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ब्रजवासी आज करेंगे दिल्ली कूच
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 15 Mar 2015 12:25 AM IST
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कोसी के हिंदू इंटर कालेज के मैदान में देशभर के संतों ने निर्मल यमुना के संकल्प के साथ आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। दिनभर चली पंचायत में श्रीश्री रविशंकर, संत रमेश बाबा सहित देश भर के प्रमुख संतों ने इस बार की पदयात्रा में हथिनीकुंड से यमुना की मुक्ति तक दिल्ली में ही डटे रहने का ऐलान किया है। यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा सुबह नौ बजे कूच करेगी। महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान, गुजरात और बंगाल से आए लोग भी शामिल रहे।
महापंचायत में आर्ट ऑफ लिविंग के प्रणेता श्रीश्री रविशंकर, आतंकवाद विरोधी मोर्चा के एमएस बिट्टा ने न केवल इस अभियान को समय की जरूरत बताया वरन पूर्ण रूप से सहयोग का वादा किया। महापंचायत में यमुना मुक्तिकरण अभियान के प्रणेता संत रमेश बाबा ने कहा कि हम पिछले आंदोलन में भी समझौते के पक्ष में नहीं थे। हमें अविरल यमुना की धारा चाहिए।
ब्रज के गांव-गांव में लोग इस पदयात्रा में निर्मल यमुना के लिए प्राण न्यौछावर करने को तैयार हैं। दिल्ली की सरकार को ब्रजवासियों की भावना समझनी होगी। हमें पूर्ण विश्वास है यमुना महारानी ब्रज में आएंगी। संत रमेश बाबा ने नाम लिए बगैर कहा कि पिछले आंदोलन में साथ रहे एक व्यक्ति ने मेरी इच्छा के विपरीत समझौता किया आज उसका अलग आंदोलन व्यर्थ चला गया।
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श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि यमुना मुक्तिकरण अभियान का हर कदम सफलता की ओर है। संत उपासना करते हैं लेकिन जरूरत पड़ने पर धरना भी दे सकते हैं। यमुना में नाले गिरते हैं ये देख दुख होता है। रसायनों से कैं सर हो रहा है। हमने स्वयं ‘मेरी दिल्ली-मेरी यमुना’ अभियान चला रखा है।
भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि यमुना के प्रदूषण से खेती जहरीली हो रही है। किसानों को रोग लग रहे हैं। ऐसे में किसान, यमुना के किनारे के लोगों के जीवन के लिए यमुना की अविरल धारा जरूरी है। महापंचायत में गीता मनीषी ज्ञानानंद, फूलडोल बिहारी दास, राधाकांत शास्त्री, सुनील सिंह, छाता के विधायक ठाकुर तेजपाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण, एमएलसी लेखराज सिंह आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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महापंचायत में आर्ट ऑफ लिविंग के प्रणेता श्रीश्री रविशंकर, आतंकवाद विरोधी मोर्चा के एमएस बिट्टा ने न केवल इस अभियान को समय की जरूरत बताया वरन पूर्ण रूप से सहयोग का वादा किया। महापंचायत में यमुना मुक्तिकरण अभियान के प्रणेता संत रमेश बाबा ने कहा कि हम पिछले आंदोलन में भी समझौते के पक्ष में नहीं थे। हमें अविरल यमुना की धारा चाहिए।
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ब्रज के गांव-गांव में लोग इस पदयात्रा में निर्मल यमुना के लिए प्राण न्यौछावर करने को तैयार हैं। दिल्ली की सरकार को ब्रजवासियों की भावना समझनी होगी। हमें पूर्ण विश्वास है यमुना महारानी ब्रज में आएंगी। संत रमेश बाबा ने नाम लिए बगैर कहा कि पिछले आंदोलन में साथ रहे एक व्यक्ति ने मेरी इच्छा के विपरीत समझौता किया आज उसका अलग आंदोलन व्यर्थ चला गया।
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श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि यमुना मुक्तिकरण अभियान का हर कदम सफलता की ओर है। संत उपासना करते हैं लेकिन जरूरत पड़ने पर धरना भी दे सकते हैं। यमुना में नाले गिरते हैं ये देख दुख होता है। रसायनों से कैं सर हो रहा है। हमने स्वयं ‘मेरी दिल्ली-मेरी यमुना’ अभियान चला रखा है।
भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि यमुना के प्रदूषण से खेती जहरीली हो रही है। किसानों को रोग लग रहे हैं। ऐसे में किसान, यमुना के किनारे के लोगों के जीवन के लिए यमुना की अविरल धारा जरूरी है। महापंचायत में गीता मनीषी ज्ञानानंद, फूलडोल बिहारी दास, राधाकांत शास्त्री, सुनील सिंह, छाता के विधायक ठाकुर तेजपाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण, एमएलसी लेखराज सिंह आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।