फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   when krishna called braj dulah

... जब कृष्ण कहलाए ‘ब्रज दूलह’

Sun, 26 Feb 2017 12:19 AM IST
अमर उजाला मथुरा
अमर उजाला मथुरा Updated Sun, 26 Feb 2017 12:19 AM IST
विज्ञापन
when krishna called braj dulah
कृष्ण - फोटो : अमर उजाला
योगीराज श्रीकृष्ण ने अपने भक्तों को सुख देने के लिए ब्रज मंडल में अनेक लीलाएं की हैं। एक बार गोपियों को सुख पहुंचाने के लिए बाल कृष्ण लाठियों के डर से गायों के खिरक में जा छिपे। 
विज्ञापन


पौराणिक मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण गोपियों को कई तरह से परेशान किया करते थे। कभी उनकी मटकी फोड़ देते तो कभी चीरहरण कर लेते। एक बार बरसाना की गोपियों ने कृष्ण को सबक सिखाने की योजना बनाई। उन्होंने कृष्ण को उनके सखाओं के साथ बरसाना होली खेलने का न्यौता दिया। श्रीकृष्ण और ग्वाल जब होली खेलने बरसाना पहुंचे तो उन्होंने देखा कि बरसाना की गोपियां हाथ में लाठियां लेकर खड़ी हैं। 
विज्ञापन


लाठियां देख ग्वाल-बाल भाग गए। अब श्रीकृष्ण अकेले पड़ गए और गायों के खिरक में जा छिपे। जब गोपियों ने कान्हा को ढूंढा और यह कह कर बाहर निकाला कि ‘यहां दूल्हा बन कर बैठा है, चल निकल बाहर होली खेलते हैं’। इसके बाद गोपियों ने श्रीकृष्ण के साथ जम कर होली खेली। तभी से भगवान का एक नाम ब्रज दूलह भी पड़ गया। आज भी जब नंदगांव के हुरियारे बरसाने जाते हैं तो राधारानी के मंदिर के बाद ब्रज दूलह के दर्शन करने अवश्य जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उनसे होली खेलने की अनुमति मांगते हैं। भूमियां गली स्थित कटारा हवेली में ब्रज दूलह का छोटा सा मंदिर हैं। सेवायत गोकुलेश कटारा ने बताया कि आज भी ब्रज दूलह की सेवा राधारानी के सखी भाव के चलते बालिकाओं द्वारा की जाती है। कृष्ण स्वरूप पताका लठामार होली शुरू होने से पूर्व यहां लाई जाती हैै।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed