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Mau News: 21 माह में 8 प्रधानों का वित्तीय अधिकार सीज, 67 की शिकायतें लंबित

Fri, 29 Aug 2025 11:43 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 29 Aug 2025 11:43 PM IST
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Financial rights of 8 Pradhans seized in 21 months, complaints of 67 pending
मऊ। वित्तीय अनियमितता के मामले में जांच के बाद दोषी पाए जाने पर बीते 21 माह में 8 प्रधानों के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज हुए हैं। कार्रवाई के छह माह बाद दो प्रधानों के अधिकार बहाल कर दिए गए थे। लेकिन उनमें से एक कमालसेनपुर के प्रधान पर एक साल में दूसरी बार कार्रवाई की तलवार लटकी है। डीएम ने पुराने मामले में ही बीते 23 अगस्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीन अगस्त को यहां के सचिव भी निलंबित हो चुके हैं। ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों में धांधली और गबन की 67 शिकायतें प्रशासन स्तर पर लंबित हैं, जिनकी जांच बाकी है।
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रानीपुर ब्लॉक एक माह में पांचवीं बार चर्चा में
रानीपुर ब्लॉक एक माह में पांचवीं बार चर्चा में है। कहीं गलत तरीके से मनरेगा मजदूरी का भुगतान तो कहीं सरकारी धनराशि गबन करने का मामला उजागर हुआ है। बीते 27 अगस्त को रानपुर ब्लॉक के दुर्जेपुर निवासी एक युवक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर बयान दिया था कि वह मुंबई में रहता है। उसने कभी मनरेगा में मजदूरी नहीं की लेकिन उसके खाते में मनरेगा के 3528 रुपये का भुगतान करा दिया गया और मांगा जा रहा है। इससे पहले बीते तीन अगस्त को कमालसेनपुर गांव में विकास कार्यों में धांधली की शिकायत की जांच करने पहुंची टीम के साथ अभद्रता और अभिलेख नहीं दिखाने पर पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया था। इससे पहले फरवरी 2024 में फर्जी दस्तावेज के सहारे प्रधान पद पर आसीन होने की पुष्टि पर डीएम ने प्रधान रवींद्र कुमार प्रजापति के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए थे। प्रधान ने इस आदेश पर हाईकोर्ट से स्टे लेकर फिर से बहाली करा ली थी।
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इब्राहिमाबाद के प्रधान का वित्तीय अधिकार सीज हुआ
इसके अलावा 21 माह के भीतर जिलाधिकारी ने घोसी ब्लॉक के इब्राहिमाबाद के प्रधान का वित्तीय अधिकार सीज कर दिया था। जांच में गलत जन्मतिथि के आधार पर प्रधान पद पर आसीन होना और पंचायत भवन निर्माण में 16,870 रुपये गबन होना पाया गया था। हाईकोर्ट के आदेश पर जिलाधिकारी ने रानीपुर ब्लॉक के कमरवा के प्रधान का वित्तीय अधिकार सीज करते हुए पंचायत सचिव को भी निलंबित किया गया था।
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सरकारी धन के दुरुपयोग पर हुई कार्रवाई
जांच में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने पर डीएम ने फतहपुर मंडाव ब्लॉक के लधुआई ग्राम पंचायत के प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए थे। 3.41 लाख रुपये के सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होने पर परदहां ब्लॉक के कुशमौर गांव के प्रधान का वित्तीय अधिकार सीज कर पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया था। 8 लाख रुपये की वित्तीय अनयिमितता पर घोसी ब्लॉक के ग्राम पंचायत इटौरा डोरीपुर की महिला प्रधान का वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज किया गया था। फतहपुर मंडाव ब्लॉक के ग्राम पंचायत काठतरांव में विकास कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर प्रधान पद सीज किया गया था।


कोट -

विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायतों की संख्या 67 है, जो शपथपत्र पर दिए गए हैं। कुछ मामलों में टीम गठित कर ली गई है, कुछ में बाकी है। जिन ग्राम पंचायतों में पूर्व में कार्रवाई हो चुकी है। वहां अब इस तरह की शिकायतें नहीं हैं। - कुमार अमरेंद्र, डीपीआरओ, मऊ
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