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नगर निगम ने बेच दिए शहर के वाहन पार्किंग स्थल
Updated Tue, 27 Jun 2017 03:23 AM IST
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पार्किंग का ठेका छूटा नहीं और हो रही अवैध वसूली
सूरजकुंड पार्क और पश्चिमी कचहरी गेट पर चल रही अवैध पार्किंग
निगम के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से लोगों का हो रही अवैध वसूली
मेरठ। शहर में वाहन पार्किँग के नाम पर लोगों से अवैध वसूली हो रही है। निगम के कुछ कर्मचारी और उगाही करने वाले लोग पैसे को आपस में बांट लेते हैं। लेकिन निगम प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
सूरजकुंड पार्क और पश्चिम कचहरी गेट के बाहर सड़क पर ही वाहन पार्किंग संचालित है। एक माह पहले नगर निगम ने वाहन पार्किंगों का ठेका छोड़ा था। जिसमें पश्चिमी कचहरी गेट और सूरजकुंड पार्क वाहन पार्किँग का ठेका नहीं छूट पाया था। नगर निगम प्रशासन ने दोबारा प्रयास भी नहीं किया। जिसके कारण दोनों स्थानों पर अवैध वाहन पार्किँग चल रही है। वहीं पश्चिमी कचहरी गेट के बाहर सड़क पर वाहन पार्किँग जाम का मुख्य कारण बना है। जिस समय कचहरी में आने वाली भीड़ और मेरठ कॉलेज के छात्र-छात्राएं निकलते हैं, उस समय तो वहां पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
जाम में फंसते हैं लेकिन कार्रवाई नहीं करते
नगर निगम, पुलिस, जिला प्रशासनिक अधिकारी प्रतिदिन पश्चिमी कचहरी गेट मार्ग से गुजरते हैं और वहां लगे जाम में भी फंसते हैं। लेकिन सड़क पर अतिक्रमण और अवैध वाहन पार्किंग पर उनका ध्यान नहीं जाता। यही कारण है कि अवैध पार्किँग संचालकों के हौसले बुलंद हैं। बताया जा रहा है कि इस कारोबार से कुछ असामाजिक तत्व भी जुड़े हैं।
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दो साल से पार्किँग शुल्क की बंदरबांट
सूरजकुंड पार्क में सुबह और शाम सैकड़ों लोग घूमने आते हैं। पार्क के बाहर पार्किंग स्थल बनाया हुआ है। पूर्व में पार्किँग का ठेका छोड़ा गया था। लेकिन कुछ लोगों ने निगम कर्मचारियों को भाग दिया था। उसके बाद पार्किँग का ठेका ही नहीं छूट पाया। पार्किँग से जुड़े निगम के कर्मचारियों की मिलीभगत से सूरजकुंड पार्किँग पर वाहनों से लगातार उगाही हो रही है। सोमवार को अमर उजाला की टीम वहां पहुंची तो पार्किंग संचालक भाग खड़ा हुआ।
दोनों स्थानों पर अवैध वाहन पार्किँग चल रही है। संबंधित क्षेत्रीय थाने को पत्र लिख रहे हैं कि अवैध पार्किंग चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे। लोग कचहरी और सूरजकुंड पर वाहन खड़े करने का कोई शुल्क न दें। राजेश कुमार, संपत्ति अधिकारी नगर निगम
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सूरजकुंड पार्क और पश्चिमी कचहरी गेट पर चल रही अवैध पार्किंग
निगम के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से लोगों का हो रही अवैध वसूली
मेरठ। शहर में वाहन पार्किँग के नाम पर लोगों से अवैध वसूली हो रही है। निगम के कुछ कर्मचारी और उगाही करने वाले लोग पैसे को आपस में बांट लेते हैं। लेकिन निगम प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
सूरजकुंड पार्क और पश्चिम कचहरी गेट के बाहर सड़क पर ही वाहन पार्किंग संचालित है। एक माह पहले नगर निगम ने वाहन पार्किंगों का ठेका छोड़ा था। जिसमें पश्चिमी कचहरी गेट और सूरजकुंड पार्क वाहन पार्किँग का ठेका नहीं छूट पाया था। नगर निगम प्रशासन ने दोबारा प्रयास भी नहीं किया। जिसके कारण दोनों स्थानों पर अवैध वाहन पार्किँग चल रही है। वहीं पश्चिमी कचहरी गेट के बाहर सड़क पर वाहन पार्किँग जाम का मुख्य कारण बना है। जिस समय कचहरी में आने वाली भीड़ और मेरठ कॉलेज के छात्र-छात्राएं निकलते हैं, उस समय तो वहां पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
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जाम में फंसते हैं लेकिन कार्रवाई नहीं करते
नगर निगम, पुलिस, जिला प्रशासनिक अधिकारी प्रतिदिन पश्चिमी कचहरी गेट मार्ग से गुजरते हैं और वहां लगे जाम में भी फंसते हैं। लेकिन सड़क पर अतिक्रमण और अवैध वाहन पार्किंग पर उनका ध्यान नहीं जाता। यही कारण है कि अवैध पार्किँग संचालकों के हौसले बुलंद हैं। बताया जा रहा है कि इस कारोबार से कुछ असामाजिक तत्व भी जुड़े हैं।
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दो साल से पार्किँग शुल्क की बंदरबांट
सूरजकुंड पार्क में सुबह और शाम सैकड़ों लोग घूमने आते हैं। पार्क के बाहर पार्किंग स्थल बनाया हुआ है। पूर्व में पार्किँग का ठेका छोड़ा गया था। लेकिन कुछ लोगों ने निगम कर्मचारियों को भाग दिया था। उसके बाद पार्किँग का ठेका ही नहीं छूट पाया। पार्किँग से जुड़े निगम के कर्मचारियों की मिलीभगत से सूरजकुंड पार्किँग पर वाहनों से लगातार उगाही हो रही है। सोमवार को अमर उजाला की टीम वहां पहुंची तो पार्किंग संचालक भाग खड़ा हुआ।
दोनों स्थानों पर अवैध वाहन पार्किँग चल रही है। संबंधित क्षेत्रीय थाने को पत्र लिख रहे हैं कि अवैध पार्किंग चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे। लोग कचहरी और सूरजकुंड पर वाहन खड़े करने का कोई शुल्क न दें। राजेश कुमार, संपत्ति अधिकारी नगर निगम