फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Teaching using books from unauthorized private publishers will not be permitted in secondary schools.

Mau News: माध्यमिक विद्यालयों में अनधिकृत निजी प्रकाशकों की किताबों से नहीं करा सकेंगे पढ़ाई

Tue, 21 Jul 2026 12:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 12:09 AM IST
विज्ञापन
Teaching using books from unauthorized private publishers will not be permitted in secondary schools.
यूपी बोर्ड से संबद्ध माध्यमिक विद्यालयों में अब मनमाने ढंग से निजी प्रकाशकों की किताबों से पढ़ाई नहीं कराई जा सकेगी। बोर्ड की तरफ से अधिकृत एनसीईआरटी आधारित पाठ्यपुस्तकों से ही शिक्षण कार्य कराया जाएगा।
विज्ञापन

अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान निजी प्रकाशकों की पुस्तकें मिलने की स्थिति में संबंधित विद्यालय प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई होगी। जिले में यूपी बोर्ड से संबद्ध 496 माध्यमिक विद्यालयों में लगभग दो लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
विज्ञापन

बोर्ड की ओर से लागू एनसीईआरटी आधारित पाठ्यपुस्तकों से ही पढ़ाई कराई जानी है। इसके लिए बोर्ड ने एनसीईआरटी की पुस्तकों का मुद्रण केवल अधिकृत प्रकाशकों के माध्यम से कराया है, ताकि छात्रों को गुणवत्तापरक पाठ्यसामग्री उचित मूल्य पर उपलब्ध हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस वर्ष पहली बार पुस्तकों की ऑनलाइन उपलब्धता की व्यवस्था भी शुरू की गई है, जिससे जिले के विद्यार्थियों तक समय से किताबें पहुंच सकें। बोर्ड का उद्देश्य निजी प्रकाशकों की महंगी और अनधिकृत पुस्तकों पर रोक लगाते हुए सभी छात्र-छात्राओं को समान और गुणवत्तापरक पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
बोर्ड के निर्देश के अनुसार शैक्षणिक गतिविधियों के साथ यह भी जांची जाएगी कि विद्यालयों में केवल अधिकृत प्रकाशकों की पुस्तकों से ही पढ़ाई कराई जा रही है या नहीं।
यदि किसी विद्यालय में अन्य प्रकाशकों की पाठ्यपुस्तकें उपयोग में पाई गईं तो इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी, जिसके आधार पर संबंधित विद्यालय प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद का कहना है कि बोर्ड की तरफ से अधिकृत एनसीईआरटी आधारित पाठ्यपुस्तकों से ही शिक्षण कार्य कराने के लिए जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
निरीक्षण में यदि किसी विद्यालय में अन्य निजी प्रकाशकों की पाठ्यपुस्तकें उपयोग में पाई गईं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed