{"_id":"6adbac5b77d3f5390b062078","slug":"youth-should-join-the-arya-samaj-and-walk-the-path-of-truth-swami-swadesh-mathura-news-c-160-1-sagr1034-107366-2026-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"आर्य समाज से जुड़कर सत्य के मार्ग पर चलें युवा: स्वामी स्वदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आर्य समाज से जुड़कर सत्य के मार्ग पर चलें युवा: स्वामी स्वदेश
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कोसीकलां। आर्य समाज कोसीकलां के 88वें वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को विद्वानों ने महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती के जीवन, वेदों के प्रचार-प्रसार और आर्य समाज के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर युवाओं को आर्य समाज से जुड़ने और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जीवन से प्रेरणा लेने पर भी जोर दिया।
आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश के प्रधान आचार्य स्वामी स्वदेश महाराज ने कहा कि युवाओं को सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने युवा पीढ़ी से समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने और वैदिक विचारधारा के प्रति लोगों को जागरूक करने का आग्रह किया। उन्होंने महर्षि दयानंद के विचारों को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि राम ने पिता की आज्ञा से चौदह वर्ष वन में बिताए और ऋषियों की सुरक्षा के लिए राक्षसों का वध किया। राम का अपने भाइयों के प्रति प्रेम अकल्पनीय रहा। आचार्य कपिल मलिक ने कहा कि आज के युवाओं को राम के जीवन से सीख लेनी चाहिए, जिससे वे समाज और देश की भलाई के लिए आगे आ सकें। भजनोपदेशक कुलदीप शास्त्री ने राम के जीवन से मिलने वाली शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में स्वेता आर्या, धनीराम बेधड़क, बालकिशन शास्त्री, आचार्य मनोज, संरक्षक ओमप्रकाश आर्य, प्रधान प्रकाश आर्य, मंत्री सुरेंद्र आर्य और नरेंद्र सिंघला सहित कई लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
कोसीकलां। आर्य समाज कोसीकलां के 88वें वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को विद्वानों ने महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती के जीवन, वेदों के प्रचार-प्रसार और आर्य समाज के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर युवाओं को आर्य समाज से जुड़ने और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जीवन से प्रेरणा लेने पर भी जोर दिया।
आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश के प्रधान आचार्य स्वामी स्वदेश महाराज ने कहा कि युवाओं को सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने युवा पीढ़ी से समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने और वैदिक विचारधारा के प्रति लोगों को जागरूक करने का आग्रह किया। उन्होंने महर्षि दयानंद के विचारों को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि राम ने पिता की आज्ञा से चौदह वर्ष वन में बिताए और ऋषियों की सुरक्षा के लिए राक्षसों का वध किया। राम का अपने भाइयों के प्रति प्रेम अकल्पनीय रहा। आचार्य कपिल मलिक ने कहा कि आज के युवाओं को राम के जीवन से सीख लेनी चाहिए, जिससे वे समाज और देश की भलाई के लिए आगे आ सकें। भजनोपदेशक कुलदीप शास्त्री ने राम के जीवन से मिलने वाली शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में स्वेता आर्या, धनीराम बेधड़क, बालकिशन शास्त्री, आचार्य मनोज, संरक्षक ओमप्रकाश आर्य, प्रधान प्रकाश आर्य, मंत्री सुरेंद्र आर्य और नरेंद्र सिंघला सहित कई लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन