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हेमराज की श्ाहादत काे नहीं मिला पीएम से सम्म्ाान
हिमांशु त्रिपाठी
Updated Thu, 08 Jan 2015 12:06 AM IST
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सीमा पर शहीद शेरनगर के हेमराज की पत्नी धर्मवती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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से दुखी हैं। वह तीन बार मिलने का जतन कर चुकी हैं, लेकिन अब तक मुलाकात
नहीं हो सकी। धर्मवती पीएम मोदी को शहीद हेमराज के शहादत दिवस का न्योता
अपने हाथों से देना चाहती थीं, लेकिन उनकी हसरत पूरी नहीं हो सकी। निराश
हेमवती कहती हैं कि हमें पीएम मोदी से अब कोई उम्मीद नहीं है।
आठ जनवरी 2013 को शेरनगर के हेमराज का सिर सीमा पर पाक सैनिक काट ले गए थे। उस वक्त वर्तमान गृहमंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश तक आए थे। सुषमा स्वराज ने तो यहां तक कह दिया था कि यदि हेमराज का सिर पाक वापस नहीं देता है तो उसके बदले में 10 सिर लाना चाहिए।
वर्तमान में सारे देश में अच्छे दिन आएंगे की गूंज है, लेकिन शहीद हेमराज की पत्नी इत्तेफाक नहीं रखती हैं। वह दुखी हैं कि तीन बार की कोशिश के बावजूद मोदी को वह शेरनगर में अपने पति हेमराज के शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में आने की नहीं कह सकीं। उनके दफ्तर में निमंत्रण पत्र दे दिया गया।
धर्मवती कहती हैं कि जब मुलाकात तक नहीं हो पा रही है तो ऐसे में उनसे और क्या उम्मीद कर सकते हैं। गृहमंत्री राजनाथ सिंह से शहीद के भाई जय सिंह की मुलाकात जरूर हुई, लेकिन उन्होंने भी आठ जनवरी को शहादत दिवस पर आयोजित प्रतिमा अनावरण में आने का यकीन नहीं दिलाया। जय सिंह कहते हैं कि जवाब गोलमोल था।
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खुद के पैसों से बनवाई है प्रतिमा
शहीद हेमराज की प्रतिमा ठीक नहीं थी इसलिए इस बार उसे बदला जा रहा है। शहीद के भाई जय सिंह कहते हैं कि डेढ़ लाख रुपये खर्च करके जयपुर से प्रतिमा बनवाई है। यही इच्छा थी कि केंद्र सरकार का कोई मंत्री आकर इसका अनावरण करे, लेकिन किसी ने आने का वादा नहीं किया।
बेटा को फौज में भेजने की तमन्ना
शहीद हेमराज की पत्नी की तमन्ना बेटा प्रिंस को फौज में भेजने की है। प्रिंस अभी कक्षा चार में है और पांचवीं के बाद धर्मवती उसे सेना के स्कूल में दाखिला कराना चाहती हैं।
हमें अच्छे दिन की कोई उम्मीद नहीं है। तीन बार प्रयास के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का समय नहीं मिल पाया है। हम और क्या उम्मीद करें?
- धर्मवती, पत्नी शहीद हेमराज, शेरनगर मथुरा
शहादत के वक्त श्रद्धांजलि देने राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज सहित कई नेता आए थे जो आज केंद्र सरकार में अहम विभागों के मंत्री हैं, लेकिन अब प्रतिमा अनावरण के लिए कोई नहीं आया। स्मारक, दो भाइयों की नौकरी, पेट्रोलपंप या गैस एजेंसी जैसे वादे भी अधूरे हैं।
- जय सिंह, (शहीद हेमराज के भाई) शेरनगर, मथुरा
आठ जनवरी 2013 को शेरनगर के हेमराज का सिर सीमा पर पाक सैनिक काट ले गए थे। उस वक्त वर्तमान गृहमंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश तक आए थे। सुषमा स्वराज ने तो यहां तक कह दिया था कि यदि हेमराज का सिर पाक वापस नहीं देता है तो उसके बदले में 10 सिर लाना चाहिए।
वर्तमान में सारे देश में अच्छे दिन आएंगे की गूंज है, लेकिन शहीद हेमराज की पत्नी इत्तेफाक नहीं रखती हैं। वह दुखी हैं कि तीन बार की कोशिश के बावजूद मोदी को वह शेरनगर में अपने पति हेमराज के शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में आने की नहीं कह सकीं। उनके दफ्तर में निमंत्रण पत्र दे दिया गया।
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धर्मवती कहती हैं कि जब मुलाकात तक नहीं हो पा रही है तो ऐसे में उनसे और क्या उम्मीद कर सकते हैं। गृहमंत्री राजनाथ सिंह से शहीद के भाई जय सिंह की मुलाकात जरूर हुई, लेकिन उन्होंने भी आठ जनवरी को शहादत दिवस पर आयोजित प्रतिमा अनावरण में आने का यकीन नहीं दिलाया। जय सिंह कहते हैं कि जवाब गोलमोल था।
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खुद के पैसों से बनवाई है प्रतिमा
शहीद हेमराज की प्रतिमा ठीक नहीं थी इसलिए इस बार उसे बदला जा रहा है। शहीद के भाई जय सिंह कहते हैं कि डेढ़ लाख रुपये खर्च करके जयपुर से प्रतिमा बनवाई है। यही इच्छा थी कि केंद्र सरकार का कोई मंत्री आकर इसका अनावरण करे, लेकिन किसी ने आने का वादा नहीं किया।
बेटा को फौज में भेजने की तमन्ना
शहीद हेमराज की पत्नी की तमन्ना बेटा प्रिंस को फौज में भेजने की है। प्रिंस अभी कक्षा चार में है और पांचवीं के बाद धर्मवती उसे सेना के स्कूल में दाखिला कराना चाहती हैं।
हमें अच्छे दिन की कोई उम्मीद नहीं है। तीन बार प्रयास के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का समय नहीं मिल पाया है। हम और क्या उम्मीद करें?
- धर्मवती, पत्नी शहीद हेमराज, शेरनगर मथुरा
शहादत के वक्त श्रद्धांजलि देने राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज सहित कई नेता आए थे जो आज केंद्र सरकार में अहम विभागों के मंत्री हैं, लेकिन अब प्रतिमा अनावरण के लिए कोई नहीं आया। स्मारक, दो भाइयों की नौकरी, पेट्रोलपंप या गैस एजेंसी जैसे वादे भी अधूरे हैं।
- जय सिंह, (शहीद हेमराज के भाई) शेरनगर, मथुरा