार को लखनऊ के लिए रवाना हो गये। नोटिस वाले सभी व्यापारियों को आवास आयुक्त धीरज साहू ने बैठक के लिए मंगलवार को लखनऊ बुलाया है।
व्यापारी सुप्रीमकोर्ट से कागजों की कापी लेकर लखनऊ आवास आयुक्त की बैठक में शामिल होंगे। हालाकि पूरे मामले में व्यापारी असमंजस की स्थिति में नजर आ रहे हैं। व्यापारियों ने शनिवार को अधीक्षण अभियंता एसपीएन सिंह से भवन संख्या 661 की सभी दुकानों पर सुप्रीमकोर्ट से स्टे होने की बात कही थी। अधीक्षण अभियंता ने मामले में कहा कि व्यापारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए सुप्रीम कोर्ट के पेपर में स्टे आदेश में असमंजस है। जिसके चलते आवास आयुक्त धीरज साहू ने सुप्रीमकोर्ट के आदेशों की कापी को स्पष्ट करने का कहा है। मंगलवार को दोपहर 3 बजे सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण मामले में सब कुछ स्पष्ट हो जायेगा। याची और व्यापारियों को सुनने के बाद आवास आयुक्त के निर्देशों के बाद आवास विकास परिषद अगला कदम उठायेगा। मार्केट के पांच व्यापारी किशोर वाधवा, विनोद अरोड़ा, रजत गोयल, राजीव गुप्ता, राजीव राजवंशी लखनऊ के लिए रवाना हुए हो गये हैं। ये व्यापारी सेंट्रल मार्केट के सभी दुकानदारों की आवास आयुक्त की बैठक में पैरवी करेंगे।
विज्ञापन
21 दुकानों के बहाने पांच सौ को बचाने की आस
2013 में उच्च न्यायालय के आदेश के बाद शुरू हुई सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट द्वारा दो दुकानों पर स्टे मिलने के बाद स्थगित कर दी गई। दो दुकानों पर स्टे के बाद आवास एवं आवास परिषद के अधिकारियों ने सभी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई से मुंह मोड़ लिया। यही वजह रही दूसरे याची राहुल राणा ने दोबारा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इस बार व्यापारी दोराहे पर खड़े नजर आ रहे हैं। इस बार भी उन्हे सुप्रीमकोर्ट के स्टे से राहत मिलने की आस है। सेंट्रल मार्केट व्यापार संघ के अध्यक्ष किशोर वाधवा ने बताया कि 2013 में भवन संख्या 661 की सभी 21 दुकानों पर स्टे मिला था। पिछली बार दो दुकानों ने पूरी मार्केट को ध्वस्तीकरण से बचाया था। व्यापारियों को कितनी राहत मिलेगी ये 12 सितंबर के बाद साफ हो जायेगा। आवास विकास का व्यापारियों को दिया 15 दिनों का समय भी 17 सितंबर को पूरा होने जा रहा है।
विज्ञापन