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दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे पर अंतिम चरण में छह कंपनियां लाइन में
Updated Thu, 14 Dec 2017 10:01 PM IST
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गाजियाबाद समेत अन्य केन्द्रों के ध्यानार्थ
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे टेंडर की खातिर छह कंपनियाें में होड़
इसी माह के आखिरी सप्ताह में हो जाएंगे टेंडर
एनएचएआई के मुख्य महाप्रबंधक बीएस सिंगला से हुई सांसद की वार्ता
वर्ष 2018 के अंत तक काम पूरा करने का लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे के चौथे चरण यानी डासना से मेरठ के बीच टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने के लिए छह कंपनियां कतार में हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि इसी माह के अंतिम सप्ताह में इस चरण के टेंडर हो जाएंगे।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है। हालांकि पांच दिसंबर तक इसके टेंडर के लिए कहा गया था परंतु इस अवधि में काम नहीं हो पाया। सितंबर में भी इस प्रोजेक्ट को लेकर परिवहन भवन में बैठक हुई थी। इस प्रोजेक्ट पर मीटिंग में विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि इस प्रस्ताव पर दिसंबर तक काम हो जाना चाहिए।
सांसद ने उठाया था मुद्दा
बैठक में सिंचाई एवं यांत्रिक मंत्री बलदेव ओलख समेत दिल्ली एवं हरियाणा सरकार के कई मंत्री भी शामिल थे। यहां मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने प्रकरण को जोरशोर से उठाया। खासतौर पर एनसीआर केयातायात को सुगम बनाने पर चर्चा हुई। यहां जोर रहा कि मेरठ से दिल्ली के बीच बनने एक्सप्रेस वे पर तेजी से काम हो।
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इसी माह होंगे टेंडर
इस बाबत मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने एनएचएआई के मुख्य महाप्रबंधक बीएस सिंगला से बात की थी। जिस पर उन्होंने आश्वासन दिया था कि डासना से मेरठ के बीच पांच दिसंबर से टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी परंतु ऐसा नहीं हो पाया। गत दिवस फिर से इस प्रकरण पर सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने बात की। इस बाबत एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि छह कंपनियां एक्सप्रेस वे पर टेंडर डालने के लिए कतार में हैं। प्रक्रिया इसी माह पूरी होगी। टारगेट यह है कि दिसंबर 2018 तक काम पूरा हो जाए।
यह है मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे का प्लान
पहला चरण
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे का निर्माण चार चरणों में प्रस्तावित है। पहले चरण में 06 लेन एक्सप्रेस वे एवं 08 लेन नेशनल हाईवे 24 दिल्ली के सराय काले खां, आउटर रिंग रोड दिल्ली से गाजीपुर तक है। निजामुद्दीन से यूपी गेट तक इसकी कुल लंबाई 8.70 किमी है। यहां कार्य 28 नवंबर से शुरू हो चुका है। इसका अनुबंध मूल्य 841.50 करोड़ रुपये है।
दूसरा चरण
दूसरे चरण में 06 लेन एक्सप्रेस वे एवं 08 लेन नेशनल हाईवे 24 यूपी गेट से डासना तक है। इसकी कुल लंबाई 19.20 किमी है। इस पर भी काम चल रहा है। इसका अनुबंध मूल्य 1989 करोड़ रुपये है।
तीसरा चरण
तीसरे चरण में 06 लेन एक्सप्रेस वे और 02 लेन सर्विस रोड डासना से हापुड़ तक है। इसकी कुल लंबाई 22.2 किमी है। इस चरण में काम शुरू किया जा चुका है। अनुबंध मूल्य 1057.60 करोड़ रुपये है।
चौथा चरण
इस चरण में 06 लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे डासना से मेरठ तक है। इसकी कुल लंबाई 32 किमी है। इसी प्रोजेक्ट पर इसी माह के अंत तक टेंडर की बात की जा रही है। इसका अनुबंध होना अभी बाकी है।
इन गांवों में हो गया अधिग्रहण
सांकरपुर, घोसीपुर, चंदसारा, ढिकौली, हाजीपुर, खानपुर, नंगला पत्तू, नरहाड़ा, सलेमपुर, अमीनगर, अच्छरौंडा, बराल परतापुर।
यह है मेरठ की स्थिति
मेरठ के 13 गांवों की जमीन का इस प्रोजेक्ट अंतर्गत अधिग्रहण हो चुका है। विवाद निपट चुके हैं। 536 करोड़ रुपये किसानों को बतौर मुआवजा दिया जा चुका है।
गाजियाबाद में अभी अटका पेंच
गाजियाबाद के 19 गांवों की जमीन का अधिग्रहण इस प्रोजेक्ट अंतर्गत हुआ है। जहांगीरपुर में 2.469 हेक्टेयर चकबंदी भूमि से प्रभावित गाटों के विवाद निस्तारण पर अभी काम चल रहा है। वन विभाग की कुल 15.053 भूमि का हस्तांतरण हो चुका है। साथ ही 2760 पेड़ों के कटान को भी हरी झंडी दी जा चुकी है।
