{"_id":"60ca37648ebc3e58a326f2f1","slug":"prerna-saathi-will-cooperate-in-online-studies-mau-news-vns595197813","type":"story","status":"publish","title_hn":"आनलाइन पढ़ाई में सहयोग करेंगे प्रेरणा साथी:","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आनलाइन पढ़ाई में सहयोग करेंगे प्रेरणा साथी:
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत समस्त बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। जिन अभिभावकों के पास स्मार्ट फोन नहीं है। उनकी इस कमी को प्रेरणा साथी पूरी करेंगे। इसके लिए विद्यालयों में तैनात अध्यापकों को गांव के 10 ऐसे प्रेरणा साथी का चयन करने के लिए कहा गया है, जो स्वेच्छा से बच्चों को पढ़ाने के लिए स्मार्ट फोन दे सकें। प्रधानाध्यापक उनका प्रेरणा एप पर पंजीकरण कराएंगे और विद्यालय के व्हाट्सएप से जोड़ेंगे, जिसमें समय-समय पर शिक्षण सामग्री भेजी जाएगी।
जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1.49 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। कोरोना संक्रमण काल मेें विद्यालयों में ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। जिले में लगभग 50 प्रतिशत बच्चों के अभिभावकों के पास स्मार्टफोन ही नहीं है। कोरोना संक्रमण के बीच परिषदीय स्कूलों के बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए शासन की तरफ से अभिनव प्रयोग शुरू किया गया है। खासकर उन बच्चों के लिए, जिनके अभिभावकों के पास स्मार्ट फोन नहीं है। उनकी इस कमी को अब प्रेरणा साथी पूरी करेंगे। इसके लिए प्रत्येक विद्यालयों को संबंधित गांव के 10 ऐसे प्रेरणा साथियों का चयन करने के लिए कहा गया है, जो स्वेच्छा से बच्चों को पढ़ाने के लिए स्मार्ट फोन दे सकें। प्रधानाध्यापक उनका प्रेरणा एप पर पंजीकरण कराएंगे और विद्यालय के व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ेंगे, जिसमें समय-समय पर शिक्षण सामग्री भेजी जाएगी। इन दिनों प्रदेश में मिशन प्रेरणा की ई-पाठशाला चल रही है।
‘घर ही बन जाएगा विद्यालय हमारा, हम चलाएंगे ई-पाठशाला’ के तहत प्रथम, द्वितीय, तीसरा चरण पूरा हो चुका है। अब नई गतिविधियों के साथ चतुर्थ चरण शुरू हो चुका है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन तथा अधिकतम बच्चों तक पहुंच बढ़ाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने वालंटियर्स आनबोडिंग ड्राइव शुरू की है। इसमें वालंटियर्स को प्रेरणा साथी के नाम से जाना जाएगा। इन साथियों को साप्ताहिक शिक्षण सामग्री मुहैया कराई जाएगी। इस बाबत बीएसए राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि ई-पाठशाला के तहत प्रेरणा साथी के चयन करने की प्रक्रिया चल रही है। खंड शिक्षा अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1.49 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। कोरोना संक्रमण काल मेें विद्यालयों में ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। जिले में लगभग 50 प्रतिशत बच्चों के अभिभावकों के पास स्मार्टफोन ही नहीं है। कोरोना संक्रमण के बीच परिषदीय स्कूलों के बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए शासन की तरफ से अभिनव प्रयोग शुरू किया गया है। खासकर उन बच्चों के लिए, जिनके अभिभावकों के पास स्मार्ट फोन नहीं है। उनकी इस कमी को अब प्रेरणा साथी पूरी करेंगे। इसके लिए प्रत्येक विद्यालयों को संबंधित गांव के 10 ऐसे प्रेरणा साथियों का चयन करने के लिए कहा गया है, जो स्वेच्छा से बच्चों को पढ़ाने के लिए स्मार्ट फोन दे सकें। प्रधानाध्यापक उनका प्रेरणा एप पर पंजीकरण कराएंगे और विद्यालय के व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ेंगे, जिसमें समय-समय पर शिक्षण सामग्री भेजी जाएगी। इन दिनों प्रदेश में मिशन प्रेरणा की ई-पाठशाला चल रही है।
विज्ञापन
‘घर ही बन जाएगा विद्यालय हमारा, हम चलाएंगे ई-पाठशाला’ के तहत प्रथम, द्वितीय, तीसरा चरण पूरा हो चुका है। अब नई गतिविधियों के साथ चतुर्थ चरण शुरू हो चुका है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन तथा अधिकतम बच्चों तक पहुंच बढ़ाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने वालंटियर्स आनबोडिंग ड्राइव शुरू की है। इसमें वालंटियर्स को प्रेरणा साथी के नाम से जाना जाएगा। इन साथियों को साप्ताहिक शिक्षण सामग्री मुहैया कराई जाएगी। इस बाबत बीएसए राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि ई-पाठशाला के तहत प्रेरणा साथी के चयन करने की प्रक्रिया चल रही है। खंड शिक्षा अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन