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Mathura News: ततरौता गोशाला में दो और गायों ने तोड़ा दम, हंगामा
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मथुरा। बलदेव के गांव ततरौठा में गोशाला में बीमार लाचार गोवंश।
- फोटो : mathura
बलदेव (मथुरा)। क्षेत्र के गांव नगला अर्जुन-ततरौता में बनी सरकारी गोशाला में गायें भूख-प्यास और बीमारी से तड़प कर दम तोड़ रही हैं। शनिवार को दो गायों के मरने के बाद रविवार को भी दो गायों ने दम तोड़ दिया। क्षेत्रीय गोरक्षकों ने मौके पर पहुंच कर हंगामा किया। ग्रामीणों ने बलदेव थाने पर पहुंचकर आक्रोश जताया। नारेबाजी कर गायों को चारा, भूसा, पानी व इलाज की बेहतर व्यवस्था कराने की मांग की। पुलिस ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि जिलाधिकारी व एसडीएम को अवगत कराया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
गोशाला में गोवंश के लिए खाने-पीने की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बेजुबान दम तोड़ रहीं हैं। शनिवार व रविवार को दो-दो गायों ने दम तोड़ दिया। वहीं काफी गाएं गंभीर रूप से बीमार होकर जमीन पर पड़ी हैं। ग्रामीण डाॅ. एनपी सिंह भरंगर प्रधान, ओमवीर सिंह, राजन सिंह, बच्चू सिंह, रामवीर सिंह, जगन सिंह, ओमप्रकाश, मुख्तयार अमर सिंह, पप्पू ने बताया कि अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
रविवार को भी दो गायों के करने पर ग्रामीण एकत्रित होकर बलदेव थाने पहुंचे और आक्रोश व्यक्त किया। पुलिस ने मामला शांत कर ग्रामीणों से गायों का अंतिम संस्कार करवाया। लोगों का आरोप है कि कर्मचारी गायों के भूसे-चारे को घर ले जाते हैं और गोशाला में गायें भूखी-प्यासी रह जाती हैं। बीमार गायों का उपचार करने भी कोई नहीं आता है। बीडीओ नेहा रावत ने बताया मामले की जानकारी नहीं है। टीम भेजकर जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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नंदिनी गोशाला पर दो साधु भूख हड़ताल पर बैठे
बलदेव। खडैरा मोड़ के समीप श्रीदाऊजी नंदिनी गोशाला की भूमि को लेकर उत्पन्न विवाद से परेशान ट्रस्ट के अध्यक्ष साधु देवेश व्यास व उपाध्यक्ष सर्वेश व्यास सात दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। अभी तक पुलिस व प्रशासनिक अफसरों की नींद नहीं खुली हैं।
गोशाला की जमीन को लेकर 15 दिन से विवाद चल रहा है। गोशाला में लगभग 80 गोवंश हैं। इनमें दुर्घटना व कुत्तों द्वारा घायल गाय व बछड़े हैं। देवेश व्यास व सर्वेश व्यास ने बताया नंदिनी गोशाला छह वर्ष से चल रही है। भूमि स्वामी ने अब भूमि को खाली करने की बात कही है। इससे वह भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी मांग है भूमि को गोशाला के नाम किया जाए। इधर भूमि दानदाता विनय अग्रवाल ने कहा उन्होंने गोशाला के लिए भूमि दान दी है। दानदाताओं ने दान सहयोग कर लगभग 50 लाख रुपये से निर्माण कार्य कराए हैं। सात दिन पूर्व मृत गोवंश को इसी जमीन पर दफनाने को लेकर विवाद हुआ था।
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गोशाला में गोवंश के लिए खाने-पीने की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बेजुबान दम तोड़ रहीं हैं। शनिवार व रविवार को दो-दो गायों ने दम तोड़ दिया। वहीं काफी गाएं गंभीर रूप से बीमार होकर जमीन पर पड़ी हैं। ग्रामीण डाॅ. एनपी सिंह भरंगर प्रधान, ओमवीर सिंह, राजन सिंह, बच्चू सिंह, रामवीर सिंह, जगन सिंह, ओमप्रकाश, मुख्तयार अमर सिंह, पप्पू ने बताया कि अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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रविवार को भी दो गायों के करने पर ग्रामीण एकत्रित होकर बलदेव थाने पहुंचे और आक्रोश व्यक्त किया। पुलिस ने मामला शांत कर ग्रामीणों से गायों का अंतिम संस्कार करवाया। लोगों का आरोप है कि कर्मचारी गायों के भूसे-चारे को घर ले जाते हैं और गोशाला में गायें भूखी-प्यासी रह जाती हैं। बीमार गायों का उपचार करने भी कोई नहीं आता है। बीडीओ नेहा रावत ने बताया मामले की जानकारी नहीं है। टीम भेजकर जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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नंदिनी गोशाला पर दो साधु भूख हड़ताल पर बैठे
बलदेव। खडैरा मोड़ के समीप श्रीदाऊजी नंदिनी गोशाला की भूमि को लेकर उत्पन्न विवाद से परेशान ट्रस्ट के अध्यक्ष साधु देवेश व्यास व उपाध्यक्ष सर्वेश व्यास सात दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। अभी तक पुलिस व प्रशासनिक अफसरों की नींद नहीं खुली हैं।
गोशाला की जमीन को लेकर 15 दिन से विवाद चल रहा है। गोशाला में लगभग 80 गोवंश हैं। इनमें दुर्घटना व कुत्तों द्वारा घायल गाय व बछड़े हैं। देवेश व्यास व सर्वेश व्यास ने बताया नंदिनी गोशाला छह वर्ष से चल रही है। भूमि स्वामी ने अब भूमि को खाली करने की बात कही है। इससे वह भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी मांग है भूमि को गोशाला के नाम किया जाए। इधर भूमि दानदाता विनय अग्रवाल ने कहा उन्होंने गोशाला के लिए भूमि दान दी है। दानदाताओं ने दान सहयोग कर लगभग 50 लाख रुपये से निर्माण कार्य कराए हैं। सात दिन पूर्व मृत गोवंश को इसी जमीन पर दफनाने को लेकर विवाद हुआ था।