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे टेंडर की खातिर छह कंपनियाें में होड़
इसी माह के आखिरी सप्ताह में हो जाएंगे टेंडर
एनएचएआई के मुख्य महाप्रबंधक बीएस सिंगला से हुई सांसद की वार्ता
वर्ष 2018 के अंत तक काम पूरा करने का लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे के चौथे चरण यानी डासना से मेरठ के बीच टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने के लिए छह कंपनियां कतार में हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि इसी माह के अंतिम सप्ताह में इस चरण के टेंडर हो जाएंगे।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है। हालांकि पांच दिसंबर तक इसके टेंडर के लिए कहा गया था परंतु इस अवधि में काम नहीं हो पाया। सितंबर में भी इस प्रोजेक्ट को लेकर परिवहन भवन में बैठक हुई थी। इस प्रोजेक्ट पर मीटिंग में विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि इस प्रस्ताव पर दिसंबर तक काम हो जाना चाहिए।
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सांसद ने उठाया था मुद्दा
बैठक में सिंचाई एवं यांत्रिक मंत्री बलदेव ओलख समेत दिल्ली एवं हरियाणा सरकार के कई मंत्री भी शामिल थे। यहां मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने प्रकरण को जोरशोर से उठाया। खासतौर पर एनसीआर केयातायात को सुगम बनाने पर चर्चा हुई। यहां जोर रहा कि मेरठ से दिल्ली के बीच बनने एक्सप्रेस वे पर तेजी से काम हो।
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इसी माह होंगे टेंडर
इस बाबत मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने एनएचएआई के मुख्य महाप्रबंधक बीएस सिंगला से बात की थी। जिस पर उन्होंने आश्वासन दिया था कि डासना से मेरठ के बीच पांच दिसंबर से टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी परंतु ऐसा नहीं हो पाया। गत दिवस फिर से इस प्रकरण पर सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने बात की। इस बाबत एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि छह कंपनियां एक्सप्रेस वे पर टेंडर डालने के लिए कतार में हैं। प्रक्रिया इसी माह पूरी होगी। टारगेट यह है कि दिसंबर 2018 तक काम पूरा हो जाए।
यह है मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे का प्लान
पहला चरण
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे का निर्माण चार चरणों में प्रस्तावित है। पहले चरण में 06 लेन एक्सप्रेस वे एवं 08 लेन नेशनल हाईवे 24 दिल्ली के सराय काले खां, आउटर रिंग रोड दिल्ली से गाजीपुर तक है। निजामुद्दीन से यूपी गेट तक इसकी कुल लंबाई 8.70 किमी है। यहां कार्य 28 नवंबर से शुरू हो चुका है। इसका अनुबंध मूल्य 841.50 करोड़ रुपये है।
दूसरा चरण
दूसरे चरण में 06 लेन एक्सप्रेस वे एवं 08 लेन नेशनल हाईवे 24 यूपी गेट से डासना तक है। इसकी कुल लंबाई 19.20 किमी है। इस पर भी काम चल रहा है। इसका अनुबंध मूल्य 1989 करोड़ रुपये है।
तीसरा चरण
तीसरे चरण में 06 लेन एक्सप्रेस वे और 02 लेन सर्विस रोड डासना से हापुड़ तक है। इसकी कुल लंबाई 22.2 किमी है। इस चरण में काम शुरू किया जा चुका है। अनुबंध मूल्य 1057.60 करोड़ रुपये है।
चौथा चरण
इस चरण में 06 लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे डासना से मेरठ तक है। इसकी कुल लंबाई 32 किमी है। इसी प्रोजेक्ट पर इसी माह के अंत तक टेंडर की बात की जा रही है। इसका अनुबंध होना अभी बाकी है।
इन गांवों में हो गया अधिग्रहण
सांकरपुर, घोसीपुर, चंदसारा, ढिकौली, हाजीपुर, खानपुर, नंगला पत्तू, नरहाड़ा, सलेमपुर, अमीनगर, अच्छरौंडा, बराल परतापुर।
यह है मेरठ की स्थिति
मेरठ के 13 गांवों की जमीन का इस प्रोजेक्ट अंतर्गत अधिग्रहण हो चुका है। विवाद निपट चुके हैं। 536 करोड़ रुपये किसानों को बतौर मुआवजा दिया जा चुका है।
गाजियाबाद में अभी अटका पेंच
गाजियाबाद के 19 गांवों की जमीन का अधिग्रहण इस प्रोजेक्ट अंतर्गत हुआ है। जहांगीरपुर में 2.469 हेक्टेयर चकबंदी भूमि से प्रभावित गाटों के विवाद निस्तारण पर अभी काम चल रहा है। वन विभाग की कुल 15.053 भूमि का हस्तांतरण हो चुका है। साथ ही 2760 पेड़ों के कटान को भी हरी झंडी दी जा चुकी है।