{"_id":"5f25a7538ebc3e9fb0046d37","slug":"order-to-record-19-acres-of-land-in-teghna-tal-s-account-mau-news-vns5392050153","type":"story","status":"publish","title_hn":"19 एकड़़ जमीन को टेघना ताल के खाते में दर्ज करने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
19 एकड़़ जमीन को टेघना ताल के खाते में दर्ज करने का आदेश
विज्ञापन
घोसी (मऊ)। उपजिलाधिकारी घोसी आशुतोष राय ने अपने अहम फैसले में टेंघना गांव स्थित ताल की करोड़ों रुपये कीमत की 19 एकड़ जमीन को टेघना ताल के खाते मेें दर्ज करने का आदेश पारित किया है। इस फैसले को लेकर क्षेत्र में प्रसन्नता व्याप्त है। घोसी तहसील के टेंघना गांव स्थित गाटा संख्या 1 में कि 40.300 एकड़ में फैले ताल की 19.014 एकड़ भूमि पर गांव के ही कुछ लोगो ने चकबंदी के दौरान गलत ढंग से अपने नाम दर्ज करा लिया था। जिसको लेकर गांव के तत्कालीन प्रधान ने एसडीएम न्यायालय में सरकारी वकील के माध्यम से केस दर्ज किया था।
सरकारी वकील संजय तिवारी तथा प्रधान संतोष सिंह की पैरवी के चलते 13 जून 16 को टेंघना ताल की 19.014 एकड़ भूमि को ताल के खाते में दर्ज करने का आदेश दिया। इस फैसले के विरुद्ध प्रभावित लोग ने एसडीएम के आदेश को रिकॉल करनेे का प्रार्थनापत्र दिया। जिसपर तत्कालीन एसडीएम टीपी वर्मा ने 15 दिसंबर 2017 को रोक लगा दिया।
प्रधान संतोष सिंह और सरकारी वकील संजय तिवारी ने फैसले के विरुद्ध एसडीएम न्यायालय में रिकॉल प्रार्थना पत्र दिया।जिस पर केवल तारीखें पड़ती गयी। वर्तमान एसडीएम आशुतोष राय के इस मामले का संज्ञान लेते हुए सुनवाई की। बीते 14 जुलाई 2020 को सभी पक्षों के अधिवक्ताओं सुनने के बाद फैसले को सुरक्षित रखा। एसडीएएम ने 24 जुलाई 2020 को अपना निर्णय सुुनाते हुए 13 जून 2016 के फैसले को बहाल करते हुए 19.014 एकड़ भूमि को टेंघना ताल के खाते में दर्ज करनेेे का ऐतिहासिक फैसला दिया।
विज्ञापन
एसडीएम आशुतोष राय ने बताया कि सरकार की मंशा अनुसार हर सरकारी भूमि की सुरक्षा हम सभी का दायित्व है। 19एकड़ से अधिक भूमि ताल के खाते में जाने से रु 50 करोड़ से अधिक की क्षति होने से बच गयी।आने के बाद अल्प समय मे कुल 84 मुकदमों का निस्तारण मेरे द्वारा किया गया। अधिवक्ताओं के हड़ताल के बाद भी यह कार्य हुआ है।
विज्ञापन
सरकारी वकील संजय तिवारी तथा प्रधान संतोष सिंह की पैरवी के चलते 13 जून 16 को टेंघना ताल की 19.014 एकड़ भूमि को ताल के खाते में दर्ज करने का आदेश दिया। इस फैसले के विरुद्ध प्रभावित लोग ने एसडीएम के आदेश को रिकॉल करनेे का प्रार्थनापत्र दिया। जिसपर तत्कालीन एसडीएम टीपी वर्मा ने 15 दिसंबर 2017 को रोक लगा दिया।
विज्ञापन
प्रधान संतोष सिंह और सरकारी वकील संजय तिवारी ने फैसले के विरुद्ध एसडीएम न्यायालय में रिकॉल प्रार्थना पत्र दिया।जिस पर केवल तारीखें पड़ती गयी। वर्तमान एसडीएम आशुतोष राय के इस मामले का संज्ञान लेते हुए सुनवाई की। बीते 14 जुलाई 2020 को सभी पक्षों के अधिवक्ताओं सुनने के बाद फैसले को सुरक्षित रखा। एसडीएएम ने 24 जुलाई 2020 को अपना निर्णय सुुनाते हुए 13 जून 2016 के फैसले को बहाल करते हुए 19.014 एकड़ भूमि को टेंघना ताल के खाते में दर्ज करनेेे का ऐतिहासिक फैसला दिया।
विज्ञापन
एसडीएम आशुतोष राय ने बताया कि सरकार की मंशा अनुसार हर सरकारी भूमि की सुरक्षा हम सभी का दायित्व है। 19एकड़ से अधिक भूमि ताल के खाते में जाने से रु 50 करोड़ से अधिक की क्षति होने से बच गयी।आने के बाद अल्प समय मे कुल 84 मुकदमों का निस्तारण मेरे द्वारा किया गया। अधिवक्ताओं के हड़ताल के बाद भी यह कार्य हुआ है।