फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Action did not take place even after seven and a half months of investigation

जांच के साढे सात माह बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

Wed, 04 Nov 2020 11:50 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 04 Nov 2020 11:50 PM IST
विज्ञापन
Action did not take place even after seven and a half months of investigation
मऊ। रानीपुर ब्लाक के कटघर संजर गांव में विकास कार्यों के नाम पर लाखों की अनियमितता की शिकायत पर डीएम ने जांच कराई। जांच अधिकारी ने साढ़े सात महीने पहले मार्च में गांव में जाकर स्थलीय जांच किया था। छह महीने बाद जांच अधिकारी ने 11 सितंबर को डीएम को रिपोर्ट सौंपी थी। लेकिन रिपोर्ट पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे गांव वालों में आक्रोश है।
विज्ञापन

कटघर संजर गांव निवासी डॉ. ओम प्रकाश यादव ने फरवरी 2020 में जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर गांव में विकास कार्यों में लाखों की हेराफेरी की शिकायत करते हुए जांच कराने की मांग किया था। तत्कालीन जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने एआर को आपरेटिव विवेक कौशल को जांच सौपी थी। 16 मार्च 2020 को गांव में जाकर जांच अधिकारी ने जांच किया था। गांव में गए जांच अधिकारी को ग्रामीणों ने बताया था कि पोखरी में पिछले 5 सालों में कोई खुदाई नहीं हुई है जबकि तीनों पोखरी पर 5 लाख 76 हजार 430 रुपयों का भुगतान 2019 -2020 में ले लिया गया।ग्राम सभा में कहीं भी सामुदायिक केंद्र नहीं बना है जबकि इसके नाम पर एक लाख 80 हजार रुपये बीते 7 जनवरी 2020 को उतार लिए गए हैं। जांच अधिकारी को सेक्रेटरी ने बताया था कि इस धन का उपयोग प्राथमिक विद्यालय की चहारदीवारी पर किया गया।
विज्ञापन

जबकि इसकी चारदीवारी के नाम पर 4 लाख 8 हजार 156 रुपयों का भुगतान कायाकल्प के नाम पर 14 फरवरी 2020 को ले लिया गया है। बख्तियार चक पुरवे में नाली मरम्मत के नाम पर 53257 रुपयों का भुगतान ले लिया गया। जबकि यह नाली 10 वर्ष पूर्व की बनी है। चंद्रिका के घर से लोचन के घर तक सोलिंग मरम्मत के नाम पर दो 44 हजार का भुगतान व राजापुर नहर पुलिया से रामरतन के खेत तक सोलिंग मरम्मत के नाम पर 134336 रुपये निकाले गए हैं। जांच अधिकारी के पूछने पर सेक्रेटरी का कहना था कि इन दोनों कार्यों पर कोई भुगतान नहीं हुआ है। जबकि सरकारी दस्तावेज बता रहे हैं कि दोनों कार्यों पर भुगतान हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जांच अधिकारी ने 11 सितंबर को अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दिया। भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार इस मामले में ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी को अनियमितता का दोषी माना गया है। चार लाख रुपयों की वसूली तथा आरोपियोंके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश है लेकिन डीपीआरओ कार्यालय में यह पत्रावली दबी पड़ी है। हालांकि डीपीआरओ घनश्याम सागर का कहना है कि अभी जांच रिपोर्ट के बाबत पत्रावली नहीं मिली है। पत्रावली मिलते ही उसका अध्ययन करके जिलाधिकारी के आदेश का पालन कराया जाएगा और दोषियों के खिलाफ विधि संगत कार्रवाई की जाएगी और कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed