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विद्यार्थियों की होगी ईमेल आईडी
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जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों की अपनी वेबसाइट होगी। वहीं, विद्यार्थियों की ई-मेल आईडी भी बनाई जाएगी। विद्यार्थी अपनी ईमेल आईडी का प्रयोग खुद कर सके, इसके लिए विशेषज्ञ शिक्षक उन्हें प्रशिक्षित भी करेंगे।
जिले में 517 माध्यमिक विद्यालयों में लगभग तीन लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। कोरोना संक्रमण और लाकडाउन के चलते काफी समय तक स्कूल, कालेज बंद रहने से पठन पाठन पर विपरीत असर पड़ा। मामले की गंभीरता से लेते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने डिजिटल लिटरेसी को बढ़ाने के लिए फरमान जारी किया है। नई व्यवस्था के तहत विद्यालयों को हाईटेक करने की कवायद तेज हो गई है। हर छात्र की ईमेल आईडी बनवाई जाएगी। प्रत्येक विद्यालय की वेबसाइट बनेगी। प्रत्येक विद्यालय की वेबसाइट विकसित होने से शासन से आने वाली सूचनाओं का आदान-प्रदान समय पर हो सकेगा। छात्रों को सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए विद्यालयों की वेबसाइट और छात्र-छात्राओं की ई-मेल आईडी बनवाने से कोरोना जैसी स्थिति में असर नहीं पड़ेगा। छात्र अपनी ईमेल आईडी का प्रयोग खुद कर सके, इसके लिए विशेषज्ञ शिक्षक उन्हें प्रशिक्षित भी करेंगे। एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार माध्यमिक विद्यालयों को पंजीकृत विद्यार्थियों की ईमेल आईडी बनाई जाएगी। यह व्यवस्था कारगर हो, इसके लिए कालेजों को अपनी वेबसाइट तैयार करने के साथ ही छात्रों की ई-मेल आईडी बनवाने का निर्देश दिया गया है। स्कूल की वेबसाइट बनने से छात्रों की ई-मेल आइडी पर बोर्ड सूचनाओं का आदान-प्रदान आसानी से कर सकेगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
डिजिटल लिटरेसी को बढ़ाने के लिए माध्यमिक विद्यालयों में पंजीकृत हर छात्र की ईमेल आईडी बनाने ओर विद्यालयों की वेबसाइट बनाने के मामले में सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी किया गया है।
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- राजेंद्र प्रसाद, डीआईओएस
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जिले में 517 माध्यमिक विद्यालयों में लगभग तीन लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। कोरोना संक्रमण और लाकडाउन के चलते काफी समय तक स्कूल, कालेज बंद रहने से पठन पाठन पर विपरीत असर पड़ा। मामले की गंभीरता से लेते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने डिजिटल लिटरेसी को बढ़ाने के लिए फरमान जारी किया है। नई व्यवस्था के तहत विद्यालयों को हाईटेक करने की कवायद तेज हो गई है। हर छात्र की ईमेल आईडी बनवाई जाएगी। प्रत्येक विद्यालय की वेबसाइट बनेगी। प्रत्येक विद्यालय की वेबसाइट विकसित होने से शासन से आने वाली सूचनाओं का आदान-प्रदान समय पर हो सकेगा। छात्रों को सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए विद्यालयों की वेबसाइट और छात्र-छात्राओं की ई-मेल आईडी बनवाने से कोरोना जैसी स्थिति में असर नहीं पड़ेगा। छात्र अपनी ईमेल आईडी का प्रयोग खुद कर सके, इसके लिए विशेषज्ञ शिक्षक उन्हें प्रशिक्षित भी करेंगे। एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार माध्यमिक विद्यालयों को पंजीकृत विद्यार्थियों की ईमेल आईडी बनाई जाएगी। यह व्यवस्था कारगर हो, इसके लिए कालेजों को अपनी वेबसाइट तैयार करने के साथ ही छात्रों की ई-मेल आईडी बनवाने का निर्देश दिया गया है। स्कूल की वेबसाइट बनने से छात्रों की ई-मेल आइडी पर बोर्ड सूचनाओं का आदान-प्रदान आसानी से कर सकेगा।
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क्या कहते हैं अधिकारी
डिजिटल लिटरेसी को बढ़ाने के लिए माध्यमिक विद्यालयों में पंजीकृत हर छात्र की ईमेल आईडी बनाने ओर विद्यालयों की वेबसाइट बनाने के मामले में सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी किया गया है।
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- राजेंद्र प्रसाद, डीआईओएस