मुहम्मदाबाद गोहना। तहसील परिसर में मंगलवार को अधिवक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर उग्र धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और दोनों का पुतला फूंकने का प्रयास किया। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस बल के साथ अधिवक्ताओं की तीखी झड़प और छीना-झपटी हुई। पुलिस अंततः पुतला छीनकर ले जाने में सफल रही, जिसके विरोध में अधिवक्ताओं ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी की।
मंगलवार को तहसील का कामकाज शुरू होते ही अधिवक्ता महेंद्र राय के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने धरना देना शुरू कर दिया था। अधिवक्ताओं का आरोप है कि वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर धांधली की गई है और करोड़ों मतदाताओं के नाम हटाकर संविधान की मूल भावना के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह सीधा लोकतंत्र पर हमला है। धरने को संबोधित करते हुए महेंद्र राय ने कहा कि प्रमुख समाचार पत्रों में वोटों में हेराफेरी से संबंधित खबरें प्रकाशित होने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। हालांकि, केंद्र सरकार उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास कर रही है, जिसके लिए सबसे बड़े जिम्मेदार केंद्रीय गृहमंत्री हैं। उन्होंने बिहार में एसआईआर और कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में हुए फर्जीवाड़े का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग की कार्यशैली आज गंभीर सवालों के घेरे में है। इसके बाद आक्रोशित अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए पूरे तहसील परिसर में घूमे और मुख्य द्वार पर पुतला फूंकने का प्रयास किया। इसी बीच पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पुतला छीनने की कोशिश की, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। अंततः पुलिस पुतला जब्त कर ले गई। अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी अर्चना अग्निहोत्री को मुख्य चुनाव आयुक्त व गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपकर उचित कार्रवाई की मांग की। इस दौरान अधिवक्ता अली अकरम, अशोक कुमार, उदयभान, खालिद कमाल, महेश यादव, सुधीर श्रीवास्तव, विनय श्रीवास्तव, ओमप्रकाश, विनोद सिंह, संजय उपाध्याय, रविंद्र यादव,सभी पाल, संतोष श्रीवास्तव आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।