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जर्जर विद्युत तार और पोल बन रहे हादसों का सबब

Thu, 18 Aug 2022 11:06 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 18 Aug 2022 11:06 PM IST
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Shabby electrical wires and poles are becoming the cause of accidents
परदहां ब्लाक के ताजोपुर गांव में बास के सहारे बिजली के केबिल को लेकर गए लोग।संवाद - फोटो : MAU
मऊ। नगरीय इलाकों में विद्युतीकरण हुए दशकों बीत गए, लेकिन जर्जर विद्युत तार, पोलों को बदला नहीं जा सका है। जुगाड़ से विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है। यही नहीं वर्षों पहले बिछाई गई करोड़ों की भूमिगत केबल परियोजना बदहाल हो चुकी है। ऐसे में खुले में रखे ट्रांसफार्मर, जर्जर तार ओर पोल हादसों का सबब बने हुए हैं। जिले में तीन लाख से अधिक विद्युत उपभोक्ता हैं। नगर क्षेत्र में बेहतर विद्युत आपूर्ति तथा विद्युत चोरी पर शिकंजा कसने के लिए वर्षों पूर्व करोड़ों की लागत से नगर के निजामुद्दीनपुरा, बरपुर, ब्रह्मस्थान, मुंशीपुरा, सहादतपुरा, इमिलिया, बुनकर कालोनी में भूमिगत केबल बिछाई गई, लेकिन यह बदहाल हो चुकी है। निजामुद्दीनपुरा में अंडरग्राउंड केबिल जलने के एक वर्ष बाद भी फाल्ट ठीक नहीं कराया जा सका है। इसके स्वीच बाक्स खुले पड़े होने से दुर्घटना की संभावना है। विभाग की तरफ से अंडरग्राउंड केबिल में आए फाल्ट को ठीक करने के बजाय खंभों पर केबिल बिछाकर विद्युत आपूर्ति कर खानापूर्ति की जा रही है। यहीं नहीं सहादतपुरा, रघुनाथपुरा, ताजोपुर, भीटी, बल्लीपुरा, मिर्जाहादीपुरा सहित अधिकांश मुहल्लों में जर्जर विद्युत तारों व विद्युत पोल को बदला नहीं जा सका है। हालत यह है कि बारिश होने तथा तेज हवा बहने पर स्पार्किग से तार टूट रहे हैं। इससे घंटों बिजली गुल हो जा रही है। जुगाड़ के भरोसे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। नगर के गाजीपुर तिराहा स्थित यूनियन बैंक के सामने से होकर गुजरे हाईटेंशन लाइन में कई जोड़ देखे जा रहे हैं।
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बढुआगोदाम : ताजोपुर, बकवल, परसपुरा, डुमरांव, इमिलियाडीह में बांस-बल्ली और खुले में रखे ट्रांसफार्मर के सहारे बिजली आपूर्ति हो रही है। शिकायत के बाद भी पोल लगाने का कार्य नहीं किया गया है। समय रहते विभाग नहीं चेता तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ताजोपुर निवासी शशिकांत सिंह, भगत सिंह, पियुष पांडेय ने बताया कि पोल लगाने के लिए जिम्मेदारों से गुहार लगाई गई, लेकिन पोल नहीं लगाया गया। कोपागंज कस्बा के जुम्मनपुरा में जर्जर तारों के आए दिन टूटने से लोग दहशत में हैं। ब्लाक के सहरोज ग्राम पंचायत के करीब दो हजार की आबादी वाले इस दक्षिण टोले में आज भी बांस-बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। लगाए बांस के तमाम पोल सड़ चुके हैं, तार काफी नीचे आ चुके हैं। परदहां ब्लाक के खरगजेपुर के मजखनी, ताजपुर पतिला भार, सिहांव, ओन्हाईच, रैकवारेडीह सहित दर्जनों गांवों में अब भी जर्जर विद्युत तारों से विद्युत आपूर्ति की जा रही है। तार जर्जर हो जाने के कारण बहुत ही नीचे आ गया है। जिससे उस स्थान पर खेती नही हो पाती है। सेमरीजमालपुर विद्युत उपकेंद्र से संबद्ध पवनी, मझवारा, इंदारा सहित विभिन्न इलाकों में बिछाए गए विद्युत तार जर्जर हाल में है। तेज हवा बहने से तारों में स्पार्किंग होने से विद्युत तार टूटने तथा फाल्ट से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता अभिनव तिवारी ने बताया कि रिवैंप योजना के तहत जर्जर विद्युत तार व पोल बदलने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बजट मिलते ही तारों को बदल दिया जाएगा।

नगर के ब्रह्मस्थान पर दुर्घटना को दावत देता खुले में रखा ट्रांसफार्मर।संवाद

नगर के ब्रह्मस्थान पर दुर्घटना को दावत देता खुले में रखा ट्रांसफार्मर।संवाद- फोटो : MAU

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