{"_id":"6acbefbfd00893603b04223f","slug":"traders-association-opposes-mdr-on-upi-transactions-mau-news-c-295-1-svns1029-153409-2026-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर का व्यापार मंडल ने किया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर का व्यापार मंडल ने किया विरोध
विज्ञापन
नगर के रौजा स्थित व्यापार मंडल कार्यालय पर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल से जुड़े व्यापारियों की बैठक रविवार की शाम संपन्न हुई। जिसमें व्यापारियों ने एक स्वर में यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर का विरोध किया।
बैठक को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल जनपद मऊ के जिलाध्यक्ष डॉ. राम गोपाल गुप्त ने कहा कि व्यापारी पहले से ही विभिन्न प्रकार के करों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान व्यवस्था के माध्यम से व्यापारियों पर अतिरिक्त वित्तीय भार डालना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया और कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में व्यापारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यूपीआई को लोकप्रिय बनाने में छोटे और मध्यम व्यापारियों का विशेष योगदान रहा है। अब यदि इसी व्यवस्था के अंतर्गत व्यापारियों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है, तो इसका सीधा प्रभाव उनके लाभ और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ेगा।
डॉ. गुप्त ने केंद्र सरकार से मांग की कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए शुल्क व्यवस्था पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए तथा व्यापारियों पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ न डाला जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सरकार ने व्यापारी हितों की अनदेखी करते हुए इस व्यवस्था को लागू किया, तो अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल जनपद मऊ व्यापारियों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने और सड़क पर उतरने को मजबूर होगा। बैठक में कन्हैयालाल जायसवाल, अजहर फैजी, महातम यादव, सुभाष कन्नौजिया, एकबाल अहमद, गामा यादव, हरिशंकर गुप्ता, अशोक सिंह, विनय जायसवाल, मनोज गुप्ता, अतुल मद्धेशिया, संजय विश्वकर्मा उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बैठक को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल जनपद मऊ के जिलाध्यक्ष डॉ. राम गोपाल गुप्त ने कहा कि व्यापारी पहले से ही विभिन्न प्रकार के करों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान व्यवस्था के माध्यम से व्यापारियों पर अतिरिक्त वित्तीय भार डालना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया और कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में व्यापारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यूपीआई को लोकप्रिय बनाने में छोटे और मध्यम व्यापारियों का विशेष योगदान रहा है। अब यदि इसी व्यवस्था के अंतर्गत व्यापारियों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है, तो इसका सीधा प्रभाव उनके लाभ और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ेगा।
विज्ञापन
डॉ. गुप्त ने केंद्र सरकार से मांग की कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए शुल्क व्यवस्था पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए तथा व्यापारियों पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ न डाला जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सरकार ने व्यापारी हितों की अनदेखी करते हुए इस व्यवस्था को लागू किया, तो अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल जनपद मऊ व्यापारियों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने और सड़क पर उतरने को मजबूर होगा। बैठक में कन्हैयालाल जायसवाल, अजहर फैजी, महातम यादव, सुभाष कन्नौजिया, एकबाल अहमद, गामा यादव, हरिशंकर गुप्ता, अशोक सिंह, विनय जायसवाल, मनोज गुप्ता, अतुल मद्धेशिया, संजय विश्वकर्मा उपस्थित रहे।
विज्ञापन