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Mau News: सरकारी विद्यालयों में हर महीने होगी शैक्षिक गुणवत्ता की समीक्षा
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जिले के परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के लिए हर माह समीक्षा बैठक होगी। खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) प्रत्येक माह के चौथे शनिवार को प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक कर विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
इसमें प्रधानाध्यापक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इसके आधार पर विद्यालयों की रैंकिंग भी की जाएगी। जिले के 1208 परिषदीय विद्यालयों में करीब 1.30 लाख बच्चे पढ़ते हैं। शासन की ओर से इन विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्मार्ट क्लास सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब शैक्षिक गतिविधियों की नियमित समीक्षा कर बच्चों को मिल रहे लाभ का आकलन किया जाएगा।
बैठकों में कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों को निपुण लक्ष्य हासिल कराने और शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार पाठ्यक्रम पूरा करने की प्रगति पर चर्चा होगी। चयनित विद्यालयों में टैबलेट, स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब के रखरखाव की जानकारी भी ली जाएगी।
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एमडीएम के आंकड़ों के आधार पर डिजिटल संसाधनों के शत-प्रतिशत उपयोग की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। बैठकों में शैक्षिक गतिविधियों में सुधार और जरूरी कदमों पर भी चर्चा होगी। इनकी निगरानी प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। प्रत्येक बैठक की कार्ययोजना पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। नगर शिक्षा अधिकारी रजित लाल रत्नाकर ने बताया कि शासन के आदेश का अनुपालन कराया जाएगा। सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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इसमें प्रधानाध्यापक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इसके आधार पर विद्यालयों की रैंकिंग भी की जाएगी। जिले के 1208 परिषदीय विद्यालयों में करीब 1.30 लाख बच्चे पढ़ते हैं। शासन की ओर से इन विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्मार्ट क्लास सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब शैक्षिक गतिविधियों की नियमित समीक्षा कर बच्चों को मिल रहे लाभ का आकलन किया जाएगा।
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बैठकों में कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों को निपुण लक्ष्य हासिल कराने और शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार पाठ्यक्रम पूरा करने की प्रगति पर चर्चा होगी। चयनित विद्यालयों में टैबलेट, स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब के रखरखाव की जानकारी भी ली जाएगी।
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एमडीएम के आंकड़ों के आधार पर डिजिटल संसाधनों के शत-प्रतिशत उपयोग की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। बैठकों में शैक्षिक गतिविधियों में सुधार और जरूरी कदमों पर भी चर्चा होगी। इनकी निगरानी प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। प्रत्येक बैठक की कार्ययोजना पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। नगर शिक्षा अधिकारी रजित लाल रत्नाकर ने बताया कि शासन के आदेश का अनुपालन कराया जाएगा। सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।