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Mau News: जब गुमनाम महिला अस्पताल खुद बीमार, कैसे मिले प्रसूताओंं को उपचार

Sat, 04 Nov 2023 11:55 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 04 Nov 2023 11:55 PM IST
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When the anonymous women's hospital itself fell ill, how did the pregnant women get treatment?
वलीदपुर/अमिला। गर्भवती महिला और प्रसूता के उपचार के लिए जिले में आमतौर पर उपचार के लिए लोग मुख्यालय स्थित जिला महिला अस्पताल को जानते हैं लेकिन ऐसा नहीं है। जिले में ऐसी महिलाओं के उपचार के लिए तीन अस्पताल भी हैं। यह बात दीगर है कि कुछ गुनमानी में संचालित हो रहे हैं तो कुछ पिछले कई वर्षों से बीमार चल रहे हैं। बता दें कि मुख्यालय के महिला अस्पताल के साथ जिले में तीन अन्य महिला अस्पताल हैं, एक मुहम्मदाबाद गोहना सीएचसी के अंतर्गत आने वाले सुरहुरपुर गांव में है, जिसका भवन पूरी तरह खंडहर हो चुका है। अब यह महज रेफरल सेंटर बनकर रह गया है।
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भवन पर घांस का डेरा जम गया है, जो उपचार नहीं बल्कि हरियाली का संदेश देती है। लगभग दो दशक पहले इसकी स्थापना की गई थी। मुहम्मदाबाद गोहना चिरैयाकोट जाने वाले मार्ग से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। उपकेंद्र पर कोई महिला चिकित्सक नहीं है। एएनएम विजय लक्ष्मी ने बताया कि छह माह पहले उसकी तैनाती की गई थी। बगल में बने सरकारी स्कूल में बैठकर जो भी जरूरी कार्य होता है, किया जाता है। यहां आने वाले डिलीवरी केस को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद गोहना या करहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर कर दिया जाता है।
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इस बाबत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक दिनेश चंद्रा ने बताया कि जर्जर भवन की लिखित शिकायत उच्च अधिकारियों से किया गया है। एएनएम इधर-उधर बैठकर अपना कार्य करती हैं। बडरांव सीएचसी के अंतर्गत अमिला में राजकीय महिला अस्पताल की स्थापना की गई है। यह अस्पताल भी न्यू पीएचसी के भवन में चल रहा है। अस्पताल में महिला चिकित्सक के लिए दो पद जो एक वर्ष से अधिक समय से खाली चल रहा है।
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यही हाल स्टाफ नर्स के पद का है। दो पद खाली हैं। फार्मासिस्ट के भी दो पद हैं। इन्ही के सहारे ही अस्पताल संचालित हो रहा है। इसके साथ ही एक वार्ड आया, एक रसोइयां, एक चौकीदार और एक स्वीपर है। अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 20 से 25 मरीज आते हैं। सामान्य उपचार के बाद इन सभी को अक्सर रेफर करना पड़ता है। इस बाबत बडरांव सीएचसी प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि चिकित्सकों की तैनाती को लेकर अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
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