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बांकेबिहारी ने भक्तों संग खेली गुलाल की होली
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 02 Feb 2017 12:06 AM IST
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बांकेबिहारी मंदिर में गुलाल की होली
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वसंत पंचमी के पर्व पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में अबीर गुलाल के बादल से छा गए। मंदिर में इंद्रधनुषी छटा को देख भक्त गदगद हो उठे। इसके साथ ही ब्रज में होली महोत्सव का शुभारंभ हो गया। वसंत पंचमी पर बुधवार को जन-जन के आराध्य ठाकुर बांकेबिहारी लाल अपने भक्तों के साथ गुलाल से होली खेली।
शृंगार आरती के दर्शन के बाद भक्तों की भीड़ अपने आराध्य संग होली खेलने को उमड़ पड़ी। मंदिर सेवायतों ने सर्वप्रथम ठाकुर बांकेबिहारी के मस्तक, गालों और ठोड़ी पर गुलाल लगाया और इसके बाद चांदी के थालों से सुगंधित अबीर गुलाल श्रद्धालुओं पर उड़ाया गया।
श्रद्धालुओं में अपने आराध्य के दर्शन से भी ज्यादा उनका प्रसादी अबीर गुलाल अपने शरीर पर पर डालवाने की होड़ रही। श्रद्धालु होली की मस्ती में सराबोर होकर खुद को धन्य मान रहे थे। सेवायत रवींद्र गोस्वामी, प्रणव गोस्वामी और रघु गोस्वामी ने बताया कि ब्रज की परंपरागत होली की शुरुआत वसंत पंचमी से होती है। रंगभरनी एकादशी आते ही होली का रंग चरम पर हो जाता है।
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धर्मनगरी के मंदिरों में होली का शुभारंभ
ब्रज में होली का डांढ़ा वसंत पंचमी को ही गाड़ा जाता है। इसी के साथ राधावल्लभ मंदिर, राधादामोदर, सेवाकुंज मंदिर, यशोदानंदन मंदिर आदि में फागुन का उत्सव शुरू हो गया।
देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु
वसंत पंचमी को ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की होली का आनंद लेने के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालु शामिल हुए। दिल्ली से परिवार के साथ मनोज ने बताया कि वह कई वर्षों से अपने परिवार के साथ वसंत पंचमी पर बांकेबिहारी महाराज के दर्शन के लिए आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ब्रज की होली का अपना अलग ही आनंद है।
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शृंगार आरती के दर्शन के बाद भक्तों की भीड़ अपने आराध्य संग होली खेलने को उमड़ पड़ी। मंदिर सेवायतों ने सर्वप्रथम ठाकुर बांकेबिहारी के मस्तक, गालों और ठोड़ी पर गुलाल लगाया और इसके बाद चांदी के थालों से सुगंधित अबीर गुलाल श्रद्धालुओं पर उड़ाया गया।
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श्रद्धालुओं में अपने आराध्य के दर्शन से भी ज्यादा उनका प्रसादी अबीर गुलाल अपने शरीर पर पर डालवाने की होड़ रही। श्रद्धालु होली की मस्ती में सराबोर होकर खुद को धन्य मान रहे थे। सेवायत रवींद्र गोस्वामी, प्रणव गोस्वामी और रघु गोस्वामी ने बताया कि ब्रज की परंपरागत होली की शुरुआत वसंत पंचमी से होती है। रंगभरनी एकादशी आते ही होली का रंग चरम पर हो जाता है।
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धर्मनगरी के मंदिरों में होली का शुभारंभ
ब्रज में होली का डांढ़ा वसंत पंचमी को ही गाड़ा जाता है। इसी के साथ राधावल्लभ मंदिर, राधादामोदर, सेवाकुंज मंदिर, यशोदानंदन मंदिर आदि में फागुन का उत्सव शुरू हो गया।
देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु
वसंत पंचमी को ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की होली का आनंद लेने के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालु शामिल हुए। दिल्ली से परिवार के साथ मनोज ने बताया कि वह कई वर्षों से अपने परिवार के साथ वसंत पंचमी पर बांकेबिहारी महाराज के दर्शन के लिए आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ब्रज की होली का अपना अलग ही आनंद है।