{"_id":"64b2d22fd27800c41806fcf8","slug":"nephew-arrested-after-13-years-in-uncle-murder-case-changed-his-name-and-was-doing-job-in-bihar-2023-07-15","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Mau: चाचा की हत्या में फरार आरोपी भतीजा 13 साल बाद गिरफ्तार, नाम बदल कर बिहार में कर रहा था नौकरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau: चाचा की हत्या में फरार आरोपी भतीजा 13 साल बाद गिरफ्तार, नाम बदल कर बिहार में कर रहा था नौकरी
Sat, 15 Jul 2023 10:36 PM IST
उत्पल कांत
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
Published by: उत्पल कांत
Updated Sat, 15 Jul 2023 10:36 PM IST
सार
जमीन के विवाद में चाचा का हत्यारोपी भतीजा 13 साल के बाद बिहार के हजारीबाग से गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ गोरखपुर और दोहरीघाट पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे पकड़ा। उसके ऊपर 50 हजार की इनामी राशि है।
विज्ञापन
चाचा की हत्या का आरोपी वेद प्रकाश पांडेय गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जमीन के विवाद में चाचा का हत्यारोपी भतीजा 13 साल के बाद बिहार के हाजीपुर से गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ गोरखपुर और दोहरीघाट पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे पकड़ा। उसके ऊपर 50 हजार की इनामी राशि है। दोहरीघाट पुलिस ने आरोपी का चालान कर दिया।
विज्ञापन
दोहरीघाट एसओ राजकुमार सिंह ने बताया कि दोहरीघाट थाना क्षेत्र के पुरमोती गांव निवासी वेद प्रकाश पांडेय (55) ने 2001 में जमीन विवाद को लेकर अपने चाचा उमाशंकर पांडेय की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले में उमाशंकर पांडेय के पुत्र रविशंकर ने वेदप्रकाश के विरुद्ध दोहरीघाट थाना में मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
2010 में हुआ था फरार
यहां कोर्ट में मामला जाने पर उसे जेल हो गई। तीन वर्ष जेल में रहा। फिर जमानत मिली। परिजनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जहां कोर्ट ने जिला कोर्ट के आदेश को यथावत रखा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट गए। यहां भी हाईकोर्ट के आदेश को मान्य रखा गया। इस दौरान ही जमानत पर चल रहा वेद प्रकाश पांडेय 2010 में फरार हो गया।
विज्ञापन
Trending Videos
2011 में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक द्वारा उस पर दो हजार की इनाम राशि घोषित की गई। 2013 तक आरोपी का सुराग न मिलने पर यह राशि पांच हजार कर दी गई। इसके बाद 2018 में यह राशि को 25 हजार कर दी गई। इनामी राशि बीते माह 50 हजार कर दी गई। इस बीच एसटीएफ गोरखपुर को सूचना मिली कि फरार आरोपी बिहार के हाजीपुर में नाम और पिता का नाम बदलकर टॉवर लगाने का काम करता है। सूचना पर दोहरीघाट पुलिस के साथ मिलकर उसे शुक्रवार की सुबह गिरफ्तार किया गया। शनिवार को पुलिस ने आरोपी का चालान कर दिया।